पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) क्या होता है ?

यूं तो विद्यार्थियों के करियर का महत्वपूर्ण समय दसवीं कक्षा के बाद से ही आरंभ हो जाता है, लेकिन वर्तमान समय में अधिकांश विद्यार्थी ग्रेजुएशन की डिग्री पाने हेतु 12वीं पासआउट करते हैं, ताकि ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर लेने के बाद उनके सामने विभिन्न पदों में नौकरी पाने हेतु अवसर खुल जाते है।

हालांकि उन्हीं में से कुछ चुनिंदा विद्यार्थीयों को आगे की पढ़ाई करने की इच्छा होती है और इसीलिए वह पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम में हिस्सा लेते हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन को संक्षेप में पीजी कहा जाता है। हम इस लेख में आपको पोस्ट ग्रेजुएशन क्या है? कैसे की जाती है? इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।

पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) क्या है?

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बता दे कि पोस्ट ग्रेजुएशन एक प्रकार की मास्टर डिग्री प्रोग्राम होता है, इस कोर्स में प्रवेश पाने हेतु आपको ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करनी होती है। ग्रेजुएट विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएशन के किसी भी कोर्स में एडमिशन पाने के लिए पात्रता रखते हैं।

ग्रेजुएशन पूरे करने के बाद विद्यार्थी पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन पाने के बाद जब पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर लेते हैं तब उन्हें पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थी कहा जाता है और उन्हें पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री पाने के बाद सर्टिफिकेट भी मिलता है।

यहां तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को कई साल लग जाते हैं और काफी मेहनत करने के बाद ही विद्यार्थी यहां तक पहुंचने में कामयाबी हासिल करते हैं। वैसे तो विद्यार्थी चाहे तो ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के बाद भी नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं परंतु कुछ लोग ऐसे होते हैं जो आगे की पढ़ाई करते हैं और इसीलिए वह पोस्ट ग्रेजुएशन के प्रोग्राम में शामिल होते हैं। अधिकांश पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स 2 साल से लेकर के 4 साल तक के होते हैं जिसमें अभ्यर्थियों को सम्बन्धित विषयों का गहराई से अध्ययन करवाया जाता है।

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पोस्ट ग्रेजुएशन का मतलब क्या है?

कई लोग जब इंटरनेट पर इसके बारे में सर्च करते हैं तब उन्हें पीजी लिखा हुआ दिखाई देता है और वह इस बात को लेकर के कंफ्यूज हो जाते हैं कि आखिर यह पीजी कौन सी बला है, तो बता दे कि पीजी का मतलब पोस्ट ग्रेजुएशन ही होता है।

पोस्ट ग्रेजुएशन का शार्ट नेम PG होता है। हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन को स्नातकोत्तर कहा जाता है। इस कोर्स को कर लेने के बाद अभ्यर्थियों के सामने विभिन्न क्षेत्रों में जाने के मौके मिलते हैं, जिसमें से वह अपनी पसंदीदा फील्ड में जा सकते हैं।

पोस्ट ग्रेजुएशन अलग-अलग कोर्स में किया जा सकता है। हालांकि एक बात तो तय है कि अब अधिकतर पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स में एडमिशन पाने के लिए आपको कोई ना कोई एंट्रेंस एग्जाम देनी पड़ती है और अगर आपके उसमें अच्छे अंक आते हैं, तभी आपको अच्छा कॉलेज मिलने की संभावना ज्यादा होती है।

इंडिया में ऐसे बहुत सारे निजी एवम सरकारी विश्वविद्यालय है, जो पोस्ट ग्रेजुएशन के प्रोग्राम को विद्यार्थियों के लिए ऑफर करते हैं परंतु उनमें भी एक बात यह है कि अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन गवर्नमेंट कॉलेज से करते हैं, तो उसकी फीस कम रहती है और अगर आप प्राइवेट कॉलेज से इस प्रोग्राम में शामिल होते हैं, तो आपको ज्यादा फीस भरनी पड़ सकती है।

स्नातकोत्तर का मतलब क्या होता है?

12वीं क्लास पास करने के बाद जो भी विद्यार्थी ग्रेजुएशन के कोर्स को पूरा कर लेता है, तो उसे ग्रेजुएट कहा जाता है और ग्रेजुएट को हिंदी भाषा में स्नातक कहा जाता है और जब वही विद्यार्थी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स में एडमिशन लेता है और उस कोर्स को पूरा कर लेता है तो उसे स्नातकोत्तर कहा जाता है।

पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?

पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स में वही विद्यार्थी एडमिशन ले सकते है, जिन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री कम से कम 55 अथवा 60 प्रतिशत अंकों के साथ हासिल की है। यहां पर हम आपको बता देना चाहते हैं कि आपने जिस कोर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है, आपको उसी कोर्स से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी हासिल करनी चाहिए, क्योंकि अधिकतर विद्यार्थी ऐसा ही करते हैं।

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पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम कौन से हैं ?

