Parts of Speech in Hindi

Parts of Speech की अंग्रेज़ी भाषा में काफी महत्ता है क्योंकि इसे सीखने के बाद अंग्रेज़ी ग्रामर में हमारी पकड़ मज़बूत हो जाती है जोकि इंग्लिश बोलने में हमारी काफी मदद करती है। किसी भी भाषा के ग्रामर में Parts of Speech का सीखना काफी जरूरी हो जाता है।

इसलिए इस लेख में आज हम Parts of Speech in Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे। इस लेख के अंत तक हमसे जुड़े रहें।

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Definition of Parts of Speech in Hindi

भाषा के माध्यम से जब हम अपनी भावनाओं या विचारों को वाक्यों के रूप में बोलते या लिखते हैं तो वह सभी Parts of Speech से ही लिये जाते हैं। हिंदी में इसे भाषा के भेद भी कहा जाता है। इंग्लिश ग्रामर को सही रूप से बोलने एवं लिखने के लिए पार्ट्स ऑफ़ स्पीच की जानकारी होना आवश्यक है। आपको बता दें कि Parts of Speech को 8 भागों में विभाजित किया जा सकता है जिसका विस्तारपूर्वक उल्लेख हम निम्नलिखित करने जा रहे हैं।

Types of Parts of speech in hindi

1. Noun(संज्ञा)
2. Pronoun (सर्वनाम)
3. Adjective (विशेषण)
4. Verb (क्रिया)
5. Adverb (क्रियाविशेषण)
6. Preposition (सम्बंधसूचक अव्यय)
7. Conjunction (समुच्यबोधक)
8. Interjection (विस्म्यादिभोदक)

Noun (संज्ञा)

दिनभर में हम न जाने कितनी ही चीज़ों को देखते हैं और उन्हें उसके नाम से पहचानते हैं। आप खुद भी सोच सकते हैं कि यदि नाम ना होते तो वस्तुओं और जीवों की हम पहचान कैसे करते। इसलिए हम किसी भी वस्तु, जीव या जानवर की पहचान करने के लिए नाम का इस्तेमाल करते हैं और इसे ही संज्ञा कहा जाता है। आसान भाषा में यदि हम समझें तो दिनभर में हम जितने भी नामों का उपयोग करते हैं उन्हें ही संज्ञा कहा जाता है। फिर वो चाहे जीव हो, पंछी हो या वस्तु। बिना नाम के किसी चीज़ को पुकारना असंभव है।

उदाहरण

  • व्यक्ति के रूप में – नौकर , साहब, मां, शिक्षक, राम भाई ,लड़का ,मैनेजर , पिता, मौसी, मौसा आदि।
  • पशु-पक्षी के रूप में –  मगर, कबूतर, गाय, तोता, बंदर बाघ वगैरह।
  • स्थान के रूप में  –  चौक, प्राणी संग्रहालय, बगीचा, दरवाजा, मैदान, नदी का किनारा इत्यादि।
  •  वस्तु के रूप में –  पैन, पानी, दूध, तेल, बरगद, नीम, वृक्ष, कुर्सी, टेबल, अलमारी, चम्मच आदि।

Pronoun (सर्वनाम)

जिस वाक्य में नाम की जगह शब्द का इस्तेमाल किया जाता है उसे सर्वनाम कहा जाता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब एक या एक से ज़्यादा लोग एक दूसरे से बात कर रहे हों या उनके बारे में बात की जा रही हो। उन्हें संबोधित करते समय बार बार उनका नाम लिया जाता है जोकि सही नहीं लगता। इसलिए नाम लेने के बजाय उन वाक्यों में सर्वनाम का इस्तेमाल किया जाता है।

उदाहरण

he, him, himself, his, she, her, herself, it, I, my, myself, you, your, yourself, we, our, ourselves, they, them, themselves, itself etc.

