चन्द्र ग्रहण (Lunar Eclipse) क्या होता है

चन्द्र ग्रहण (LUNAR ECLIPSE) उस समय लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी ग्रह की छाया में होता है। ऐसा तब संभव है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में पहुँच रही हों। इस ज्यामितीय बंधन के वजह से चन्द्र ग्रहण सिर्फ पूर्णिमा को हो सकता है। चंद्र ग्रहण का समय एवं प्रकार चंद्र आसंधियों के अपेक्षा में चंद्रमा की स्थिति पर तय करते हैं। चंद्रमा के इस अवस्था को “ब्लड मून” भी कहते है। चंद्र ग्रहण आरंभ होने के पश्चात ये पहले काले और फिर धीरे-धीरे सुर्ख लाल रंग में प्रवर्तित हो जाता है।

हमें पता है कि चंद्रमा पृथ्वी का एक उपग्रह होता है, उपग्रह होने के नाते यह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है, इस चक्कर के उपरांत चन्द्रमा का रास्ता परवलयकार होता है, जिसकी  वजह से चन्द्रमा कभी पृथ्वी के समीप तो कभी पृथ्वी के सबसे अधिकतम दूरी से घूमती है। एक ऐसी खगोलीय घटना को “Super Moon” कहते हैं जिस समय चन्द्रमा, पृथ्वी के सबसे निकट होता है (लगभग 3,56,500 किलोमीटर) इस दौरान चन्द्रमा अपनी वास्तविक अवस्था  से चौदह गुना अधिक चमकीला दिखाई देता है । खगोलीय वैज्ञानिको अनुसार प्राप्त जानकारी से “Super Moon (सुपर मून)” की घटना लगभग प्रत्येक 33 वर्ष के पश्चात पुनः घटित होती है। चन्द्र ग्रहण (LUNAR ECLIPSE) क्या होता है | चन्द्र ग्रहण में क्या करें क्या न करे इसके बारें में आपको यहाँ विस्तार से जानकारी दे रहे है |

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चन्द्र ग्रहण (LUNAR ECLIPSE) में क्या करें

  • चन्द्र ग्रहण लगने से पहले स्नान करके भगवान का भजन, और ध्यान करना अच्छा होता है।
  • भगवान वेदव्यास जी द्वारा कहे वचन – “चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्य ग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है।”
  • चन्द्र ग्रहण के दौरान गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवान नाम का जप करें, न करने से मन को मलिनता होती है।
  • चन्द्र ग्रहण खत्म होने पर स्नान करके उचित व्यक्ति को दान देने का विधान है।
  • चन्द्र ग्रहण के पश्चात पहले से रखा पानी और अन्न को नष्ट कर देना चाहिए । नया भोजन बनाया जाता है और ताजा पानी भरकर पीना होता है।
  • चन्द्र या सूर्य ग्रहण समाप्त होने पर उसका शुद्ध बिम्ब देखकर ही भोजन करें।
  • चन्द्र ग्रहण के समय में स्पर्श किए हुए वस्त्र आदि की शुद्धि करण के लिए उसे बाद में धोना चाहिए |
  • चन्द्र ग्रहण के काल में गायों को घास, पक्षियों को दाना, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है।

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चन्द्र ग्रहण (LUNAR ECLIPSE) में क्या न करे

  • चन्द्र ग्रहण के दौरान तेल लगाना, भोजन करना, जल पीना, सोना, बाल बनाना, संभोग करना, मंजन करना, कपड़े धोना, ताला खोलना आदि न करें ।
  • चन्द्र ग्रहण के दौरान भोजन करने वाला व्यक्ति जितना अन्न का दाना खाता है, उस व्यक्ति को उतने वर्षों तक नरक में वास करता है।
  • चन्द्र ग्रहण के काल में सोने वाला व्यक्ति रोगी होता है ।
  • चन्द्र ग्रहण के समय में पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल न तोड़ें ।
  • स्कंद पुराण के अनुसार, चन्द्र ग्रहण के दौरान पर दूसरे का अन्न खाने से 12 वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य समाप्त हो जाता है ।
  • चन्द्र ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू न करें ।

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