पर्यायवाची शब्द (Synonyms word) किसे कहते हैं ?



Synonyms word in Hindi – हिन्दी भाषा का व्याकरण रूप विस्तृत है जिसमें सम्पूर्ण साहित्य की रूपरेखा को संजोये रखने की क्षमता है। व्याकरण की दृष्टि से हिंदी भाषा में अर्थ के संदर्भ में अनेक रूप प्रस्तुत किए जाते हैं। शब्द प्रयोग की सूची में पर्यायवाची शब्दों की रूपरेखा अतुलनीय है। इसलिए सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यानपूर्वक पढ़े।

Synonyms word

इस लेख में पर्यायवाची शब्द के विभिन्न संदर्भों को सही रूप में लिखा गया है। पर्यायवाची शब्द की परिभाषा, अर्थ एवम् उदाहरण का स्वरूप सुलझे हुए रूप में सही मार्ग दर्शन हेतु लिखा गया है। पर्यायवाची शब्द के बारे में इस लेख में उपयुक्त जानकारी मिलेगी।

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पर्यायवाची शब्द (Synonyms word) किसे कहते हैं ?

पर्यायवाची शब्द एक हिंदी व्याकरणिक शब्द है जो अर्थ की दृष्टि से एक शब्द के समान अर्थ वाले कई शब्द रूप प्रस्तुत करता है। “पर्यायवाची” शब्द में “पर्याय” व “वाची” की संधि से पर्यायवाची शब्द बना है। “पर्याय” का अर्थ होता है ” समान” वह शब्द जो शब्द का समान अर्थ बताये और “वाची” का अर्थ होता है ” बोध कराना” वह शब्द जो शब्द के समान अर्थ का बोध कराये। इस तरह “पर्यायवाची शब्द” का अर्थ होता है समान अर्थ का बोध कराने वाले शब्द।

उदाहरण स्वरूप “घर” शब्द के पर्यायवाची शब्द हैं धाम, सदन, निकेतन, गृह, आलय आदि। इस उदाहरण में मूल शब्द घर के पर्यायवाची सभी शब्द समान अर्थ का बोध कराते हैं।

पर्यायवाची शब्द को अंग्रेजी में “Synonyms word” कहते हैं। जिसको सामान्य रूप से alternative भी कहा जा सकता है अर्थात एक शब्द की जगह उसके Alternative or Synonyms word का प्रयोग किया जा सकता है।

उदाहरण स्वरूप “कमल” के कई Synonyms हैं जैसे – नीरज, जलज, राजीव, पंकज, सरोज, नलिन, अरविंद आदि। इस उदाहरण में मूल शब्द “कमल” है जिसके कई “Synonyms Word” हैं इनका अर्थ एक समान है।

पर्यायवाची शब्द को हिंदी में समानार्थी शब्द या समानार्थक शब्द भी कहते हैं। समानार्थी व समानार्थक से अभिप्राय है समान अर्थ बताने वाले शब्द।

उदाहरण स्वरूप ” मेघ” के समानार्थी या समानार्थक शब्द हैं जलधर, घन, वारिद, जलद, बादल, नीरद, अंबुद आदि। इस उदाहरण में अन्य शब्द मेघ के समानार्थी शब्द हैं जो समान अर्थ बताने वाले शब्द हैं।

कुछ मूल शब्द व उनके पर्यायवाची शब्द

मूल शब्दपर्यायवाची शब्द |
पुष्पसुमन, कुसुम, प्रसून, पुहुप |
नारीस्त्री, वामा, सुंदरी, कांता, महिला, औरत, रमणी, कामिनी |
फौजसेना, दल, कटक, अनि, वाहिनी |
समुंदरसिंधु, सागर, जलधि, अंबुधि, नदिश, रत्नाकर, पारावार, वरिध |
रात्रिरजनी, निशा, रात, विभावरी, रैन, यामिनी |
धरतीभू, धरा, पृथ्वी, वसुंधरा, धरित्री, धरणी, भूमि, वसुधा, अवनि |
हवापवन, समीर, अनिल, मारुत, बयार, वात |

पर्यायवाची शब्द की परिभाषा

पर्यायवाची शब्द वो शब्द होते हैं जो अर्थ की दृष्टि से समान अर्थ बताते हैं। पर्यायवाची शब्द में मूल शब्द का अभिप्राय बताने वाले अनेक शब्द समान अर्थ की अनुभूति कराते हैं। जिन शब्दों के अर्थ में समानता देखी जाती है ऐसे शब्द पर्यायवाची कहलाते हैं। अर्थ की दृष्टि से शब्दों में अनेक रूप मिलते हैं जिनमें पर्यायवाची शब्द भी हैं जिसे “प्रतिशब्द” भी कहा जाता है। 