Adjective (विशेषण)

कोई भी संज्ञा या सर्वनाम जो है उसकी कुछ ख़ास विशेषताएं जरूर होती हैं। इन्हीं विशेषताओं के माध्यम से इनकी पहचान होती है और यहीं विशेषताएं वस्तु या जीव को एक दूसरे से अलग बनाती हैं। जब किसी संज्ञा या सर्वनाम के बारे में बात की जा रही हो तो उसे विशेषण कहा जाता है। इसमें शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु ,स्थान, प्राणी आदि के बारे में विशेष बातें बताते हैं। आपको बता दें कि विशेषताएं केवल इंसानों की ही नहीं होती बल्कि यह जीव, वस्तु, पंछी और जानवर आदि सभी में पाई जाती हैं।

उदाहरण

ज़ैन एक अच्छा लड़का है और ईमानदार बालक है। वह पढ़ने में भी काफी होशियार है और बड़ों की भी वह इज़्ज़त करता है।

Verb (क्रिया)

Parts of Speech में क्रिया का काफी महत्तव है क्योंकि किसी भी वाकया को पूरा करने के लिए क्रिया की बहुत आव्यशकता होती है। यदि वाकया में क्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा तो वाकया पूरा ही नहीं होगा। जो शब्द वस्तु की कार्य, संबंध और अवस्था बताता है वह क्रिया कहलाता है।

जैसे कि:-

  • हम पार्क में घूमने गए थे।
  • कृष खेल रहा है।
  • गौतम पढ़ रहा है।

मुख्य तौर पर क्रिया दो प्रकार की होती हैं जोकि कुछ इस प्रकार हैं:-

Helping Verb

  • Is, am, are, was, were, have, had etc.
  • Main Verb
  • put, write, read, dance, play, run, jump, cut

12 महीनों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में

Adverb (क्रियाविशेषण)

किसी भी Verb, Adjective या Adverb की विशेषता को बताने के लिए क्रियाविशेषण का इस्तेमाल किया जाता है।  जिस प्रकार सर्वनाम की विशेषता को बताने के लिए विशेषण को इस्तेमाल में लाया जाता है उसी तरह से क्रिया की विशेषता को जानने के लिए भी क्रियापद का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि क्रियापद को हमेशा क्रिया से पहले उपयोग में लाया जाता है।

उदाहरण

  • राधा अच्छा गिटार बजा लेती है।
  • सूरज तेज़ी से भागता है।
  • उस्बे धीरे से चाक़ू को उठाया।

Preposition (सम्बंधसूचक अव्यय)

नाम तथा सर्वनाम के बीच किसी भी जगह, स्थान या समय को जोड़ने के लिए जिस शब्द का उपयोग किया जाता है वह Preposition कहलाता है। ज़्यादातर Preposition का उपयोग किसी स्थान के साथ उसके नाम के साथ जुड़ने पर किया जाता है।

उदाहरण

  • वह टेबल के नीचे छुपा हुआ था।
  • सुधा की अंगूठी बीच पर खो गई।
  • वह कुर्सी पर बैठ गया।
  • सचिन को उसका बैट बेड के नीचे मिल गया।

Conjunction (समुच्यबोधक)

किसी भी वाक्य में दो या उससे अधिक शब्दों को आपस में जोड़ने के लिए Conjuction का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल शब्दों, वाक्यों और वाक्यांशों को आपस में जोड़ने वाले शब्द समुच्‍चयबोधक तथा संयोजक शब्‍द कहलाते हैं।

उदाहरण

  • मेरे पास दो गोल्डफिश और एक बिल्ली है।
  • मैं बाज़ार में घूमने जाना चाहता हूँ लेकिन मुझे काम पर जाना है।
  • मैं आपको इस उपहार के लिए धन्यवाद कहना चाहता हूँ।
  • अपनी माँ की वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूँ।

Interjection (विस्म्यादिभोदक)

जब कोई ऐसी परिस्थिति हो जिसमें भावनाओं का इस्तेमाल होता है उसमें Interjection का इस्तेमाल किया जाता है। सरल शब्दों में यदि हम समझें तो Interjection का इस्तेमाल हर्ष, पीड़ा और आश्चर्य आदि जैसी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। हिंदी में इसे विस्‍मयादिबोधक भी कहा जाता है।

उदाहरण

  • ओह वोव! यह कितना सुंदर दृश्य है।
  • अरे नहीं! अब फिर से मुझे घर तक चलके जाना पड़ेगा।
  • अरे वाह! ये आइस क्रीम तो स्वादिष्ट है।

संस्कृत श्लोक अर्थ सहित

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