स्वास्थ्य प्रमाण पत्र [Format]



यदि आपको जॉब के उद्देश्य से या फिर किसी भी महत्वपूर्ण कार्य हेतु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र या Health Fitness Certificate की आवश्यकता पड़ती है तो आपको इस सर्टिफिकेट के बारे में पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए।



स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Swasthya Praman Patra) एक प्रकार का ऐसा दस्तावेज होता है, जिसका इस्तेमाल काफी कम ही किया जाता है। हालांकि कम इस्तेमाल होने के बावजूद इसकी मजत्वता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि अगर आप सही समय पर मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपको बहुत सारे फायदे भी प्राप्त होते हैं।

अगर आपको लंबे समय से छुट्टी नहीं मिल रही है तो आप मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार करवा करके छुट्टी प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि सामान्य तौर पर Medical Certificate के द्वारा जल्दी से छुट्टी स्वीकार की जाती है। आइए इस लेख में “मेडिकल सर्टिफिकेट क्या है” और “मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं” के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

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मेडिकल सर्टिफिकेट [स्वास्थ्य प्रमाण पत्र] क्या है ?

Medical Certificate को हिंदी भाषा में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र कहा जाता है। यह हेल्थ से संबंधित एक दस्तावेज होता है जिसमें आपकी शारीरिक समस्याओं का विवरण होता है।

दरअसल किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्तिथि में यह सर्टिफिकेट किसी कंपनी, संस्था को यह बतलाता है की आपको कोई शारीरिक समस्या है जिसके लिए आपको आराम की आवश्यकता है अतः आपको कुछ दिनों की छुट्टी लेनी होगी।

इस प्रकार यह कहा जा सकता है की इस सर्टिफिकेट के जरिए आप अपनी कंपनी में छुट्टी पाने की अर्जी डाल सकते है और इस बात की भी प्रबल संभावना है कि आप की अर्जी को स्वीकार कर लिया जाए।

इसी प्रकार जब आप गवर्नमेंट या फिर प्राइवेट कंपनी में मेडिकल सर्टिफिकेट को प्रस्तुत करके छुट्टी की डिमांड करते हैं, तो आपकी छुट्टी को तुरंत ही मंजूर कर दिया जाता है। बता दें अगर आप कंपनी में बिना मेडिकल सर्टिफिकेट को जमा किए हुए छुट्टी ले लेते हैं, तो इससे आपकी तनख्वाह भी कटती है, साथ ही आपकी नौकरी पर भी खतरा आ जाता है।

इसलिए जब कभी भी आपको किसी शारीरिक समस्या की वजह से कंपनी से छुट्टी लेने की आवश्यकता हो तो आपको मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा करके कंपनी में अवश्य प्रस्तुत करना चाहिए। मेडिकल सर्टिफिकेट आमतौर पर एमबीबीएस डॉक्टर बनाते हैं।

प्रायः अधिकतर लोग लंबी छुट्टी के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करते हैं जैसे कि 15 दिन अथवा 1 महीने की छुट्टी। हालांकि व्यक्ति चाहे तो इससे ऊपर के दिन की छुट्टी लेने के लिए भी मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर सकता है।

मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बनता है ?

मेडिकल सर्टिफिकेट यानी की स्वास्थ्य प्रमाण पत्र को बनाने के लिए आपको ऑनलाइन अप्लाई करने की आवश्यकता नहीं होती है ना ही आपको किसी के ऑफिस जाने की आवश्यकता होती है।

इस कार्य के लिए आपको ऐसे एमबीबीएस डॉक्टर को ढूंढना होता है, जो सर्टिसाइड एमबीबीएस डॉक्टर हो अथवा आप चाहे तो अपने घर के पास मौजूद जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पास भी जा सकते हैं, वहीं से आप फिटनेस सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं। नीचे मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने का तरीका आपको बताया जा रहा है।

  • अपना मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए आपको अपने घर के आस-पास में मौजूद सर्टिफाइड एमबीबीएस डॉक्टर के पास जाना है। आप चाहे तो अपने घर के पास में मौजूद जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पास भी पहुंच सकते हैं।
  • डॉक्टर के पास जाने के पश्चात आपको उनसे मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार करवाने के बारे में बातचीत करनी है और आपको इस बात का जिक्र भी उनके साथ करना है कि आप मेडिकल सर्टिफिकेट बन जाने के बाद उसका उपयोग किस जगह पर और किस लिए करना चाहते हैं।
  • कानून के नियमों के अनुसार डॉक्टर आपका मेडिकल चेक अप करने के बाद ही मेडिकल सर्टिफिकेट बनाएगा। इसलिए डॉक्टर के द्वारा आपकी पूरी बॉडी की मेडिकल चेकिंग की जाएगी और उसके पश्चात वह आवश्यकता पड़ने पर खुद भी आपकी बॉडी की जांच करेगा।
  • बॉडी की चेकिंग हो जाने के पश्चात अगर कोई समस्या आपकी बॉडी में पाई जाती है तो डॉक्टर उस समस्या की सारी इंफॉर्मेशन को मेडिकल सर्टिफिकेट में लिखेगा।
  • मेडिकल सर्टिफिकेट पर सारी इनफार्मेशन को लिखने के पश्चात डॉक्टर अपने सिग्नेचर को भी मेडिकल सर्टिफिकेट पर करेगा अथवा उसके पास अगर मोहर उपलब्ध होगी तो वह मोहर को भी मेडिकल सर्टिफिकेट पर मारेगा।
  • इसके साथ ही वह मेडिकल सर्टिफिकेट कौन सी तारीख को बनाया जा रहा है, उस तारीख को भी ऊपर की साइड में लिखेगा। इस प्रकार से डॉक्टर मेडिकल सर्टिफिकेट को प्रमाणित करता है।
  • इतनी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात आपका मेडिकल सर्टिफिकेट बन करके तैयार हो जाता है। अब आप जिस जगह पर मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करना चाहते थे, उस जगह पर मेडिकल सर्टिफिकेट का उपयोग कर सकते हैं।

