Personality Development कैसे करे ?



कहा जाता है कि इंसान की खूबसूरती एक दिन ढल जाती है परंतु उसका अच्छा व्यवहार कभी भी नहीं ढलता है अर्थात कहने का मतलब है कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी सुंदर क्यों ना हो, अगर उसकी  भाषा मीठी नहीं है, व्यवहार अच्छा नहीं है तो वह लोगों के मन में अपनी अमिट छाप नहीं छोड़ पाएगा। वहीं कोई व्यक्ति अगर भले ही शक्ल से साधारण है परंतु अगर उसके अंदर बात करने की कला अच्छी है, साथ ही उसके अंदर शब्दों का चयन करने की कला भी अच्छी है, तो वह लोगों के अंदर अपनी अमिट छाप छोड़ने में अवश्य कामयाब हो जाएगा। संक्षेप में कहें तो लोग हमारी पर्सनालिटी (Personality) के हिसाब से ही हमें जज करते हैं, क्योंकि इंसान के व्यक्तित्व को ही व्यक्ति का आईना कहा जाता है और इसे सही करना हमारी जिम्मेदारी होती है।

पर्सनैलिटी डेवलपमेंट क्या है?

पर्सनैलिटी डेवलपमेंट को हिंदी में व्यक्तित्व का विकास कहा जाता है, अपने व्यक्तित्व में निखार लाना अथवा अपने व्यक्तित्व को उभारना ही पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कहलाता है। इसके अंतर्गत आपको स्वयं के दृष्टिकोण, अपने व्यवहार, लोगों से बातचीत करने के तरीकों में निखार लाना पड़ता है। अगर आप इसे सही कर लेते हैं तो इससे आपके स्वभाव में काफी परिवर्तन आता है जो आप को मोटिवेट भी करता है, साथ ही दूसरे लोगों को आपकी तरफ आकर्षित भी करता है।

क्योंकि पॉजिटिव एटीट्यूड वाले व्यक्ति अक्सर लोगों को पसंद आते हैं, क्योंकि ऐसे लोगों में अन्य लोगों को कुछ ना कुछ खास बात अच्छी लगती है। लोग खुद ही पॉजिटिव एटीट्यूड (Positive Attitude) वाले व्यक्ति के साथ जुड़ना पसंद करते हैं।

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पर्सनालिटी डेवलपमेंट (Personality Development) कैसे करें?

किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को देख कर के हम यह अंदाजा आसानी के साथ लगा सकते हैं कि, वास्तव में वह व्यक्ति अंदर से कैसा होगा? क्योंकि जिस व्यक्ति की पर्सनालिटी शानदार होती है, वह 100 लोगों में भी बिल्कुल अलग ही दिखाई देता है।

पर्सनैलिटी किसी भी व्यक्ति के व्यवहार और उसके स्वभाव के बारे में अपने आप ही गवाही देने लगती है। इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम विद्यार्थी वर्ग अपनी पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे कर सकते हैं। इस बात पर चर्चा करने वाले हैं, तो चलिए जानते हैं कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे किया जा सकता है।

1: किताबों के साथ अन्य चीजों पर भी ध्यान दें।

बड़े-बड़े टॉपर ने अपने इंटरव्यू में कहा है कि वह लगातार सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं देते हैं बल्कि वह पढ़ाई के अलावा भी अन्य गतिविधियों में बराबर भाग लेते रहते हैं, जिससे उनका सर्वांगीण विकास होता है।

कोई व्यक्ति अगर लगातार पढ़ाई में ही लगा रहता है तो वह समाज के अन्य लोगों से कट जाता है और ऐसे लोगों को बाद में लोग ज्यादा तवज्जो भी नहीं देते हैं। इसीलिए स्कूल, कॉलेज तथा समाज में आयोजित होने वाली गतिविधियों में भाग लें।

 इससे होगा यह कि आपके अंदर लोगों को फेस करने का जो डर है, वह धीरे-धीरे दूर हो जाएगा, जो भविष्य में आपके बेहद काम आएगा।

इसके साथ ही आप कई लोगों के सामने अपनी बात भी रखने के लिए तैयार हो जाएंगे और आगे बढ़ने पर किसी भी कंपनी में आप अपने सीनियर अधिकारियों के साथ आसानी से बातचीत कर सकेंगे और उन्हें अपनी राय/ सलाह दे सकेंगे।

स्कूल और यूनिवर्सिटी में ऐसे कई प्रोग्राम होते हैं, जिसमें इनाम भी रखा जाता है। ऐसे में अगर आप उनमें पार्टिसिपेट करते हैं और आप विनर के तौर पर सिलेक्ट होते हैं, तो आपको इनाम भी प्राप्त होता है। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आपके अंदर की झिझक, शर्म, संकोच दूर हो जाती है।

2: अच्छा श्रोता बनें।

विद्यार्थी के तौर पर आपने यह महसूस किया होगा कि जब आप क्लास में पढ़ाई करते हैं और शिक्षक की कही गई बातों पर अगर आप ध्यान नहीं देते हैं तो उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का आप सही जवाब नहीं दे पाते होंगे।

यह बात सिर्फ स्कूली शिक्षा तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि समाज में बतौर एक सामाजिक प्राणी मनुष्य के अंदर सुनने का गुण होना चाहिए। अगर आप सिर्फ लोगों को अपनी बातें कहेंगे, उनकी सुनेंगे नहीं तो कोई भी आपसे बात करना नहीं चाहेगा।

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3: लगातार कुछ ना कुछ सीखें!

