वैट क्या होता है

भारत एक लोक तांत्रिक देश है, जहाँ पर संविधान के अनुसार ही सारे कार्य किये जाते है | भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गरीब – अमीर के मध्य ज्यादा अंतर न होने पाए | इसलिए भारत में इनकम के अनुसार कर व्यवस्था की गई है | भारत में कर दो प्रकार से वसूलें जाते है एक प्रत्यक्ष कर और दूसरा अप्रत्यक्ष कर | प्रत्यक्ष कर वह होता है जो नागरिकों द्वारा डायरेक्ट सरकार के पास जमा किया जाता है | तथा अप्रत्यक्ष कर वह टैक्स होता है जो जनता से डायरेक्ट न लेकर, अप्रत्यक्ष रूप से सरकार तक पहुँचता है उसे अप्रत्यक्ष कर कहते है | इन्हीं अप्रत्यक्ष करों में एक कर वैट (VAT) टैक्स होता है जो जनता से अप्रत्यक्ष रूप से लिया जाता है | जो किसी भी देश के GDP का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है | वैट (VAT) निर्माता कंपनियों द्वारा सरकार को पहले ही भर दिया जाता है, लेकिन सही मायने में यह टैक्स , ग्राहक (जनता) के वस्तु खरीदने के समय उसके मूल्य में ले लिया जाता है , निर्माता कम्पनी केवल यह कर (Tax) सरकार तक पहुँचाने का कार्य करती है। यदि आप भी वैट क्या होता है, VAT Tax Meaning in Hindi , वैट का फुल फॉर्म क्या है, इसके विषय में जानना चाहते है तो पूरी जानकारी दी जा रही है |

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वैट का फुल फॉर्म | (VAT FULL FORM )

वैट (VAT) का फुल फॉर्म “Value Added Tax” होता है, इसका उच्चारण “वैल्यू एडेड टैक्स” है | इसका हिंदी में मतलब “मूल्य वर्धित कर” होता है | यदि कोई व्यक्ति किसी वस्तु और सेवा आपूर्ति कर का वार्षिक टर्नओवर 5 लाख होता है तो उसे वैट / VAT (Value Added Tax) भरने हेतु पंजीकरण (Registration) करना अनिवार्य होता है।

भारत में वैट (VAT) का महत्व

  1. वैट / VAT उत्पादन के हर पड़ाव पर लगा हुआ होता है जिसके कारण कर (Tax) की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो जाती है।
  2. वैट (Value Added Tax ) से कर (Tax) की चोरी की संभावना को बहुत कम कर देता है।
  3. वस्तु और सेवा की बिक्री के सबसे छोटे स्तर पर पारदर्शिता को बढ़ाने का कार्य करता है।
  4. VAT (Value Added Tax) के तहत एकसमान वस्तुओं पर बराबर कर (Tax) लगाए जाने का प्रावधान है।

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वैट (VAT) टैक्स क्या है

वैट (VAT) टैक्स भारत में 1 अप्रेल 2005 को लागू किया गया था | साधारण भाषा में, यदि आप जब भी किसी वस्तु की खरीदारी या बिक्री करते है तब आपको अपने लाभ का कुछ प्रतिशत भाग सरकार को देना पड़ता है परन्तु यदि आपका टर्नओवर 5 लाख रूपये से कम है तो इसपर आपको कोई वैट (VAT) टैक्स नहीं देना होता है |

उदहारण के तौर पर यदि आप 1000 रुपये का कोई सामान खरीदते है और आप उसे 1200 में बेचते है तो आपने 200 की वैल्यू ऐड की , तब ऐसे में आपको 200 रूपए लाभ पर कुछ प्रतिशत भाग सरकार को देना होता है यह टैक्स आपकी सामान पर निर्भर करता है कि कितना लगाया गया है | जैसे 10% लगा है तो 10% वैट टैक्स के हिसाब से आपको 20 रुपये का टैक्स चुकाना होता है |

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यहाँ आपको वैट (VAT) टैक्स के विषय में जानकारी प्रदान की गई | यदि आप इस जानकारी से संतुष्ट है, या फिर इससे समबन्धित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करे और अपना सुझाव दे सकते है, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही निवारण किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे|

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