ग्रेजुएशन के बाद क्या करे ?

आज के समय में भावी पीढ़ी को अपने भविष्य के लिए काफी हद तक संघर्ष करना पड़ता है। एक तरफ तो उन्हें अच्छी नौकरी की तलाश होती है, तो दूसरी तरफ परिवार का दारोमदार संभालने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में युवा वर्ग कई बार सही स्थिति का अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें यह समझ में नहीं आता कि ग्रेजुएशन के बाद ऐसा क्या किया जाए ताकि उनके भविष्य के लिए सही दिशा प्राप्त हो सके। कई बार युवा वर्ग जब ग्रेजुएशन कर लेते हैं, उसके बाद उन्हें करियर में आगे बढ़ने की संभावनाएं कम नजर आने लगती है और इस वजह से वे हताश और परेशान होते हैं। ऐसे में आज हम आपको ग्रेजुएशन (Graduation) के बाद मिलने वाली संभावनाओं के बारे में बात करेंगे ताकि आप सही दिशा निर्देश के रहते हुए एक अच्छी नौकरी हासिल कर सकें।

ग्रेजुएशन (Graduation) क्या है?

जब आप 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर लेते हैं, उसके बाद ही 3 वर्षीय बैचलर डिग्री करना होता है। जब आप इस 3 वर्षीय बैचलर डिग्री को पूर्ण कर लेते हैं, तो यह ग्रेजुएशन की श्रेणी में आता है। ग्रेजुएशन की श्रेणी में आप बीए, बी कॉम, बीएससी, बीटेक किया जा सकता है जो अलग-अलग विषय पर आधारित होते हैं। जब ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाती है उसके बाद चाहे तो आगे के कोर्स के लिए अप्लाई किया जा सकता है या फिर कहीं नौकरी भी की जा सकती है।

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ग्रेजुएशन के बाद किए जाने वाले कोर्स

कुछ विद्यार्थी ऐसे होते हैं, जो ग्रेजुएशन के बाद कोई कोर्स करना चाहते हैं जिसके माध्यम से अपनी पढ़ाई को जारी रखा जा सके और भविष्य में कुछ अच्छा किया जा सके। ऐसे में हम उन विद्यार्थियों के लिए ग्रेजुएशन के बाद होने वाले विभिन्न कोर्स के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिससे उन्हें थोड़ी मदद हो सकेगी।

  • एमएससी( MSC) — अगर आपने बीएससी में ग्रेजुएशन किया है और आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं,  तो इसके लिए एमएससी कर सकते हैं। अगर आपने विज्ञान में ग्रेजुएशन किया हो ऐसी स्थिति मे ही आप एमएससी का कोर्स कर सकते हैं जो कि 2 वर्षीय होता है और जिसे आप किसी भी विश्वविद्यालय से कर सकते हैं। अगर आपने ग्रेजुएशन में 50% अंक हासिल किए हैं तभी आप एमएससी कर सकते हैं जिसे “मास्टर आफ साइंस” भी कहा जाता है।
  • एम ( MA) — अगर आपने अपना ग्रेजुएशन बीए के माध्यम से पूरा किया है, तो फिर आप एम ए का कोर्स कर सकते हैं। जिसे मुख्य रूप से “मास्टर ऑफ आर्ट्स” कहा जाता है और यह भी 2 वर्षीय होता है। अगर आप इतिहास, भूगोल, नागरिकता, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, इतिहास, मनोविज्ञान में m.a. कर लेते हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद होता है जिसके माध्यम से आप एक डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं।
  • एम कॉम( M.COM)— एमकॉम एक ऐसा कोर्स होता है जो वही कर सकते हैं जिन्होंने बीकॉम मे ग्रेजुएशन किया हो। अगर आपने बीकॉम में 50% से ज्यादा अंक हासिल किए हैं उसे स्थिति में आप एमकॉम की डिग्री ले सकते हैं। एमकॉम जिसे “मास्टर ऑफ कॉमर्स” कहा जाता है और यह भी 2 वर्ष का होता है। इसे आप किसी भी महाविद्यालय से कर सकते हैं और भविष्य को उजागर किया जा सकता है।
  • बीएड ( B.ED)— अगर आप अपने भविष्य में टीचर बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ग्रेजुएशन के बाद B.Ed करना होगा। यदि आप भी बीऐड करते हैं, तो इसके माध्यम से आप एक अच्छी नौकरी हासिल करने के काबिल हो जाते हैं। इसके अलावा B.Ed का दूसरा नाम “बैचलर ऑफ एजुकेशन” है जो शिक्षा के लिए जरूरी माना गया है।
  • एम फार्मेसी ( M. PHAM) — यह एक ऐसा विषय है जिसको करने के बाद आपकी किसी भी प्राइवेट मेडिकल कंपनी में आसानी के साथ नौकरी लग सकती है। फॉर्मेसी मुख्य रूप से 2 सालों का होता है जिसे बी फार्मेसी करने के बाद ही किया जाता है। ऐसे में अगर आप एम फार्मेसी करना चाहते हैं, तो आपको ग्रेजुएशन बी फार्मेसी से ही पास करना होगा। अगर आप ऐसे करते हैं तो आपको बेहतर नौकरी की उपलब्धता प्राप्त होती है।
  • एमबीए ( MBA)— आज के समय में अगर आप एक अच्छी नौकरी चाहते हैं, तो ग्रेजुएशन के बाद एमबीए का कोर्स करना बहुत ही लाभप्रद होता है। एमबीए का फुल फॉर्म “मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन” है जिसे आप किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप एमबीए करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ग्रेजुएशन में कम से कम 60% लाना अनिवार्य होगा।
  • एम आर्क ( M.ARCH)— अगर आप भविष्य में बुनियादी जरूरतों को पूरी करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ग्रेजुएशन के बाद एम आर्क करना होगा जिसका मतलब “मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर” होता है। लेकिन एक बात ध्यान रखना होगा अगर आपने बैचलर आफ आर्किटेक्चर किया है उसके बाद ही आप मास्टर आफ आर्किटेक्चर कर सकते हैं जो कि 2 वर्षीय कोर्स होता है और जिसे आप किसी भी आर्किटेक्ट कॉलेज से कर सकते हैं।