दुनिया लगातार आगे बढ़ रही है और लगातार नई चीजें आ रही है, साथ ही जो पुरानी चीजें हैं वह अपडेट भी हो रही है। ऐसे में आपको भी अपने आप को अपडेट करके रखना चाहिए।

अपडेट करने से हमारा मतलब है कि आपको लगातार ऐसी चीजें सीखने का प्रयास करना चाहिए, जिसके बारे में या तो आप जानते ही नहीं है या फिर जिसे आपको सीखने पर फायदा हो सकता है। पढ़ाई करने के अलावा आपको जो भी कौशल विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, उन्हें सीखने का प्रयास करना चाहिए।

पहले तो कुछ भी सीखने के लिए आपको काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, परंतु अब इंटरनेट के जमाने में आपको हर चीज आसानी से मिल जाती है। गूगल और युटुब जैसे सर्च इंजन पर आप प्रत्येक उस विषय पर जानकारी हासिल कर सकते हैं जो आपके लिए फायदेमंद होगी अगर आप ऐसा करते हैं इससे आपके कौशल में बढ़ोतरी होगी, साथ ही आपको दुनिया भर की जानकारी प्राप्त होगी। यह जानकारी आपको कंपटीशन एग्जाम में भी काफी काम आएंगी।

4: लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने

दुनिया में जब भी अमीर बनने के लिए प्रेरणा स्त्रोत लोगों का उदाहरण दिया जाता है तब उसमें एलन मस्क, अनिल अंबानी, मुकेश अंबानी जैसे लोगों का उदाहरण दिया जाता है। इन लोगों का उदाहरण पाने से उन लोगों को इंस्पिरेशन मिलती है, जो अमीर बनना चाहते हैं। अगर आपको भी अपने आप को किसी व्यक्ति के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनाना है तो आपको कुछ ना कुछ सफलता अवश्य हासिल करनी होगी।

हालांकि इस बात से इसका कोई भी संबंध नहीं है कि आपकी सफलता बड़ी हो या फिर छोटी हो। लोग ऐसे लोगों से ज्यादा इंस्पिरेशन लेते हैं जिन्होंने संघर्ष करके अच्छा मुकाम हासिल किया होता है।

इसीलिए जिंदगी में कोई ना कोई मुकाम हासिल करने का प्रयास अवश्य करें। हो सकता है कि यह मुकाम आपको विद्यार्थी जीवन के दरमियान ना मिले परंतु अगर आप लगातार इसके लिए प्रयासरत रहेंगे, तो एक न एक दिन आप भी कुछ लोगों के लिए अवश्य प्रेरणा स्त्रोत बनेंगे।

5: सभी लोगों से मिले।

विद्यार्थी जीवन के दरमियान अपनी पर्सनैलिटी को बेहतर करने के लिए आपको काफी कुछ सीखना होता है। इसमें यह भी शामिल है कि आपको अलग-अलग प्रकार के लोगों से मिलना होता है। यह लोग आपके टीचर भी हो सकते हैं, आपके दोस्त हो सकते हैं, आपके रिश्तेदार हो सकते हैं या फिर आपके सीनियर भी हो सकते हैं अथवा आप जिस सब्जेक्ट की पढ़ाई कर रहे हैं उसी सब्जेक्ट की पढ़ाई करने वाले अन्य लोग हो सकते हैं।

इससे होता यह है कि आप अपने हमजोली लोगों से अपने मन में पैदा होने वाले क्वेश्चन का समाधान पाने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि जब भी आप किसी भी व्यक्ति से मिले तब उनके साथ गर्मजोशी के साथ मिले और बिल्कुल फ्रेंडली होकर मिले। इससे सामने वाले भी आपके साथ दोस्ताना व्यवहार काफी जल्द कायम कर लेंगे। इससे आपको सपोर्ट भी मिलेगा।

6: अपनी बॉडी लैंग्वेज पॉजिटिव रखें।

पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज से हमारा मतलब है कि जब किसी व्यक्ति से आप मिले तब आपको अपने शरीर के हावभाव ऐसे रखने है जिससे यह जाहिर हो सके की आप सामने वाले व्यक्ति की बातों को पूरा महत्व दे रहे हैं और उनकी बातों पर ध्यान दे रहे हैं।

इससे सामने वाला व्यक्ति भी बड़े ही इंटरेस्ट के साथ आपके साथ अपनी बातें शेयर करने लगता है। आप खुद ही सोचिए कि आप किसी भी व्यक्ति के साथ जब अपनी बातें कहते हैं और वह आपकी बातों पर ध्यान नहीं देता है तो आपको कैसा लगता है। व्यक्ति उसी के साथ अपनी बातें शेयर करता है जो उसकी बातों में इंटरेस्ट लेता है।

