SGB Scheme in Hindi

सोने से निर्मित आभूषणों का फैशन कभी न कम हुआ है और शायद ही कभी होगा, क्योंकि सोने के गहनो को काफी शुभ माना जाता है। शादी ,पूजा या मुंडन या कोई त्यौहार सभी जगह सोने के गहनों का अपना अलग ही महत्व है, यहाँ तक कि खेलो में भी गोल्ड मेडल दिया जाता है। यही कारण है कि देश में सोने का आयात भी बहुत अधिक होता है। इसी आयात को कम करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की शुरूआत की गई । इस योजना के अंतर्गत सोने के बॉन्ड जारी किए जाते हैं, जो सोने की कीमत के बराबर होते है | इस योजना के माध्यम से आप इसे सस्ते दामों पर ऑनलाइन माध्यम से खरीदे सकते है |  सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना क्या है,SGB का फुल फॉर्म से सम्बंधित जानकारी आपको यहाँ विस्तार से दे रहे है |

WORLD BANK (विश्व बैंक) क्या है

एसजीबी का फुल फॉर्म (SGB Full Form)

एसजीबी का फुल फॉर्म “सार्वभौमिक स्वर्ण बांड” और इंग्लिश में SBG को “Sovereign Gold Bond” कहते है | सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के अंर्तगत सोने में निवेश है, जो भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किया जाता है | 

बैंक कैशियर (BANK CASHIER) कैसे बने

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना क्या है (SGB Scheme Kya Hai)

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना (SGB Scheme) को भारत सरकार द्वारा 9 सितंबर, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की तथा इसे नवंबर 2015 में लॉन्च किया गया था। सरकार द्वारा इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य विदेशो से सोने के आयात पर खर्च होने वाले पैसे को देश में रोकना है । चूँकि भारतीय बाजार में सोने का आयात अत्याधिक होता है,जिसके कारण देश की अत्यधिक धन देश के बाहर निकल जाता है, और उसका इस्तेमाल देश की जनता के लिए नहीं किया जाता, क्योंकि अक्सर लोग सोना खरीद कर घर में ही रख लेते हैं, जिसकी वजह से सरकारी खजाने को इसका कोई लाभ नहीं होता।

चेक बाउंस क्या होता है

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के अंतर्गत अब जो भी लोग सोने में निवेश करना चाहते है, वह इस योजना के माध्यम से निवेश कर सकते है, इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा और ग्राहक को गोल्ड बॉन्ड खरीदने पर ब्याज भी मिलेगा इसके अलावा भी बहुत से लाभ प्राप्त होंगे।

बैंक मैनेजर (BANK MANAGER) कैसे बने

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में निवेश (Investment In SGB Scheme)

सरकार इस योजना के माध्यम से भौतिक रूप से गोल्ड की मांग को कम करना चाहती है, और योजना के अंतर्गत इन्वेस्टर्स को सोने में इन्वेस्ट करने का अवसर देती है। सबसे खास बात यह है, कि इस योजना में निवेश करने वाले निवेशको को फिजिकल फॉर्म में सोना रखने की जरूरत नहीं होती है, बल्कि निवेश करने पर उन्हें एक कागज अर्थात बांड प्राप्त होता है | यह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड डिजिटल और डीमैट रूप में भी उपलब्ध है | इस स्कीम में निवेशकों को प्रति ग्राम सोने में निवेश का मौका मिलता है, जिसकी कीमत सोने के बाजार मूल्य से जुड़ी होती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के मैच्योर होने पर इस बॉन्ड को नकदी में भुनाया जा सकता है।

बैंक पीओ (BANK PO) कैसे बने?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में ब्याज दर (Interest Rate in SGB Scheme)

इस योजना के अंतर्गत निवेश करने पर निवेशक को ब्याज भी मिलता है । इस योजना की वर्तमान ब्याज दर 2.75% प्रतिवर्ष है | निवेशक को ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाता है। यह ब्याज दर सरकार अपनी नीतियों के अनुसार बदल सकती है।

सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंक की सूची

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना के नियम व शर्ते (SGBScheme Terms and Conditions)

  • इस योजना में इन्वेस्टमेंट की न्यूनतम सीमा एक ग्राम है, और अधिकतम निवेश सीमा 500 ग्राम प्रति व्यक्ति है | यदि एक परिवार के कई लोग इस एसजीबी में निवेश करते है, तो वह कुल मिलाकर 4 किलोग्राम तक की सालाना गोल्ड बॉन्ड खरीदा जा सकता है।
  • यदि कोई ट्रस्ट या संगठन इस योजना में निवेश करता है, तो वह एक वर्ष में अधिकतम 20 किलोग्राम तक ही गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है।
  • निवेश पर मिलने वाला ब्याज राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय होगा, जो परिवर्तशील हो सकता है।
  • एसजीबी योजना में 5, 6,7 या 8 साल समय के लिए निवेश किया जा सकेगा |
  • बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज दर सोने की वर्तमान कीमतो के आधार पर ही निर्धारित किया जाएगा।
  • सोने की कीमत बढ़ने और घटने का जोखिम निवेशको के ऊपर होगा, इन कीमतो को लेकर ग्राहक को जागरूक होना होगा।
  • यदि पैसा 3 वर्ष से पहले निकाला जाता है, तो इसमे आपको जो भी फायदा हुआ है उस पर 0-30 प्रतिशत तक टैक्स भरना होगा। टैक्स इस बात पर तय करेगा कि आप आयकर के किस टैक्स स्लैब में आते है।
  • यदि रकम 3 वर्ष बाद निकाली गई तो इसे लबे निवेश के रूप में देखा जाएगा, इसमे 0-20 प्रतिशत तक का टैक्स का भुगतान करना होगा।

एनबीएफसी (NBFC) क्या है

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड कहाँ से ख़रीदे (Where To Buy Sovereign Gold Bond)

इस योजना में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की बिक्री स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, शेड्यूल्‍ड कॉमर्शियल बैंकों और कुछ डाकघरो पर होती है। इसके अतिरिक्त स्टॉक एक्सचेंज जैसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड लिया जा सकता है।

एनबीएफसी (NBFC) क्या है

महत्वपूर्ण जानकारी-

सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्ड 2020 -2021 (Sovereign Gold Bond) के नाम से यह बॉन्ड भारत सरकार की ओर से भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किये जाएंगे। यह बॉन्ड छह अवधि शृंखलाओं में अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 के मध्य जारी किये जाएंगे। 

विश्व के विकसित और विकासशील देशों की सूची

यहाँ आपको सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के बारे में जानकारी प्रदान की गई | यदि आप इस जानकारी से संतुष्ट है, या फिर इससे समबन्धित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करे और अपना सुझाव दे सकते है, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही निवारण किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे|

बैंक विलय क्या है