हिंदी भाषा की व्याकरण पृष्ठभूमि में पर्यायवाची शब्दों की अधिकता मिलती है। हिंदी भाषा एक विस्तृत सम्पन्न भाषा है इस भाषा में अनेक भाषाओं के शब्द भी मिलते हैं। अनेक पर्यायवाची शब्द संस्कृत के तत्सम शब्दों से मेल खाते हैं। हिंदी भाषा में इन संस्कृत तत्सम शब्दों का प्रयोग समान रूप से किया है कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इन शब्दों में अर्थों की समानता दिखती है लेकिन प्रयोग करते वक्त वाक्य विन्यास, भावों, अभिव्यक्ति आदि का ध्यान रखा जाता है क्योंकि प्रयोग करते वक्त वाक्यों में इन शब्दों के अलग अलग प्रयोग होते हैं। इन शब्दों की महत्वपूर्णता स्थान व विषय अनुसार देखी जा सकती है। शब्द विशेष में प्रयोग किए जाने वाले समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची की संज्ञा दी जाती है लेकिन प्रयोग की दृष्टि से प्रत्येक शब्द की विशिष्टता व भाव के भिन्न होने पर इनके प्रयोग में भी भिन्नता दिखती है।

जैसे – “तात्पर्य” मूल शब्द के पर्यायवाची शब्द हैं प्रयोजन, अभिप्राय, मतलब, अर्थ, उद्देश्य, विचार, मंशा, मंतव्य, आशय।

इस उदाहरण में मूल शब्द तात्पर्य है और अन्य सभी शब्द इसके पर्यायवाची शब्द हैं। यह सभी शब्द समान अर्थ के रूप में जाने जाते हैं।

पर्यायवाची शब्दों को विभिन्न उदाहरणों द्वारा पूर्ण रूप से समझा जा सकता है। पर्यायवाची शब्द के उदाहरणों को दो स्वरूपों में विभाजित किया जा सकता है।

पहला स्वरूप

पर्यायवाची के कुछ उदाहरण स्वरूप शब्द प्रयोग व अर्थ की दृष्टि में भिन्नता प्रतीत कराते हैं।

उदाहरण : मूल शब्द “जल” पर्यायवाची शब्द ” पानी”

इस उदाहरण में जब वाक्यों में इनका प्रयोग किया जाता है तो भिन्न संदर्भ समक्ष आता है जैसे कि  इस वाक्य में “मृत को जल अर्पण किया जाता है।” उदाहरण में “पानी” का प्रयोग नहीं किया जा सकता है क्योंकि वह उपयुक्त नहीं होगा। इन शब्दों में अर्थ समानता है लेकिन प्रयोग भावों व अभिव्यक्ति के अनुसार किया गया है।

दूसरा स्वरूप

पर्यायवाची के कुछ उदाहरण स्वरूप शब्द प्रयोग व अर्थ की दृष्टि से समान प्रतीत होते हैं।

उदाहरण : मूल शब्द “अग्नि” पर्यायवाची शब्द “आग”

इस उदाहरण में शब्दों के प्रयोग में समान अर्थ समक्ष आता है। जैसे कि इस वाक्य में मूल शब्द “अग्नि” है व पर्यायवाची शब्द “आग” है। वाक्य प्रयोग में अग्नि प्रज्वलित हो रही है और आग प्रज्वलित हो रही है। दोनों उदाहरणों में मूल शब्द व पर्यायवाची शब्द का प्रयोग समानता प्रस्तुत करता है अनुचित नहीं है।

पर्यायवाची शब्दों के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं

इसी प्रकार अन्य उदाहरण भी मूल शब्द के पर्यायवाची शब्द हैं व समान अर्थ के ध्योतक हैं।

इंद्र (मूल शब्द)

(पर्यायवाची शब्द)

देवेंद्र, सुरेंद्र, सुरेश, सूरराज, पुरंदर, देवेश, देवराज, शचिपति, शक्र, सुरपति, देवेश

कामदेव (मूल शब्द)

(पर्यायवाची शब्द)

काम, मदन, मनोज, अनंग, पंचशर, मन्मथ, कंदर्प, रतिपति

अमृत ( मूल शब्द)

(पर्यायवाची शब्द)

सुधा, सोम, अमिय, पीयूष

आँख (मूल शब्द)

(पर्यायवाची शब्द)