बता दें कि 12वीं क्लास को पास करने के बाद आप किसी ना किसी प्रकार की ग्रेजुएशन की डिग्री को हासिल करते हैं जैसे कि बीकॉम या फिर बीएससी और इसके बाद जब आप इन्हीं डिग्री की हायर डिग्री में एडमिशन लेते हैं, जैसे कि एमकॉम या फिर एमएससी, तो उसे ही पोस्ट ग्रेजुएशन कहा जाता है।

नीचे हमने कुछ पॉपुलर पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स की लिस्ट दी है, जिसमें अगर आपको इंटरेस्ट है तो आप इसमें से किसी भी कोर्स को कर सकते हैं। याद रखें कि गवर्नमेंट नौकरी पाने के लिए आप ग्रेजुएट होने के बाद भी अप्लाई कर सकते हैं और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद भी अप्लाई कर सकते हैं।

हालांकि सामान्य वर्ग के जो अभ्यर्थी है, उसमें उन्हें थोड़ा दिक्कत हो सकती है, क्योंकि आरक्षण को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपनी उम्र को भी देखना होता है।

मास्टर आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन

• मास्टर ऑफ आर्ट

• मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी

• मास्टर ऑफ कॉमर्स

• मास्टर ऑफ साइंस

मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन

• मास्टर ऑफ कंप्यूटर साइंस

• मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन 

• मास्टर ऑफ एजुकेशन

• मास्टर ऑफ मार्केटिंग मैनेजमेंट

• मास्टर ऑफ फिलॉसफी

• मास्टर ऑफ एजुकेशन

• मास्टर ऑफ लो

• मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट

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पोस्ट ग्रेजुएशन कितने साल का होता है?

बता दे की पोस्ट ग्रेजुएशन के कुछ कोर्स ऐसे हैं, जिसे करने में आपको 2 साल का समय देना होता है, वही इसमें कुछ कोर्स ऐसे भी हैं, जिसे करने के लिए आपको सिर्फ 1 साल का समय ही देना होता है परंतु देखा जाए तो अधिकतर पीजी कोर्स 2 साल के ही होते हैं।

वहीं कुछ ऐसे भी कोर्स इसमें होते हैं, जिनकी अवधि 3 साल से लेकर के 4 साल तक की होती है। पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम में जितने भी कोर्स आते हैं, उन सभी कोर्स की अवधि अलग-अलग होती है और उसी के हिसाब से आपको कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती है।

पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स कैसे करे?

अगर हम आपको सीधा पोस्ट ग्रेजुएशन कैसे करें? बताएं तो शायद आपको यह प्रक्रिया अटपटी लगी, इसीलिए यहां हम आपको शुरू से लेकर के अंत तक पोस्ट ग्रेजुएशन कैसे किया जाता है इसकी प्रक्रिया बता रहे हैं।

1: दसवीं कक्षा पास करें।

आपके पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स में एडमिशन लेने का सफर दसवीं क्लास से ही चालू हो जाता है, क्योंकि यह बात आप अच्छी तरह से जानते हैं कि दसवीं कक्षा में बोर्ड की एग्जाम होती है। जिसे पास करना विद्यार्थियों के लिए काफी आवश्यक होता है। इसीलिए सर्वप्रथम दसवीं कक्षा पास करें।

2: 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण करें।

दसवीं के बाद अपने द्वारा चयनित किसी भी विषय (साइंस, कमर्स, आर्ट्स) से   11वीं तथा 12वीं की परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करें। अगर आप किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला चाहते हैं तो  मन लगाकर पढ़ाई करने का प्रयास करें। ताकि उच्च कॉलेज में दाखिले पाने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

3: ग्रेजुएशन पूरी करें

12वीं कक्षा पास करने के बाद आपको जो भी कोर्स करना हो, उस कोर्स में एडमिशन ले और सही ढंग से उस कोर्स की पूरी पढ़ाई करें। सामान्य तौर पर अधिकतर ग्रेजुएशन के कोर्स 3 साल के ही होते हैं। ऐसे में आपको ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के लिए 3 साल का समय देना होगा। 3 सालों के बाद आप ग्रेजुएशन पूरी कर लेंगे।

4: पोस्ट ग्रेजुएशन करें।

ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब आप अपनी मंजिल के पास पहुंचने के काफी करीब आ जाते हैं। अब आपको जिस किसी भी कोर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करनी हो, आपको उस कोर्स में एडमिशन लेना है। यहां पर हम आपको बता दें कि, पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स में एडमिशन लेने से पहले हो सकता है कि आपको एंट्रेंस एग्जाम भी देनी पड़े। इसलिए एंट्रेंस एग्जाम की भी तैयारी करते रहे और अच्छे अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करें।

पोस्ट ग्रेजुएशन के फायदे क्या है?

