PUC Certificate Kya Hai

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 आने से ट्रैफिक के नियम पहले की अपेक्षा काफी प्रबल हो गए है | प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र न होने की दशा में अर्थ दंड के रूप में बड़ी रकम का भुगतान करना पड़ रहा है | वर्तमान समय में अर्थदंड की धनराशि पहले की अपेक्षा 10 गुना बढ़ा दी गयी है, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) बनवाने के लिए प्रदूषण जाँच केन्द्रो में भारी तादाद में भीड़ दिख रही है | बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से सभी वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है | इस पृष्ठ पर आपको “PUC Certificate क्या है, इसकी Full Form तथा  Online Apply – Registration (in Hindi)” करने के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई गयी है |

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पीयूसी सर्टिफिकेट क्या होता है ?

वातावरण में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार के द्वारा  सभी वाहनों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट होना अनिवार्य हो गया है इस सर्टिफिकेट के द्वारा यह जानकारी प्राप्त की जाती है की वाहन निश्चित मानको से अधिक मात्रा में वायु प्रदूषण तो नहीं कर रही है |  इस जाँच के बाद सब कुछ सही अवस्था में पाए जाने पर पीयूसी सर्टिफिकेट प्रदान कर दिया जाता है | यह सर्टिफिकेट यातायात विभाग के द्वारा मान्यता प्राप्त होता है, तथा प्रत्येक राज्य में उस राज्य की वाहनों को राज्य सरकार के द्वारा यह सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है | जिस पर उस राज्य का नाम, प्रदूषण केंद्र का नाम, कोड तथा पता भी अंकित रहता है | प्रत्येक राज्य का पीयूसी सर्टिफिकेट दूसरे सभी राज्यों में भी मान्य होता है, तथा प्रत्येक राज्य के लगभग हर पेट्रोल पम्प में प्रदूषण जाँच केंद्र होता है | भारत देश में वाहनों के प्रदूषण की जांच की प्रक्रिया “सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स” द्वारा तैयार की गयी है |

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पीयूसी सर्टिफिकेट का फुलफार्म (Full Form of PUC Certificate)

पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट का फुलफॉर्म “Pollution Under Control ” (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) होता है तथा इसे हिंदी में “प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र” कहा जाता है, यह सर्टिफिकेट केवल वाहनों के लिए ही जारी किया जाता है | इसे आप अपने नजदीकी वाहन जाँच केंद्र से आसानी से बनवा सकते है |

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पीयूसी जाँच की प्रक्रिया (PUC Test Process)

प्रदूषण जाँच केंद्र में प्रदूषण की जांच करने के लिए एक गैस ऐनालाइजर को एक कंप्यूटर से जोड़ दिया जाता है, जिसमें कैमरा और प्रिंटर भी जुड़ा होता है | गैस ऐनालाइजर को वाहन के साइलेंसर में डाल दिया जाता हैं तथा वाहन को चालू रखा जाता है | यह गैस ऐनालाइजर वाहन से निकलने वाले प्रदूषण के आंकड़ों की जांच कर इसे कंप्यूटर में भेजता है, और कैमरा वाहन के लाइसेंस प्लेट की फोटो ले लेता है | यदि वाहन में निश्चित मानकों के दायरे के अंदर प्रदूषण निकल रहा होता है, तो वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है | प्रदूषण जाँच की प्रक्रिया पेट्रोल तथा डीजल वाहनों में अलग-अलग होती है |

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पेट्रोल वाहन की जाँच (Petrol Vehicle Check)

पेट्रोल वाहन की जाँच के लिए वाहन के एक्सीलेटर को दबाए बिना केवल एक बार रीडिंग ली जाती है |

डीजल वाहन की जाँच (Diesel Vehicle Check)

डीजल वाहन की जाँच के लिए वाहन के एक्सीलेटर को पूरी तरह दबा दिया जाता है, और धुएं से प्रदूषण की रीडिंग ली जाती है। यह प्रक्रिया चार-पांच बार करने के बाद औसत रीडिंग लेकर अंतिम रीडिंग ली जाती है ।

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पीयूसी सर्टिफिकेट का शुल्क तथा वैधता (उत्तर प्रदेश में) (Fees & Validity of PUC Certificate)

वाहन

वैधता

शुल्क

दोपहिया

4 महीने

35.40 रूपये

चारपहिया

6 महीने

47.20 रूपये

पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए मुख्य बिंदु (Main Pont for PUC Certificate)

  • नयी कार के लिए एक साल तक पीयूसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होती है | जिस तारीख को वाहन का पंजीकरण कराया गया होता है, तथा जो तारीख आरसी पर लिखी होती है | यह उस तारीख से एक साल के लिए मान्य होता है, तथा नये दो पहिया वाहन के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट की तीन महीने तक आवश्यकता नहीं होती है |
  • BS4 या इससे अधिक स्टैंडर्ड के वाहनों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट एक साल के लिए मान्य होता है| तथा दोपहिया वाहन की प्रदूषण जाँच होने के बाद तीन महीने के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट मान्य होता है | यहाँ BS4 का मतलब आपकी चारपहिया वाहन का पंजीकरण 1 अप्रैल 2010 को या उसके बाद कराया गया है | तथा दो पहिया वाहन का BS4 का मतलब 1 अप्रैल 2017 को या उसके बाद वाहन का पंजीकरण कराया गया है |
  • यदि आपके वाहन की पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त हो चुकी है तो पकडे जाने की अवस्था में आपको आर्थिक दंड स्वरूप 10 हजार रूपये जुर्माना देना पड़ेगा |

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पीयूसी सर्टिफिकेट आवेदन से पहले ध्यान दे (Pay Attention before Apply PUC Certificate)

  • यदि आप नयी कार का पीयूसी सर्टिफिकेट लेना चाहते है, तो पहले जानकारी प्राप्त कर ले आपकी कार BS4 या इसके ऊपर के स्टैंडर्ड की है या नहीं है |
  • प्रदूषण जाँच केंद्र पर जाते समय अपने पास गाड़ी की आरसी (RC) या पहले का पीयूसी सर्टिफिकेट साथ लेकर जाये |
  • पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है |
  • आपकी गाड़ी का पीयूसी सर्टिफिकेट वैधता की अंतिम तारीख पर ही नया पीयूसी सर्टिफिकेट बनवा लेना चाहिये अन्यथा पकडे जाने पर जुर्माना देना पड़ सकता है |

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पीयूसी सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन (PUC Certificate Online Registration)

पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए आप ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते है | ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको इस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  https://vahan.parivahan.gov.in/puc/ पर जाकर पंजीकरण कराना होगा | इसके लिए गूगल पर इस वेबसाइट के लिंक को डालकर क्लिक करना होगा उसके बाद मांगी गयी सभी जानकारी को सही से फार्म में भरकर आप ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते है |

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आपको यहाँ पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC Certificate) के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी गई है | अब आशा है आपको जानकारी पसंद आयी होगी | यदि आप इससे संतुष्ट है, या फिर अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करके पूंछ सकते है, और अपना सुझाव दे सकते है | आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही जवाब देने का प्रयास किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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