नयन, लोचन, नेत्र, चक्षु, दृक्ष, अक्षि

गणेश (मूल शब्द)

(पर्यायवाची शब्द)

गजानन, विनायक, गणपति, भवानीनंदन, एकदंत, लंबोदर, गजवंदन, विघ्नेश

गंगा (मूल शब्द)

पर्यायवाची शब्द

सुरसरिता, देवनदी, भागीरथी, त्रिपथगा, देवापगा, अलकनंदा, मंदाकिनी

(मूल शब्द) चन्द्र

(पर्यायवाची शब्द)

राकेश, राकापति, शशि, रजनी पति, सुधांशु, तारापति, मयंक, सुधाकर, सोम, इंदु, हिमांशु, कलानिधि, निशाकर

(मूल शब्द) पत्नी

(पर्यायवाची शब्द)

दारा, भार्या, गृहणी, वामांगी, सहधर्मिणी, अर्धांगिनी, तिय, वल्लभा

(मूल शब्द) पर्वत

(पर्यायवाची शब्द)

शैल, नग, गिरी, भूमिधर, पहाड़, महीधर

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कुछ अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं

घोड़ा – अश्व, तुरंग, बाजि, सैंधव, हय, रविसुत,अर्दा

अज्ञानी – अनाड़ी, अनजान, अनभिज्ञ, अकुशल, अदक्ष, अपटु, मूर्ख, अल्पज्ञ, नौसिखिया

घमंड – अभिमान, गौरव, दर्प, अहं, अहंकार, दंश, मिथ्याभिमान, अस्मिता

मनोकामना – लालसा, इच्छा, चाह, अभिलाषा, कामना, मनोरथ, आकांक्षा, ईहा, ईप्सा

धनवान – अमीर, सम्पन्न, धनी, धनाढ्य, पैसेवाला

आयुष्मान – शतायु, दीघार्यु, चिरायु, दीर्घजीवी, चिरंजीव

नवीन – आधुनिक, नूतन, वर्तमानकालीन, अधुनातन, अर्वाचीन, नव्य

मनाही – इनकार, निषेध, अस्वीकृति, प्रत्याख्यान

ईर्ष्या – कुढ़न, द्वेष, स्पर्धा, डाह, जलन, मत्सर

उचित – उपयुक्त, वाजिब, सम्यक, सही, ठीक

उदाहरण स्वरूप पर्यायवाची शब्दों का वाक्य में प्रयोग

पर्यटक – यात्री

राजस्थान में कई विदेशी पर्यटक राजस्थान के पर्यटन स्थल देखने जाते हैं।

जुलूस – शोभा यात्रा

जब कोई त्यौहार आता है तो बड़ी धूम धाम से सड़कों पर जुलूस निकाले जाते हैं।

प्रसिद्ध – विख्यात

भारत में कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं जो प्रसिद्ध हैं।

गहने – आभूषण

रमा के पास बहुत सुंदर गहने हैं।

सलाह – सुझाव

सही सलाह को मानना अच्छी बात है।

सफर – यात्रा

नैनीताल का सफर बड़ा सुहाना होता है।

सहभागिता – भागीदारी

कमलेश और रमेश का बिज़नेस बराबर की सहभागिता वाला है।

मत – वोट

भारत के नागरिक होने के नाते मत दान करना

हमारा कर्तव्य है।

तजुर्बा – अनुभव

नृत्य में गीता को कई सालों का तजुर्बा है।

पृथ्वी – धरती

हमारी पृथ्वी बहुत सुंदर है।

प्रसन्नता – खुशी

प्रसन्नता हमारे चेहरे को सुंदर बना देती है।

खास – विशिष्ट

राजेश के पास उसके ऑफिस की खास फाईल है।

निष्कर्ष (Conclusion)

पर्यायवाची शब्द अर्थ की दृष्टि से अनेक समान शब्दों की अभिव्यक्ति देते हैं। समान अर्थ बताने वाले पर्यायवाची शब्द हिंदी व्याकरण में प्रयोग किए जाते हैं व हिंदी साहित्य में विस्तृत रूप में प्रयुक्त होते हैं। विभिन्न उदाहरणों में पर्यायवाची शब्दों का उपयोग दर्शित होता है।

अन्तिम शब्द

इस लेख में पर्यायवाची शब्द के अर्थ, परिभाषा व उदाहरणों के संदर्भ की जानकारी लिखी गई है। विभिन्न पक्ष सही ज्ञान स्वरूप प्रस्तुत किए गए हैं। पर्यायवाची शब्द के बारे में इस लेख के माध्यम से अच्छे से समझ सकते हैं।

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