बॉडी लैंग्वेज क्या होता है

अपने दैनिक जीवन में बेहतरीन तरीके से काम करने के बावजूद भी कई बार ऐसा होता है कि, हम अपने काम को दमदार तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, जिसकी मुख्य वजह होती है हमारी बॉडी लैंग्वेज। अगर हमारी बॉडी लैंग्वेज सही नहीं है तो लोगों के मध्य हमारी गलत छवि का निर्माण होता है।

अगर आप अपनी खराब बॉडी लैंग्वेज को परफेक्ट बॉडी लैंग्वेज में तब्दील कर देते हैं तो आप अपने आपको बूस्ट भी कर सकेंगे, साथ ही अपनी एक अलग पहचान भी बना सकेंगे। इसलिए आइए इस लेख में  बॉडी लैंग्वेज क्या होता है | बॉडी लैंग्वेज कैसे सुधारे [Body Language Tips in Hindi] इस विषय पर जानकारी हासिल करते हैं।

Self Introduction in Hindi

बॉडी लैंग्वेज क्या होता है ? [Body Language Meaning in Hindi]

नाटक शास्त्रों में बॉडी लैंग्वेज को अंग से अभिनय कहा गया है। जिसे प्रायः शारीरिक भाषा भी कहा जाता है, बॉडी लैंग्वेज एक कला है जिसके माध्यम से व्यक्ति द्वारा मौखिक रूप से नहीं अपितु इशारों के अंतर्गत बातें कही जाती हैं। वास्तव में  अपनी बॉडी लैंग्वेज को सही समय पर प्रदर्शित करना एक कला होती है।

लोगों द्वारा खुलकर हंसना, बातचीत करना या फिर रोना इन सभी परीस्तिथियों में लोगों की प्रतिक्रिया ही बॉडी लैंग्वेज का प्रमुख उदाहरण है।

बॉडी लैंग्वेज एक अपरिवर्तनीय अवस्था है अर्थात यह समय, वातावरण, भावना और परिस्थिति के अनुरूप बदलती रहती है।

शारीरिक भाषा का सीधा संबंध हमारी सफलता से होता है।  हमारी शारीरिक भाषा का सीधा प्रभाव न सिर पर हमारे कामकाजी जिंदगी बल्कि पेशेवर जीवन (Professional life) में भी पड़ता है इसलिए उचित शारीरिक भाषा जीवन जीने में बेहद मददगार साबित होती है।

बॉडी लैंग्वेज के कौन- कौन से उदाहरण है ?  [Body Language Examples]

बॉडी लैंग्वेज के जरिए लोग दो तरह से अपनी बातें दूसरों को कहते हैं, वे या तो सकारात्मक या अच्छी बातें दूसरों को कहते हैं। या फिर अपने बॉडी लैंग्वेज के जरिए नकारात्मक तरीके से अपनी बात दूसरों को कहते हैं –

पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज

जब कोई व्यक्ति अपनी बॉडी लैंग्वेज के जरिए किसी को धन्यवाद कहने की कोशिश करता है या फिर दूसरो को खुश करने की कोशिश करता है तो वह पॉजिटिव लैंग्वेज के अंतर्गत आता है।

जब आप किसी को किसी चीज के लिए हां बोलते हैं या फिर अपने बॉडी मूवमेंट के जरिए अपने इमोशन दूसरों को दिखाने की कोशिश करते हैं तो वो भी पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज में आता हैं।

नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज

जब आप अपने बॉडी लैंग्वेज के जरिए किसी को अपना गुस्सा या फिर नफरत दिखाते हैं तो उसे नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज कहते हैं। इस तरह की शारीरिक भाषा को देखकर दूसरों को भी बहुत गुस्सा आता है।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज का इस्तेमाल दूसरों को अपने से दूर रखने के लिए या फिर किसी भी बातचीत को जल्दी खत्म करने के लिए करते है।