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मेडिकल सर्टिफिकेट के उपयोग | Medical Certificate Purpose and Importance

जरूरत के हिसाब से मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल सभी प्रकार की गवर्नमेंट और प्राइवेट कंपनी में किया जा सकता है। नीचे हमने उन कार्यक्षेत्रों और स्तिथियों का जिक्र किया है, जहां पर मेडिकल सर्टिफिकेट का उपयोग होता है।

  •  किसी व्यक्ति को अगर मर्चेंट नेवी में नौकरी हासिल हुई है और वह छुट्टी पर है और फिर नौकरी पर जाना जाता है तो उसे मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा।
  • जो व्यक्ति गवर्नमेंट पेंशन प्राप्त करते हैं, उनके लिए इस सर्टिफिकेट की आवश्यकता अधिक होती है, क्योंकि हर साल अपनी पेंशन को रिन्यू करवाने के लिए गवर्नमेंट मेडिकल सर्टिफिकेट मानती है और उसके पश्चात पेंशन को रिन्यू कर दिया जाता है।
  • किसी भी प्रकार के इंश्योरेंस की कंपनी से इंश्योरेंस हासिल करने के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है, उसके पश्चात ही इंश्योरेंस कंपनी इंश्योरेंस करती है।
  • अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी को बंद करने के लिए या फिर जमा किए गए पैसे को वापस पाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है।
  • कोई व्यक्ति अगर गवर्नमेंट नौकरी कर रहा है और उसे स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या होती है और आपको डॉक्टर कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेने की सलाह देता है तब ऐसी सिचुएशन में आप सर्टिफिकेट का उपयोग कर सकते हैं।
  • अगर कोई व्यक्ति प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कर रहा है और वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहता है तो वह मेडिकल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर सकता है।
  • कोई व्यक्ति अगर विदेश जाना चाहता है तो उसे मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है। बिना मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत किए हुए आप विदेश नहीं जा सकते हैं।
  • अगर आदमी को विदेश में नौकरी हासिल हुई है तो वहां पर जाकर के नौकरी करने के लिए भी फिटनेस सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है।

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र का फॉर्मेट

आवेदक के हस्ताक्षर……………………………..

मैं श्री………..के मामले की सावधानी से व्यक्तिगत परीक्षा करने पर प्रमाणित करता हूं कि श्री…….जिनके हस्ताक्षर ऊपर दिए गए हैं………रोग से पीड़ित हैं। रोग के इस समय वर्तमान लक्षण है………… मेरी राय में रोग का कारण………..है। आज की तिथि गिनकर रोग की अवधि…………दिन है। जैसा कि श्री……………से पूछने पर ज्ञात हुआ रोग का पूर्ण विवरण निम्नलिखित है……………………………………मैं समझता हूं कि पूर्ण रूप से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए दिनांक………से……….. तक के लिए इनकी ड्यूटी से अनुपस्थिति नितांत जरूरी है।

                                   चिकित्सा अधिकारी              

                                          हस्ताक्षर

मेडिकल सर्टिफिकेट को कौन जारी करता है?

जिस डॉक्टर के पास में एमबीबीएस की डिग्री है वह मेडिकल सर्टिफिकेट बना सकता है। इसके अलावा गवर्नमेंट हॉस्पिटल में काम करने वाले डॉक्टर के द्वारा भी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाया जाता है। इसके अलावा मेडिकल प्रैक्टिशनर भी मेडिकल सर्टिफिकेट बना सकता है।

मेडिकल सर्टिफिकेट की अवधि

सामान्य तौर पर यह देखा गया है कि जो मेडिकल सर्टिफिकेट बनते हैं उनकी वैलिडिटी 15 दिनों की होती है, उसके पश्चात मेडिकल सर्टिफिकेट को फिर से बनवाना पड़ता है या फिर उसे रिन्यू करवाना पड़ता है। अधिकतर लोग 15 दिनों के अंदर ही मेडिकल सर्टिफिकेट को निर्धारित काम के लिए जमा कर देते हैं।

मेडिकल सर्टिफिकेट पर मौजूद जानकारी

जब मेडिकल सर्टिफिकेट बनाया जाता है तब उसमें व्यक्ति की उम्र, व्यक्ति का नाम और उसका मेडिकल चेकअप कैसा रहा इसकी जानकारी होती है, साथ ही व्यक्ति फिट है या नहीं इसकी भी जानकारी होती है। इसके अलावा मेडिकल प्रैक्टिशनर के सिग्नेचर या फिर मोहर भी होती है, ताकि यह साबित हो सके कि मेडिकल सर्टिफिकेट फर्जी नहीं है।

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