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ग्रेजुएशन के बाद  नौकरी संबंधित कोर्स

अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है और उसके बाद कोई ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जिसके माध्यम से आपको आसानी के साथ ही नौकरी मिल सके,तो आज हम आपकी मदद करेंगे ताकि आप सही तरीके से इस ओर ध्यान दे सकें।

  1. पीजीडीसीए ( PGDCA)— यह एक कंप्यूटर का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है जिसे आप ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं। यह 1 साल का कोर्स होता है जो 2 सेमेस्टर में आधारित होता है। इसके लिए आपको ग्रेजुएशन में 50% अंक हासिल करना होगा। पीजीडीसीए को आप किसी भी मान्यता प्राप्त कंप्यूटर इंस्टिट्यूट या फिर महाविद्यालय से कर सकते हैं।

अगर आप इस कोर्स को करते हैं तो इसके माध्यम से आप विभिन्न डिपार्टमेंट में निकलने वाली सरकारी वैकेंसी को भर सकते हैं जहां कंप्यूटर एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है। सामान्य रूप से देखा जाता है कि सरकारी नौकरी में भी कंप्यूटर एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है ऐसे में पी जी डी सी ए का कोर्स आपके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है।

  • एमएड (M.ED.)— अगर आपने अब तक B.Ed का कोर्स कर रखा है लेकिन इसके बावजूद आपको नौकरी नहीं मिल पा रही है तो आप एम एड का कोर्स कर सकते हैं। इसे “मास्टर ऑफ एजुकेशन” भी कहा जाता है जो B.Ed के बाद होता है। अगर आप इस कोर्स को करते हैं  तो इसके माध्यम से आप सरकारी शिक्षक बन सकते हैं क्योंकि इसके लिए विशेष योग्यता मांगी जाती है जो एमएड  के रूप में पूरी होती है। यह 1 साल का कोर्स होता है जिसे आप किसी भी मान्यता प्राप्त इंस्टिट्यूट से कर सकते हैं। इस कोर्स को करने के लिए बीएड में कम से कम 55% होना आवश्यक माना गया है।
  • मोबाइल एप डेवलपरजैसा कि हम सभी को पता है आज के समय में हम सभी ज्यादा से ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं और बिना इसके रहना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर आप ग्रेजुएशन के बाद मोबाइल एप डेवलपर का कोर्स कर लेते हैं, तो निश्चित रूप से ही आप अपना खुद का मोबाइल संबंधित कार्य शुरू कर सकते हैं जिसमें आप मोबाइल में होने वाली दिक्कतों को दूर कर सकते हैं। यह कोर्स 6 महीने से लेकर 1 साल तक होता है जिसे आप किसी भी इंस्टिट्यूट से कर सकते हैं।
  • मशीन लर्निंगआज के युवा वर्ग में मशीन लर्निंग को लेकर अच्छे खासे जागरूकता देखी जा सकती है जहां पर प्राइवेट कंपनियों में भी नौकरी की संभावनाएं देखी जाती है। ऐसे में मशीन लर्निंग कोर्स करके भी खुद को साबित किया जा सकता है और एक अच्छी नौकरी हासिल की जा सकती है।