बॉडी लैंग्वेज कितने प्रकार की होती है ? | Types of Body Language in Hindi

ज्यादातर लोगों को लगता है कि फैसियल एक्सप्रेशन करना या फिर हाथों का मूवमेंट करना ही बॉडी लैंग्वेज के अंदर आता है। पर यह सिर्फ उनकी आधी अधूरी जानकारी है।

क्योंकि बॉडी लैंग्वेज के अंदर कई सारी चीजें आती है। ‌Study के अंतर्गत कुल 11 ऐसी चीजें हैं जिन्हें बॉडी लैंग्वेज के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है। जिनमें से कुछ सबसे जरूरी बॉडी लैंग्वेज के बारे में हमने आपको नीचे बताया है –

Facial expressions

जब भी बॉडी लैंग्वेज की बात की जाती है तब फेशियल एक्सप्रेशन को सबसे इसमें शामिल किया जाता है। क्योंकि लोग अपने चेहरे के हाव भाव के जरिए काफी अलग-अलग तरह के इमोशन दिखाने की कोशिश करते हैं। जो दूसरों को आसानी से समझ में भी आ जाता है।

Gestures

Gestures में हाथ के मूवमेंट को शामिल किया गया है, जब लोग अपने हाथों को अलग-अलग तरह से मोड़ कर या यूं कहें कि इशारों में वो काफी बातें कह देते हैं तो वह gestures कहा जाता है।

Eye gaze

Eye gaze का मतलब होता है आंखों का इशारा! आंख हमारी बॉडी लैंग्वेज का बहुत ही अहम हिस्सा होता है। हमारी आंखें बहुत सी बातें कहती हैं लेकिन परेशानी यही है कि कई लोगों को यह भाषा समझ में नहीं आती है। आपका किसी व्यक्ति या वस्तु को एकटक देखना यह भी इसी बात का उदाहरण है।

Ornamemts

Ornamemts यानी कि गहने ज्यादातर औरतें और लड़कियां पहनती है लेकिन कुछ लड़के होते हैं जिन्हें Ornamemts पहनने का शौक होता है। इतना ही नहीं जिस तरह के Ornamemts आप पहनते हैं वह आपकी पर्सनालिटी को प्रदर्शित करता है इसीलिए इसे भी बॉडी लैंग्वेज के अंदर शामिल किया गया है।

Haptics

जब आप किसी को छूकर कोई बात समझाने की कोशिश करते हैं तो वह इसी श्रेणी में आता है। जैसे कोई अच्छी बात कहने पर हाई-फाई करना हैप्टिक्स बॉडी लैंग्वेज का उदाहरण है।

Paralanguage

पैरालैंग्वेज भी आपकी बॉडी लैंग्वेज का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। क्योंकि जिस तरह कि आप की आवाज होती है या आप के आवाज की जो पीच (आवाज की लिपि) होती हैं। वो लोगों के सामने काफी अलग ढंग से आप को दर्शाती है। इसीलिए पैरालैंग्वेज को जरूरी बॉडी लैंग्वेज का हिस्सा माना जाता है।

Sign

कुछ ऐसे साइन होते हैं जो बॉडी लैंग्वेज को समझने में बहुत मदद करते हैं। क्योंकि इन संकेतों का प्रयोग तभी किया जाता है जब किसी को अपने बॉडी लैंग्वेज से कोई बात समझानी होती है। उदाहरण के लिए बोलू तो Thumbs up को ही ले लीजिए लोग दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिए जब भी उन्हें यह साइन दिखाते हैं तो ये साइन लोगों के बिना कुछ कहे भी उनकी बॉडी लैंग्वेज के जरिए उनकी बात उनके दोस्तों तक पहुंचा देती है। 

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Interview में किस तरह का बॉडी लैंग्वेज होना चाहिए ? [Body Language In Interview In Hindi]

जब आप इंटरव्यू देने के लिए जाते हैं तो इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति न सिर्फ आपके जवाबों को सुनता है, बल्कि आपके उठने बैठने, चेहरे के हाव भाव इत्यादि से वह व्यक्ति के बारे में काफी कुछ जान लेता है।

इसीलिए इंटरव्यू में आपकी बॉडी लैंग्वेज का अच्छा होना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे भी लिए तय होता है कि वह आपको नौकरी पर रखेंगे या नहीं !

