जनता कर्फ्यू (Janta Curfew ) क्या होता है

पूरी दुनिया नॉवेल कोरोना वायरस महामारी की समस्या से परेशान है, विश्व के कई देश इसके में चपेट आ गए है | इस समस्या को देख कर, सभी देशों द्वारा अलग – अलग कदम उठाये जा रहे हैं | ये सब देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने भी एक अलग कदम उठाया, इस परिस्थिति से लड़ने के लिए पूरे भारत में एक कर्फ्यू लगाया, जिसे जनता कर्फ्यू कहा गया है | जनता कर्फ्यू भारत में पहली बार लागू किया गया, जिसका समर्थन पूरे भारत की जनता ने किया और यह सफल जनता कर्फ्यू रहा | इसे पूरे भारत में 22 मार्च 2020 को लागू किया गया | यदि आप भी जनता कर्फ्यू क्या है, क्या होती है, इसके विषय में जानना चाहते है तो यहां पर इसकी सम्पूर्ण जानकारी दी जा रही है |

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जनता कर्फ्यू (Janta Curfew ) के बारे में जाने

भारत के प्रधानमंत्री जी ने यह बार – बार अपील किया है कि अपने घरों से बाहर न निकलें, अधिक  भीड़ – भाड़ वालों जगहों से दूरी बनाकर रहें | इसके लिए भारत में रविवार (22 मार्च 2020) को कर्फ्यू जैसा माहौल किया गया, इस कर्फ्यू का नाम प्रधानमंत्री जी ने जनता कर्फ्यू दिया | इस जनता कर्फ्यू का अवधि सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक दिया गया था | भारत में इस जनता कर्फ्यू को  बड़ी सफलता मिली |

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जनता कर्फ्यू (Janta Curfew ) के नियम जाने

  • जनता कर्फ्यू के दिन अपने घरों बाहर नहीं जाना होता है, सभी लोग अपने ही घर पर रहते है |
  • इस कर्फ्यू के दौरान सभी माल, मार्किट आदि बंद रहेंगे |
  • बहुत ही अधिक जारूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें, इसके अतिरिक्त आप राज्य की हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल करके सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता को ले सकते हैं |
  • बुजुर्ग और बच्चों को घर से बाहर विल्कुल न निकलने दें |

जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) का महत्व जाने

नॉवेल कोरोना वायरस के महामारी को देखते हुए, वैसे तो सभी दिन हमें सावधानी रखनी होगी, लेकिन  22 मार्च को सभी देशवासी जनता कर्फ्यू का पालन करते है तो इस एक ही दिन में नॉवेल कोरोना वायरस के अधिक फैलने के खतरे पर नियंत्रण मिल सकता है | भारत की जनता इस कर्फ्यू का समर्थन करके इस नॉवेल कोरोना वायरस से निपटने में देश के लिए अपना सहयोग दिया है |

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जनता कर्फ्यू (Janta Curfew ) के विषय पर प्रधानमंत्री का कथन

जनता कर्फ्यू (Janta Curfew ) देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सम्बोधित करते हुए कहा कि – “हमें 22 मार्च, रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करना है. उन्होंने जनता कर्फ्यू का अर्थ भी बताया. इसका अर्थ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता कर्फ्यू यानी जनता के लिए, जनता की ओर से खुद पर लगाया गया कर्फ्यू. उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से 22 मार्च तक हर दिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता कर्फ्यू के बारे में भी जानकारी दे |”

जनता कर्फ्यू का विरोध करने पर क्या होगा

  • अगर आप जनता कर्फ्यू का विरोध करते है तो, आप पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा |
  • अगर आप इसका विरोध करते है, तो आप  देश के जिम्मेदार नागरिक नहीं है |
  • इसके विरोध पर कोई कानूनी सजा का नियम / कानून नहीं बनाया गया है  |
  • इसके विरोध से आप देश में नॉवेल कोरोना वायरस की महामारी को बढ़ावा देंगे |
  • विरोध करने वालो की कारण से देश एक भयावह स्थिति तक जा सकता है |
  • देश के हालात सामान्य नहीं हो सकेगीं |
  • वायरस पर काबू नहीं पाया जा सकेगा |

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यहाँ पर हमने आपको ‘जनता कर्फ्यू (Janta Curfew )’ के विषय में जानकारी दी है | इसके साथ ही आप अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो www.hindiraj.com पर विजिट करे |

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