श्वेत पत्र (White paper) क्या होता है

श्वेत पत्र एक दस्तावेज होता है | यह दस्तावेज मुख्य रूप से एक प्रकार का आधिकारिक लिखित दस्तावेज होता है, जिसमें सरकार या कोई अन्य संस्था किसी विषय, मुद्दे, नीति अथवा समस्या पर अपनी जानकारी, सोच व विचारों को स्पष्ट करने का काम करती है। श्वेत पत्र में एक विषय से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियों का समावेश किया जाता है |  इस श्वेत पत्र में पाठकों को एक मुद्दे को अच्छी प्रकार से समझने, उसका समाधान तलाशने व कोई फैसला लेने में सहायता प्राप्त हो जाती है, जिससे उनके सभी कार्यो बहुत ही आसान हो जाते है | यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता जाता है, जिसके विषय में अधिकतर लोगों को कम जानकारी प्राप्त होती है | इसलिए आपको भी  श्वेत पत्र (White paper) के विषय में अधिक जानकारी नहीं प्राप्त है और आप सके विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको  श्वेत पत्र (White paper) क्या होता है, श्वेत पत्र की परिभाषा व कौन जारी करता है ? इसकी वस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है |

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श्वेत पत्र (WHITE PAPER) की परिभाषा क्या है ?

‘श्वेत पत्र’ एक शब्द है, जिसे ब्रिटेन से शुरू किया गया था। इसके बाद साल 1922 में ‘चर्चिल ह्वाइट पेपर’ सम्भवतः पहला श्वेत पत्र था। यह एक ऐसा दस्तावेज है, जो प्रमुख रूप से सफाई देने का काम करता है | इसलिए यह इस बात की सफाई देने के लिए था कि, ब्रिटिश सरकार यहूदियों के लिए फलस्तीन में एक नया देश इसरायल बनाने के लिए 1917 की बालफोर घोषणा को किस तरह अमली जामा पहनाने जा रही है क्योंकि, कनाडा के साथ-साथ दूसरे अन्य देशों में भी यही परम्परा है। यह जारी करना परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

इसके बाद सन 1947 में जब कश्मीर पर पाकिस्तानी हमला किया गया था, तो उसके बाद 1948 में भारत सरकार ने एक दस्तावेज जारी किया और उसने अपनी तरफ से पूरी स्थिति को स्पष्ट किया था। फिर मई भारत सरकार ने 2012 में  काले धन पर  को लेकर और अभी कुछ वर्षों में रेलवे को लेकर श्वेत पत्र जारी किया है। इनके अतिरिक्त भी अनेक विषयों पर श्वेत पत्र जारी  किये गए है। इसलिए सरकार किसी नीति को लागू करने से पहले उसके बारे में सभी तरह की जानकारीयां  उपलब्ध कराने के लिए श्वेत पत्र जारी कर सकती है | इसके साथ ही विपक्ष द्वारा भी सरकार पर किसी विषय से सम्बद्ध श्वेत पत्र जारी करने का दबाव बनाया जा सकता है।

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श्वेत पत्र केवल एक सरकारी दस्तावेज  ही नहीं नहीं होता है, बल्कि श्वेत पत्र को एक गैर-सरकारी संस्था, कोई कंपनी भी अपने कर्मचारियों व ग्राहकों को अपने उत्पादों की जानकारी प्रदान करने के लिए भी जारी कर सकती है। इसके अलावा यदि विपणन(मार्केटिंग) के क्षेत्र में कोई संस्था अपने उत्पादों या किसी नई तकनीक का प्रचार करना चाहती है तो वह प्रचार करने के लिए व उन्हें और लोकप्रिय बनाने के लिए श्वेत पत्र जारी करके सभी स्थानों पर जानकारी पहुंचा सकती है |

एक उत्पाद/तकनीक से जुड़े श्वेत पत्र में उस उत्पाद/तकनीक से जुड़ी विभिन्न जानकारियां शामिल होती है जैसे – उसमें दी गयी सुविधाएं, उसको उपयोग करने की विधि, उसको प्रयोग करने के लिये जरूरी वातावरण व परिस्थितियों के बारे में जानकारी, दूसरे इसी प्रकार के उत्पादों के साथ तुलनात्मक जानकारियां, कीमत से जुड़ी जानकारियां व अन्य सभी जानकारियां शामिल की जाती है |

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श्वेत पत्र कौन जारी करता है ?

श्वेत पत्र एक ऐसा दस्तावेज है, जिसे सरकार के साथ – साथ एक गैर-सरकारी संस्था, कोई कंपनी भी अपने कर्मचारियों व ग्राहकों को अपने उत्पादों की जानकारी देने के लिए जारी कर सकती है | इस दस्तावेज का इस्तेमाल आम कंपनी वाले लोग भी कर सकते है |

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