Eye contact

जब आवेदक इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति से नजर नहीं मिलाता तो उन्हें लगता है कि इंटरव्यू दे रहे आदमी में कॉन्फिडेंस की कमी है।

इसीलिए हमेशा इंटरव्यू के दौरान Interviewer की आंखों में आंखें डाल कर सभी सवालों का जवाब दीजिए। ‌ऐसा करने पर ही व्यक्ति को लगेगा कि आप में कोई बात है जो कि मुश्किल आने पर भी आप नहीं रुके।

Sit up straight

इंटरव्यू के दौरान आप का सीधा बैठना बेहद जरूरी है क्योंकि अगर आप सीधे होकर नहीं बैठते हैं तो इंटरव्यू लेने वाले आदमी को लगेगा कि आप बहुत लेजी हैं और आपको नौकरी या कार्य में कोई दिलचस्पी भी नहीं है। 

Hand Gestures

इंटरव्यू में सामने बैठे आदमी को अपनी बात समझाने के लिए अगर आप अपने हाथों का इस्तेमाल करते हैं तो वह काफी अच्छा माना जाता है।

क्योंकि दिमाग पर रिसर्च करने वाले व्यक्तियों का ऐसा मानना है कि हाथ से Moment करके जब हम किसी को कोई बात कहते हैं तो वह बात उस व्यक्ति को ज्यादा जल्दी और बेहतर तरीके से समझ आ जाती हैं।

Face Touch न करें

कई सारे लोग इंटरव्यू देने के दौरान बार-बार अपने चेहरे पर हाथ रखते हैं या फिर अपने बालों को ठीक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह नेगेटिव बॉडी लैंग्वेज को दर्शाता है जो कि आपके इंटरव्यू के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है इसीलिए आपको इसे अवॉइड करना चाहिए।

मुस्कुराइए!

इंटरव्यू एक ऐसी चीज है जिसमें अच्छे से अच्छे और होनहार से होनहार बच्चे भी घबरा जाते हैं। लेकिन जो आदमी इंटरव्यू ले रहा होता है वो ये चाहता है कि जो उन्हें इंटरव्यू दे रहे हैं उन्हें अपनी जिंदगी में खुशी हो ताकि वह पूरी फोकस के साथ अपना काम कर सके।

बॉडी लैंग्वेज कैसे सुधारे ? [Body Language Improvement Tips]

Body Language Tips: अगर आप अपनी बॉडी लैंग्वेज को सुधारना चाहते हैं तो नीचे आपको हमने कुछ ऐसे टिप्स बताए हुए हैं जो बॉडी लैंग्वेज सुधारने में आपके काफी काम आने वाले हैं। इन टिप्स का पालन कर आप दूसरों की नजर में अपनी एक अच्छी छवि का निर्माण कर सकते हैं।

नजरों का संपर्क

आंखों के जरिए व्यक्ति के कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) का परिचय होता है। अतः किसी से जब आपकी बातचीत हो, तब आपको अपनी आंखों को चुराना नहीं चाहिए। अर्थात आपको सामने वाले व्यक्ति की आंखों में प्यार से देखना चाहिए। ऐसा अगर आप करेंगे तो सामने वाले व्यक्ति को यह लगेगा कि आप उसकी बातों में पूरी रुचि ले रहे हैं।

वहीं अगर आप उससे अपनी नजरें चुराएंगे तो उसे लगेगा कि आप उसकी बातों पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ध्यान दें आपके आंखें मिलाने का अंदाज़ कुछ ऐसा हो कि सामने वाले व्यक्ति को यह लगे कि आप उसे घूर नहीं रहे हैं।

