हर्षद मेहता घोटाला क्या है



हर्षद मेहता घोटाला भारतीय शेयर मार्केट के सबसे बड़े घोटाले के रूप में जाना जाता है |  यह एक ऐसे शख्स हैं जिन्होनें 1992 में देश के वित्तीय बाजार में हलचल मचा दी थी | हर्षद मेहता नें अपनें शातिर दिमाग से शेयर बाजार से खूब पैसा कमाया | शेयर मार्केट का यह पहला ऐसा घोटाला था, जिसको सुनकर लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर कर दिया |



यहाँ तक की हर्षद मेहता नें प्रधानमंत्री पर रिश्वत लेने का आरोप तक लगा दिया था | हर्षद मेहता द्वारा किय गये इस घोटाले का खुलासा टाइम्स ऑफ इंडिया की वरिष्ठ पत्रकार सुचेता दलाल ने किया था | हर्षद मेहता घोटाला क्या है, हर्षद मेहता के बारे में आपको इस पेज पर विस्तार से जानकारी दे रहे है |

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हर्षद मेहता कौन थे (Who Was Harshad Mehta)

हर्षद मेहता का जन्म 29 जुलाई 1954 को गुजरात के राजकोट में हुआ था | हर्षद मेहता नें मुंबई के होली क्रॉस बेरोन बाजार सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की | वर्ष 1976 में बी कॉम पास करने के बादहर्षद नेन्यू इंडिया इंश्योंरेन्स लिमिटेड में सेल्स पर्सन के रूप में पहली नौकरी की शुरुआत की |  इसी नौकरी के दौरान हर्षद मेहता की रूचि शेयर मार्केट की तरफ बढ़ी और उन्होंने यह नौकरी छोड़कर हरिजीवनदास नेमीदास सिक्योरिटीज नामक ब्रोक्रेज फर्म में बतौर जॉबर नौकरी ज्वॉइन कर ली |




यहाँ हर्षद मेहता नें परिजीवनदास के साथ काम करते हुए शेयर मार्केट के सभी पैंतरे सीखे | इसके बाद 1984 में स्वयं की ग्रो मोर रीसर्स एंड असेट मैनेजमेंट नाम की कंपनी की शुरुआत करते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में एक ब्रोकर के रूप में मेंबरशिप ली | यहाँ से हर्षद मेहता का स्टॉक मार्केट का सफ़र शुरू हुआ जिसे आगे चलकर रेजिंग बुल कहा जाने लगा |

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हर्षद मेहता घोटाला की जानकारी

वर्ष 1990 में हर्षद मेहता की कंपनी में बड़े- बड़े इन्वेस्टर पूँजी लगाने लगे थे, इसके बाद हर्षद मेहता का नाम धीरे-धीरे शेयर मार्केट में छानें लगा | इसी बीच मेहता नें एसीसी सीमेंट कंपनी में पैसा लगाया, यही से मेहता का भाग्य बदलना शुरू हुआ | एसीसी में पैसा लगाते ही एसीसी का जो शेयर 200 रुपये का था, कुछ ही समय में उसकी कीमत 9000 हो गई ।

1990 में एक ऐसा समय आया जब हर्षद मेहता का नाम सभी अख़बारों, मैगजीन आदि में आने लगा | इस प्रकार शेयर मार्केट में हर्षद मेहता का नाम पूरी तरह छा चुका था और वह एक सेलिब्रिटी बन गये | स्टॉक मार्केट में ऐसा पहली बार हो रहा था, कि एक छोटा सा ब्रोकर इन्वेस्टमेंट के साथ करोड़ों कमा रहा है | अब लोगो को यह समझ नहीं आ रहा था, कि आखिर हर्षद मेहता इतनें पैसे ला कहा से रहा है | इसी तरह के सवालों नें हर्षद मेहता के अच्छे दिनों को बुरे दिनों में बदल दिया |

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हर्षद इस तरह करता था घोटाला (Harshad Used To Scam Like This)

वर्ष 1992 में हर्षद मेहता के इस राज का खुलासा टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार सुचेता दलाल ने किया | दरअसल हर्षद मेहता बैंक के नियमों का फायदा उठाकर बैंको के करोड़ों रुपये स्टॉक मार्केट में लगाते थे | हर्षद मेहता दो बैंकों के बीच एक ब्रोकर का काम करते थे और पंद्रह दिनों के लिए बैंक से लोन पर पैसा लेकर स्टॉक मार्केट में लगाते थे और लोन के पैसों से प्रॉफिट कमाकर बैंक से लिया हुआ लोन वापस कर देते थे |

दरअसल हर्षद मेहता एक बैंक से जाली बीआर बनवाते थे और उसके माध्यम से वह दूसरे बैंक से पैसा निकालते थे, जब तक शेयर बाजार चढ़ता रहा किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई, लेकिन जैसे ही बाजार में गिरावट आयी और जब वह बैंकों का पैसा 15 दिन में नहीं लौटा पाए, तो उनकी पोल खुल गई | हर्षद मेहता के कारनामों का खुलासा होनें के बाद सभी बैंकों नें अपने पैसे वापस मागने शुरू कर दिए। इस तरह मेहता के ऊपर 72 आपराधिक मामले और 600 से ज्यादा दीवानी मामले दर्ज हुए।

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हर्षद के परिवार से की गई पैसे की वसूली (Recovery Of Money From Harshad’s Family)

हर्षद मेहता पर कई सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज थे, परन्तु उन्हें 1992 के घोटाले का एकमात्र दोषी पाया गया था | इस घोटाले में दोषी करार होने पर हाई कोर्ट ने उन्हें 5 साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया | हर्षद अभी मुंबई के ठाणे जेल में सजा काट ही रहे थे, कि 31 दिसंबर 2001 को उनकी तबीयत खराब हो गई और ठाणे सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई |

हर्षद मेहता द्वारा किये गये घोटाले की वसूली 25 साल बाद भी हर्षद के परिवारजनों से की गई | हर्षद के परिजनों ने साल 2017 में 614 करोड़ रुपये की रकम बैंक को अदा की थी | 1992 में इतना बड़ा घोटाला होनें के बाद शेयर बाजार के लिए सेबी नाम की नियामक संस्था बनाई गई |

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प्रधानमंत्री पर भी लगाया घोटाले का आरोप (PM Also Accused Of Scam)

हर्षद मेहता नें 1993 में पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव पर केस से बचाने के लिए एक करोड़ रुपये घूस लेने का आरोप लागया था। हालांकि इसका कोई सबूत नहीं मिला और इसे ख़ारिज कर  दिया गया | इस बात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर्षद किस हद तक फर्जीवाड़े करता था |

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यहाँ आपको हर्षद मेहता घोटाला के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है | यदि आपको इससे  सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करनी है तो आप  अपने विचार या सुझाव कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूंछ सकते है | इसके साथ ही आप अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो www.hindiraj.com पर विजिट करे |

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