Loudspeaker Permission Online Form

लाउडस्पीकर एक तरह के विद्युत-ध्वनिक यंत्र होते है जो विशेष प्रकार की ऊर्जा को परिवर्तित करते है | लाउडस्पीकर विद्युत संकेतो को ध्वनि में परिवर्तित करता है | यह विद्युत संकेत परिवर्तन के आधार पर कार्य करता है, तथा जल या वायु के माध्यम से ध्वनि तरंगो का संचार होता है | इन लाउडस्पीकर्स का इस्तेमाल कई तरह के महोत्सव, शादी समारोह, विशेष प्रकार के कार्यक्रमों तथा धार्मिक स्थलों में किया जाता है | शादी समारोह में इस्तेमाल होने वाले डीजे तथा किसी खास तरह की मीटिंग या फंक्शन में माइक वाले लाउडस्पीकर का इस्तेमाल देखने को मिलता है |

धार्मिक स्थलों जैसे :- गुरूद्वारे,चर्च या मंदिर में होने वाली पूजा, मस्जिद में होने वाली अज़ान आदि में भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बखूबी होता है | इससे पहले इस तरह के लाउडस्पीकर इस्तेमाल पर किसी तरह की रोक नहीं थी, किन्तु अब सरकार द्वारा ध्वनी प्रदूषण को देखते हुए, इस तरह के स्पीकर्स और डीजे के इस्तेमाल हेतु कुछ नियमो को लागू किया गया है, जिसके तहत लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के लिए धार्मिक स्थलों और विभिन्न कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी, और निर्धारित किये गए नियमो का पालन भी करना होगा |

इस तरह की परमिशन लेने के लिए पहले जहां सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने होते थे, वही अब इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर लोगो द्वारा अनुमति लेने की समस्या को और आसान कर दिया है | यदि आप भी लाउडस्पीकर से जुड़ी इस जानकारी को प्राप्त करना चाहते है, तो इस पोस्ट में आपको Loudspeaker Permission Online Form, लाउडस्पीकर अनुमति आवेदन पत्र – Complaint Number आदि के बारे में बताया जा रहा है |

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लॉउडस्पीकर कानून क्या है (Loudspeaker Law)

ध्वनि प्रदूषण (अधिनियम और नियंत्रण) कानून, 2000 जो पर्यावरण (संरक्षण) कानून 1986 के अंतर्गत आता है | जारी किये गए 5वीं धारा नियम के तहत वह सभी धार्मिक स्थल जो सार्वजानिक स्थलों पर बजने वालो यंत्रो को मनमाने ढंग से बजाते है, उन पर इस नियम के अंतर्गत अंकुश लगाया जायेगा |

दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है की रात 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक लॉउडस्पीकर पर पाबन्दी लगायी जाएगी | इस आदेश के दायरे में सभी धार्मिक स्थलों मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा चर्च आदि को भी शामिल किया है | दाखिल की गयी याचिका में यह भी मांग की गयी है, कि यदि इन नियमो का पालन नहीं किया जाता है, तो उस क्षेत्र के डीएम और SHO को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाये और उनके खिलाफ सामुचिक कार्यवाही भी की जाये |

इस नियम के तहत दिवाली में पटाखों के जलाने से लेकर अज़ान के लिए इस्तेमाल होने वाले लॉउडस्पीकर के लिए भी समय सीमा को तय किया जायेगा | पर्यावरण (संरक्षण) 1986 कानून की धारा 15 के अंतर्गत यदि जारी किये गए इन नियमो का पालन नहीं किया जाता है, तो उसके लिए इसे दंडनीय अपराध माना जायेगा साथ ही नियमो का उल्लंघन करने पर पांच वर्ष तक की जेल या एक लाख का जुर्माना या फिर दोनों ही सजा सजा के प्रावधान बनाये गए है |

  • इस नियम के तहत सार्वजानिक स्थलों पर लाउडस्पीकर या यंत्रो को बजाने के लिए प्रशासन से लिखित अनुमति लेनी होगी |
  • रात 10 बजे से लेकर सुबह के 6 बजे तक लाउडस्पीकर यंत्रो का इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा | इसके अतिरिक्त बंद कमरों या हॉल जैसे :- ऑडिटोरियम, कांफ्रेंस रूम, कम्युनिटी और बैंकट हॉल आदि में इसे बजाया जा सकेगा |
  • राज्य सरकार चाहे तो नियम की उपधारा (2) के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में रियायतें दे सकेगी | इसके अंतर्गत किसी संगठन या धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लाउडस्पीकर या सार्वजानिक स्थानों पर चलने वाले यंत्रो को रात 10 से बढ़ाकर 12 बजे तक बजाने की अनुमति दे सकेगी, किन्तु एक वर्ष में 15 दिन से अधिक ऐसी परिस्थितियो में अनुमति नहीं दी जा सकेगी |
  • राज्य सरकार के पास क्षेत्र के हिसाब से किसी को भी औद्योगिक, व्यावसायिक, आवासीय या शांत क्षेत्र घोषित कर सकने का अधिकार होगा | 100 मीटर के दायरे में आने वाले अस्पताल, शैक्षणिक संगठन  के होने पर ऐसे कार्यक्रमों के लिए अनुमति नहीं दी जा सकेगी, इस क्षेत्रों को सरकार द्वारा शांत जोन क्षेत्र घोषित किया जा सकेगा |

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लाउडस्पीकर ध्वनि की सीमा (Loudspeaker Sound Range)

इस नियम के अनुसार लाउडस्पीकर की ध्वनि सीमा सार्वजानिक एवं निजी स्थलों में 5 डेसीबल से 10 डेसीबल के मध्य होनी चाहिए | वही रिहायशी इलाको में ध्वनि का स्तर सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे तक 55 डेसीबल तथा रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक 45 डेसीबल के मध्य होना चाहिए |

इसके अतिरिक्त व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए ध्वनि का सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे तक 65 डेसीबल तथा रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक 55 डेसीबल रखा गया है | औद्योगिक इलाको में सुबह के 6 बजे से रात के 10 बजे तक ध्वनि का स्तर 75 डेसीबल तक रखा गया है | वही शांत जोन वाले इलाको में 50 डेसीबल से 40 डेसीबल ध्वनि का स्तर होना चाहिए |

Loudspeaker Permission Online Form (लाउडस्पीकर अनुमति आवेदन पत्र)

  • लाउडस्पीकर अनुमति आवेदन पत्र के लिए सर्वप्रथम आपको अपने सम्बंधित राज्य की पुलिस की अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा, तथा कुछ राज्यों में इसके लिए अलग वेबसाइट जारी गई है |
  • अब परमिशन लेने का कारण दर्ज करे |
  • लाउडस्पीकर के बजने का समय दर्ज कराएं |
  • मांगे गए दस्तावेजों की जानकारी सही – सही भरें |
  • किसी कार्यक्रम में अनुमति के लिए कार्यक्रम से सम्बंधित दस्तावेज को संलग्न करे |
  • अब क्षेत्र के बड़े अधिकारी द्वारा जाँच करने के बाद अनुमति प्रदान कर दी जाएगी |

लाउडस्पीकर शिकायत नंबर (Loudspeaker Complaint Number)

आपके घर के आस – पास या कहीं भी जो आवाज आपको परेशान करती हो और सरकार द्वारा दिए गए मानकों का उल्लंघन करती है, तो आप उसके लिए जारी किये गए लाउडस्पीकर शिकायत नंबर (Loudspeaker Complaint Number) 05222611119, 2611118 और 2611117 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है |

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