विनम्रता के साथ मिले

विनम्रता किसी भी महान व्यक्ति के स्वभाव का परिचय होती है। अतः जब किसी भी व्यक्ति से आपकी मुलाकात हो चाहे वह बड़ा हो या बुजुर्ग हो, आपको उनके साथ विनम्रता के साथ मिलना है।

एक अच्छी बॉडी लैंग्वेज के मुताबिक व्यक्ति को सबसे पहले आपको हाथ मिलाना है अथवा आप को नमस्ते करना है और उसके बाद आपको प्यार से उनका हाल-चाल पूछना है और उसके बाद ही अपनी बात को आगे बढ़ाना है। ऐसा करके आप अपनी बात को बेहतरीन शुरुवात दे सकते हैं और यह एक बढ़िया बॉडी लैंग्वेज को भी दर्शाती है।

थोड़ी दूरी बनाए रखें

बॉडी लैंग्वेज को बेहतरीन करने के लिए आपको यह भी ध्यान रखना है कि जब आपकी मुलाकात किसी व्यक्ति विशेष से हो तो आपको उससे एकदम चिपक कर नहीं खड़ा होना है, बल्कि आपको उससे उचित दूरी मेंटेन करनी है।

अगर आप सामने वाले व्यक्ति के बिल्कुल पास खड़ा होंगे तो सामने वाले व्यक्ति को आरामदायक महसूस नहीं होगा और वह खुलकर अपनी बात भी नहीं कह सकेगा अथवा वह चिड़ भी सकता है।

इस प्रकार से आपकी बात अंजाम तक नहीं पहुंच पाएगी। इसलिए किसी भी व्यक्ति से मुलाकात होने पर उचित दूरी पर ही अपने आप को खड़ा करें।

झुकना नहीं है।

वर्तमान समय में लोग काफी आलसी हो गए हैं और वह अधिकतर समय बैठे रहने में ही व्यतीत करते हैं। जिसकी वजह से उन्हें झुक कर काम करने की आदत पड़ जाती है, परंतु अगर आप अपनी यह आदत किसी भी व्यक्ति से बात करने के दरमियान अपनाते हैं।

तो आपकी गलत छवि पेश हो सकती है अथवा लोग आपको आलसी व्यक्ति भी कह सकते हैं। इसलिए बॉडी लैंग्वेज को बेहतरीन करने में इस आदत का भी आपको ध्यान रखना है।

किसी भी व्यक्ति से जब आपकी बातचीत हो तो आप को झुकना नहीं है और ना ही आपको अपने हाथ पैर हिलाने हैं बल्कि आपको सहज होकर के व्यक्ति से बात करनी है। झुक कर बात करने से या फिर बातचीत के दरमियान हाथ पैर हिलाने से नकरात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुस्कुराता हुआ चेहरा

किसी के साथ जब आपकी मुलाकात हो तो आपको अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट अवश्य रखनी है और किसी भी प्रकार की चिंता आपके चेहरे पर बिल्कुल भी ना दिखाई दे इसका आपको प्रयास करना है।

क्योंकि जब कोई व्यक्ति आप सबका मुस्कुराता हुआ चेहरा देखेगा तो वह आपसे बातचीत किए बिना नहीं रह पाएगा और उस व्यक्ति के द्वारा बिना किसी परेशानी के या फिर संकोच के आपसे बातचीत भी की जाएगी।

पॉजिटिव रहना सीखें!

आपकी मुलाकात चाहे किसी भी व्यक्ति से क्यों ना हो, आपको हमेशा अपने व्यवहार को पॉजिटिव रखना है क्योंकि अगर आप अपने व्यवहार में नेगेटिविटी रखेंगे तो इससे कोई भी इंसान आप से प्रभावित नहीं होगा।

इसीलिए आपको हमेशा यही प्रयास करना है कि किसी से भी जब आप मिले तो आप को पॉजिटिव एनर्जी के साथ मिलना है, ताकि सामने वाला व्यक्ति आपकी पॉजिटिव विचारों से प्रभावित हो और वह आपको एक खुशमिजाज व्यक्ति समझे।

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