गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है

गणतंत्र दिवस भारत के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक हैं | यह भारत का एक ऐसा पर्व हैं, जिसे लोग हर वर्ष बहुत ही हर्षो उल्लास के साथ 26 जनवरी को  मनाते हैं | इस पर्व को भारत के हर वर्ग और उम्र के भारतीय बहुत ही उत्साह के साथ मनाते हैं |  इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में ध्वजा रोहण किया जाता हैं जिसमें अधिकतर लोग शामिल होते हैं और इसके साथ ही इस दिन अधिकतर स्कूलों कई प्रोग्राम किये जाते हैं, जिसमें स्कूल के सभी विद्यार्थी शामिल होते हैं और इस पर्व को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाते है |  इसके बाद इस दिन सभी अभ्यर्थियों को बहुत सारे उपहार भी दिए जाते है | विद्यालयों के साथ साथ देश के सभी संस्थानों में ध्वजा रोहण का कार्यक्रम होता है संसथान सरकारी हो या फिर प्राइवेट इसके अलावा कई संघठन भी इस पर्व को पूरी देश भक्ति के साथ मनाते है | यदि आप भी गणतंत्र दिवस के बारे में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है , 26 जनवरी रिपब्लिक डे मनाने का क्या कारण है ? इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है |

ये भी पढ़े: भारतीय पासपोर्ट का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करे

गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है 

भारत में गणतंत्र दिवस का यह महत्वपूर्ण दिन गणतंत्र और संविधान की स्थापना के उपलक्ष में मनाया जाता है |  वर्ष 1950 में 26 जनवरी के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा भारत देश को पूर्ण रूप से स्वराज घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में चुन लिया गया था |  जब 15 august 1947 को भारत को पूर्ण रूप से आजादी मिल गई तो तब से 15 august को स्वतंत्रता दिवस के रूप मे मनाया जाने लगा |  भारत के स्वतंत्र होने के बाद एक संविधान सभा का गठन किया गया, जिसके बाद संविधान सभा में शामिल होने वाले महान व्यक्तित्व डॉ० भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1947 मे दिनाक 9 दिसंबर  को कार्यभार की शुरुआत कर दी थी और इसके बाद से ही इस दिन को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाने लगा |

ये भी पढ़े: सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंक की सूची

ये भी पढ़े: केंद्र शासित प्रदेश का मतलब क्या होता है?

26 जनवरी रिपब्लिक डे मनाने का क्या कारण है 

वर्ष 1929 में दिसंबर में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस” का अधिवेशन लाहौर में  किया गया था, जिसमें   ब्रिटिश साम्राज्य से 26 जनवरी 1930 तक भारत को एक डोमिनियन राज्य घोषित करने की मांग की गई, यदि इस अधिवेशन इस प्रस्ताव को पारित कर दिया जाता तो,    भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही एक स्वशासित इकाई बन जाता | इसलिए  ब्रिटिश साम्राज्य ने इस पर कोई  अहम फैसला नहीं लिया और फिर  26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित करने का फैसला लेते हुए स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अपना आंदोलन  शुरू कर दिया, जो 1947 तक लगातार चलता रहा | इसके बाद जब भारत को  पूर्ण रूप से स्वतंत्रता मिल गई तो, इसके बाद से ही भारत में 15 अगस्त को “स्वतंत्रता दिवस” और 26 जनवरी को “गणतंत्र दिवस/ Republic Day ” के रूप में मनाया जाने लगा |

ये भी पढ़े: सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI)

ये भी पढ़े: बिजली का नया कनेक्शन कैसे ले?

गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन

प्रत्येक वर्ष 26 के दिन दिल्ली के लाल किले पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने का कार्यक्रम रखा जाता  है, जिसमें भारत के कई दिग्गज नेता शामिल होते हैं |  दिल्ली के लाल किले पर फहराया जाने वाले ध्वज को  भारत के प्रधान मंत्री द्वारा फहराया जाता हैं, जिसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगान  गाया जाता हैं | गणतंत्र दिवस के इस पर्व को दिल्ली मे बड़े उत्साह के साथ  मनाया जाता हैं, क्योंकि इस दिन हर साल एक भव्य परेड  का आयोजन किया जाता है, जिसका आयोजन इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर राजधानी, नई दिल्ली मे आयोजित किया जाता है इस परेड में भारतीय सेना के विभिन्न रेजिमेंट, वायुसेना, नौसेना आदि सभी शामिल होकर ध्वजा रोहण के कार्यक्रम में शिरकत करते है |

गणतंत्र दिवस का महत्व

गणतंत्र दिवस को एक राष्ट्रीय उत्सव के रूप में पूरे जोश के साथ प्रतिवर्ष मनाया जाता है | इस पर्व में अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसकी तैयारी एक महीने पहले से ही शुरू की दी जाती है क्योंकि, स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रिय नृत्य,गीत और भिन्न प्रकार के कार्यक्रम किये जाते है और इनमें से सबसे प्रमुख ध्वजारोहण  का कार्यक्रम माना जाता हैं | देश के कई संगठन तथा सरकारी कार्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाते है | कई जगहों पर कवि सम्मेलनों का भी आयोजन होता है |

ये भी पढ़े: मुख्यमंत्री (CM) को पत्र कैसे लिखे?

यहाँ पर हमने आपको गणतंत्र दिवस के विषय में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई है | यदि आपको इससे  सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करनी है तो आप  अपने विचार या सुझाव कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूंछ सकते है | इसके साथ ही आप अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो www.hindiraj.com पर विजिट करे |

ये भी पढ़े: फैशन डिजाइनर कैसे बनें

ये भी पढ़े: क्लर्क (CLERK) कैसे बने?

ये भी पढ़े: नागरिकता संशोधन बिल (CITIZENSHIP AMENDMENT BILL) क्या है

ये भी पढ़े: आरटीओ अधिकारी (RTO OFFICER) कैसे बने

ये भी पढ़े: इंश्योरेंस एजेंट (INSURANCE AGENT) कैसे बनें