बैंक में नौकरी की संभावनाएं

अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है और उसके बाद आप कुछ अच्छे नौकरी हासिल करना चाहते हैं, तो आप बैंक में नौकरी जरूर हासिल कर सकते हैं। ऐसे में आप आईबीपीएस एग्जाम देकर बैंक में क्लर्क और PO की नौकरी हासिल कर सकते हैं।

अगर आप क्लर्क की नौकरी करना चाहते हैं तो इसके लिए 28 साल आयु निर्धारित की गई है और अगर आप बैंक PO  की नौकरी करना चाहते हैं तो इसके लिए 30 साल तक की आयु निर्धारित की गई है। इसके लिए आप चाहे तो कोचिंग लेकर भी खुद को बेहतर बना सकते हैं और इस नौकरी के काबिल  हो सकते हैं।

रेलवे में नौकरी की अपार संभावनाएं

अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है तो उसके बाद आपके पास रेलवे में नौकरी की अपार संभावनाएं होती हैं। ऐसे में प्रतिवर्ष रेलवे के द्वारा कई सारे अलग-अलग श्रेणियों में नौकरी निकलती है, जो अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से बंटी होती हैं। ऐसे में आप भी कड़ी मेहनत करते हुए रेलवे में नौकरी हासिल कर सकते हैं और अपने सुनहरे भविष्य की शुरुआत कर सकते हैं।

फैशन डिजाइनिंग के काम में संभावनाएं

अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है, तो आप फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं। यह मुख्य रूप से 1 साल का कोर्स होता है जिसमें आप के हिसाब से बदलाव ला सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग करने के बाद आप खुद का ही काम शुरू कर सकते हैं या फिर किसी प्राइवेट इंस्टिट्यूट में जाकर भी नौकरी की शुरुआत की जा सकती है।

पीएचडी भी है बेहतर विकल्प

अगर आपने ग्रेजुएशन का कोर्स किया है तो उसके बाद आप पीएचडी का कोर्स करते हुए भी आगे बढ़ सकते हैं। इसके लिए आप अपने हिसाब से विषय का चुनाव कर सकते हैं और उस पर गहरा शोध करते हुए इस कोर्स को पूरा किया जा सकता है। इसे करने के लिए आपको मेहनत करना होता है ताकि आप सही तरीके से ही शिक्षा ग्रहण करते हुए आगे बढ़ सके। अगर आपने पीएचडी का कोर्स पूरा कर लिया हो तो उसके बाद आपको सरकारी नौकरी के भी अवसर प्रदान होते हैं जहां आप कॉलेजों में अध्यापक का कार्य कर सकते हैं।

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ग्रेजुएशन के बाद बेहतर विकल्प के लिए जरूरी टिप्स

अगर आपने ग्रेजुएशन कर लिया है तो यह आपके लिए बहुत ही अच्छा होगा जिसके माध्यम से आप नौकरी की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन ग्रेजुएशन के बाद बेहतर विकल्प के लिए इन मुख्य टिप्स को आजमाना होगा

  1. किसी भी काम को शुरुआत करने के पहले यह बात ध्यान रखना होगा कि ग्रेजुएशन की डिग्री होना आवश्यक है।
  2. ग्रेजुएशन में कम से कम 50% से ज्यादा अंक हासिल करना अनिवार्य है।
  3. जिस विषय में आपको दिलचस्पी हो उसी विषय में ग्रेजुएशन करना सही होगा ताकि आप आगे जाकर भी उस काम में मन लगा सके जिस काम में आपको दिलचस्पी हो।
  4. किसी के कहने से आप कोई भी कोर्स ना करें बल्कि खुद की इच्छा शक्ति पर ही आगे बढ़े।

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