डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन क्या है

जब कोई व्यक्ति किसी नौकरी को प्राप्त करने के लिए किसी ऑफिस, दफ्तर या स्कूल में जाता है, तो वहां पर उसे नौकरी प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने पूर्व डॉक्यूमेंट दिखाने होते हैं, जिसके आधार पर व्यक्ति को नौकरी प्रदान की जाती हैं, लेकिन नौकरी को प्राप्त करने से पहले व्यक्ति को डॉक्युमेंट्स वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है | ऐसा इसलिए कराया जाता है, ताकि उस कंपनी या विभाग को आपकी सत्यता के विषय में जानकारी प्राप्त हो सके | वहीं सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले व्यक्ति का लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाता है क्योंकि, इस प्रक्रिया में आपके अंकों तथा सर्टिफिकेट की पहले पूरी तरह से जाँच की जाती है, ऐसा करने से यह मालूम हो जाता है, कि जिसने आवेदन किया था वहीं व्यक्ति जॉब प्राप्त कर रहा है | डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया सम्पन हो जाने के बाद व्यक्ति को उसकी नौकरी का नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिया जाता है | इसलिए यदि आप भी डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन क्या है , प्रक्रिया की पूरी जानकारी प्रदान की जा रही है | 

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डॉक्यूमेंट (DOCUMENT) वेरिफिकेशन का क्या मतलब है ?

जब कोई व्यक्ति किसी संस्था में नौकरी प्राप्त करने के लिए जाता है, तो उस संस्था के द्वारा नए इम्प्लॉयी को नौकरी प्रदान करने से पहले डॉक्यूमेंट की जाँच की जाती है, जिससे उसकी योग्यता के विषय में सही से जानकारी प्राप्त हो जाती है | इस प्रक्रिया में इम्प्लॉयी के डॉक्यूमेंट की जांच इंटरनेट की सहायता से की जाती है, वहीं कई मामले ऐसे भी होते है, जहाँ पर यह जाँच सर्टिफिकेट प्रदान करने वाली संस्था के पास जाकर भी किया जाता है | इस प्रकार से की जाने वाली जाँच प्रक्रिया को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कहा जाता है |

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का प्रक्रिया | DOCUMENT VERIFICATION process

जो लोग नौकरी से सम्बंधित आयोजित की जाने वाली लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में सफलता प्राप्त कर लेते है, तो उसके बाद ही आपके डॉक्यूमेंट की जाँच की जाती है, क्योंकि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए एक समिति का गठन किया जाता है , जिसमें आपको एक निर्धारित तिथि और समय पर इस समिति के समक्ष अपने सभी डॉक्यूमेंट को लेकर उपस्थित होना आवश्यक होता है, इसके बाद सबसे पहले आपके सभी डॉक्यूमेंट की जाँच उसी समय इंटरनेट पर डाल कर ली जाती है, यदि आपके पूरे डॉक्यूमेंट सही पाए जाते है, तो बाद में आपके सभी डॉक्यूमेंट वापस कर दिए जाते है, यदि आपके किसी डॉक्यूमेंट में संशय पाया जाता है, तो वह डॉक्यूमेंट आपको वहीं जमा करना होता है, क्योंकि उस डॉक्यूमेंट की प्रमाणिकता सम्बंधित संस्था से कराई जाती है | इसके बाद आपके डॉक्यूमेंट को आपको पुन: वापस कर दिया जाता है और वहीं  यदि आपके डॉक्यूमेंट फर्जी पाए जाते है, तो आपके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है |

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डॉक्यूमेंट (DOCUMENT) वेरिफिकेशन कहाँ- कहाँ पर  होता है ? 

जब कोई व्यक्ति किसी सरकारी विभाग में नौकरी प्राप्त करने के लिए जाता है, तो वहां पर नौकरी प्रदान करने से पूर्व डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अवश्य किया जाता है, कई बड़ी प्राइवेट संस्थाओं द्वारा भी इस प्रक्रिया को शामिल किया जाता है | इसलिए आपको यह जानना जरूरी है, कि आप जब भी किसी सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी विभाग में जाएंगे, तो उस समय योजना में लगने वाले सभी डॉक्यूमेंट की जाँच निर्धारित अधिकारी के द्वारा की जाती है | इसके बाद जब वह अपनी स्वीकृति प्रदान कर देता है, उसी के बाद आप योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है |

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यहाँ पर हमने आपको डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई है |  यदि आपको इससे सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप  www.hindiraj.com पर विजिट कर सकते है | इसके साथ अपने विचार या सुझाव अथवा प्रश्न कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूंछ सकते है | हम आपके सुझावों का हमे इन्तजार है |

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