पीजी कोर्स करने से आपकी नॉलेज बढ़ती है, साथ ही साथ आपके सामने कैरियर के बहुत सारे बढ़िया विकल्प भी सामने आ जाते हैं। इसके अलावा समाज में आपको मान सम्मान की निगाहों से देखा जाता है। वही आपको अहमियत भी दी जाती है। पीजी कोर्स करने के बाद आपके पास ज्ञान का भंडार होता है, साथ ही आपको कहीं पर नौकरी लगने के बाद प्रमोशन में वरीयता भी दी जाती है।

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पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद क्या करें?

ऐसे कई विद्यार्थी हैं, जिन्हें यह जानने की इच्छा होती है कि पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद आगे वह क्या कर सकते हैं। नीचे हमने आपको संक्षेप में यह बताया है कि आगे आप पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद क्या कर सकते हैं।

• पीएचडी कर सकते हैं।

• एमफिल कर सकते हैं।

• रिसर्च की क्षेत्र में जा सकते हैं।

• गवर्नमेंट या प्राइवेट नौकरी पाने के लिए प्रयास कर सकते हैं।

• बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं।

• कोचिंग इंस्टिट्यूट खोल सकते हैं।

• टीचिंग की फील्ड में भी जा सकते हैं।

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद कौन सी नौकरी मिलेगी?

अगर आप सभी योग्यताओं के पैमाने को पूरा कर लेते हैं तो पीजी कोर्स के बाद आप निम्न पदों पर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

ब्रांच मैनेजर

• एरिया मैनेजर

• लोन मैनेजर

• ऑपरेशन मैनेजर

प्रोबेशनरी ऑफिसर

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट

बैंक क्लर्क

• प्रोडक्ट मैनेजर

• सॉफ्टवेयर इंजीनियर

• सॉफ्टवेयर डेवलपर

• एसईओ मैनेजर

• ईमेल मार्केटिंग मैनेजर

• पीपीसी मैनेजर

• डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर

• एचआर मैनेजर

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पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद कहां नौकरी मिलेगी?

पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लेने के बाद आपके सामने विभिन्न क्षेत्र में नौकरी करने के अवसर ओपन हो जाते हैं। आज प्राइवेट एवम गवर्नमेंट किसी भी क्षेत्र में नौकरी हासिल कत सकते हैं। नीचे हमने उन तमाम क्षेत्रों के नाम दिए हैं, जहां पर आपको पीजी कोर्स के बाद नौकरी मिल सकती है।

इंडियन रेलवे

इंडियन आर्मी

प्राइवेट बैंक

• गवर्नमेंट बैंक

• इंडियन पुलिस डिपार्टमेंट

• प्राइवेट सेक्टर की कंपनी

• गवर्नमेंट सेक्टर की कंपनी

कॉल सेंटर

• हेल्थ डिपार्टमेंट

• इंफ्रास्ट्रक्चर डिपार्टमेंट

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद कितनी सैलरी मिलेगी?

देखिए यह निर्भर करता है कि आप कौन से पद पर नौकरी कर रहे हैं। सामान्य तौर पर देखा जाए तो अगर आपकी गवर्नमेंट नौकरी पोस्ट ग्रेजुएशन के कोर्स के बाद लग जाती है, तो किसी भी गवर्नमेंट नौकरी में आप को कम से कम स्टार्टिंग में ₹25,000 महीने की तनख्वाह तो अवश्य मिलेगी, वहीं प्राइवेट नौकरी लगती है तो आपको स्टार्टिंग में महीने में ₹18,000 की तनख्वाह कम से कम मिलेगी और अनुभव बढ़ने पर आगे आपकी सैलरी बढ़ाई जाएगी।

वहीं अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स करने के बाद खुद का बिजनेस करते हैं, तो बिजनेस में उतार-चढ़ाव होता ही रहता है। इसीलिए बिजनेस के बारे में यह नहीं कहा जा सकता है कि आप की कमाई कितनी होगी।

पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स हेतु इंडिया के बेस्ट कॉलेज कौन से हैं?

नीचे हमने आपको उन सभी बेस्ट कॉलेज के नाम दिए हैं जो पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम ऑफर करते हैं और जिसमें विद्यार्थी एडमिशन प्राप्त कर सकते हैं।

• लेडी श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली

• लोयोला कॉलेज, तमिलनाडु

• अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद

• सेंट जेवियर कॉलेज, मुंबई

• क्रिस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू

• मीरांडा हाउस, नई दिल्ली

• प्रेसीडेंसी कॉलेज, चेन्नई

• मद्रास कॉलेज, चेन्नई

• हिंदू कॉलेज, नई दिल्ली

• हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली

• फर्ग्युसन कॉलेज, पुणे

• बनास्थली विद्यापीठ, जयपुर

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