इसीलिए अब से जब कभी भी आप किसी भी व्यक्ति के साथ बातचीत करें तब अपनी बॉडी लैंग्वेज पॉजिटिव रखें और सामने वाले व्यक्ति की बातों पर गौर करें। उसे यह अहसास ना होने दें कि आप उसकी बातों से बोरियत महसूस कर रहे हैं या फिर आप उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

7. आशावादी बनें

दिन है तो रात आएगी और रात है तो दिन भी आएगा। इसका मतलब यह है कि संघर्ष रुपी जीवन में कभी ना कभी एक ऐसा दौर आता है जब इंसान टूटने लगता है उसे कुछ समझ में नहीं आता है? की उसे क्या करना चाहिए।

तो जीवन में जब भी कुछ ऐसा घटित हो तो आपको यह सोचना चाहिए कि यह दिन भी गुजर जाएगा, क्योंकि जिस प्रकार साल गुजर जाता है, उसी प्रकार दिन भी गुजर जाता है। ना तो अच्छा दिन अधिक समय तक रहता है ना ही खराब दिन अधिक समय तक रहता हैं। इसीलिए हमेशा आशावादी बने रहे और कभी भी हार ना माने।

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8: जैसे आप है, वैसा ही प्रस्तुत करें।

कई बार हम दूसरों की देखा देखी अपने आप में कुछ ना कुछ बदलाव करने लगते हैं, परंतु हम यहां पर यह गलती कर बैठते हैं कि भगवान ने हर किसी को अलग-अलग बनाया है। इसलिए जो चीज किसी अन्य व्यक्ति के ऊपर अच्छी लगती है, यह आवश्यक नहीं है कि वह हमारे ऊपर भी अच्छी लगे।

दुनिया में लोगों को सबसे ज्यादा नफरत ऐसे लोगों से होती है, जो अपने आप को बढ़ा चढ़ा कर दिखाते हैं अर्थात वह अपने व्यक्तित्व की ज्यादा बढ़ाई करते हैं, जबकि वास्तव में वह ऐसे होते नहीं है। इसलिए आपको ना तो किसी की नकल करनी है ना ही किसी के जैसा बनने का प्रयास करना है। आप जो है आपको वैसा ही लोगों के सामने अपने आपको प्रस्तुत करना है, क्योंकि कहा जाता है ओरिजिनल, ओरिजिनल ही होता है। और लोगों को डुप्लीकेट चीजों से अधिक ओरिजिनल चीजें पसंद आती हैं।

9: ना कहने की हिम्मत लाए।

याद रखिए कि यह सतयुग नहीं बल्कि कल युग चल रहा है। यहां पर 99% लोग ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ अपने स्वार्थ से मतलब होता है। इसीलिए आपको भी सबसे पहले अपना ही भला देखना चाहिए।

अगर कोई आकर के आप से यह कहता कि चलो कहीं पर चलते हैं और आपका कोई जरूरी काम अटका हुआ है तो आपको उसे बिना डरे हुए मना कर देना चाहिए।

क्योंकि आपका नुकसान होने पर कोई आपके नुकसान की भरपाई नहीं करने आएगा। इसलिए सबसे पहले अपने काम पर ध्यान दें। हालांकि हम यह नहीं कह रहे हैं कि आपको घूमना फिरना नहीं चाहिए परंतु काम करने के बाद ही आपको घूमना चाहिए क्योंकि जिंदगी में हमें सभी चीजों का ध्यान रखना होता है।

10: बातचीत करने की कला में निखार लाएं।

जिन लोगों की बातचीत करने की कला अच्छी होती है वह एक ही बार में अपनी बात किसी भी व्यक्ति को स्पष्ट तौर पर समझा देते हैं। इससे उनके काम बनने की संभावना ज्यादा होती है। बातचीत करने की कला अच्छी होने के साथ ही साथ आपके लिखने की कला भी अच्छी होनी चाहिए, क्योंकि कुछ जगह ऐसी होती है जहां पर हमें अपनी बात को प्रस्तुत करने के लिए लेखन आवश्कता हो जाता है।

ऐसे में अगर आपकी कम्युनिकेशन स्किल अच्छी है, साथ ही आपकी राइटिंग स्किल भी अच्छी है तो आप बेहतर ढंग से अपनी बात कह पाएंगे। इसके अलावा आपके बोलने की कला भी अच्छी होनी चाहिए।

क्योंकि कहा जाता है कि अगर हमें किसी व्यक्ति से अपना काम बनवाना है तो हमें उसे प्यार से डील करना पड़ेगा और यह तभी होगा जब आप की बातचीत करने की कला अच्छी होगी और आप की बोली भाषा में मिठास होगी। मीठी बोली भाषा से हम पत्थर से पत्थर दिल वाले व्यक्ति को भी पिघला सकते हैं और उससे अपना काम निकलवा सकते हैं।

कलेक्टर (Collector) कैसे बनें ?

अपनी कम्युनिकेशन स्किल (Communication Skills) को अच्छा करने के लिए आपको साफ और स्पष्ट शब्दों का उच्चारण करना चाहिए अपने शब्दों में आपको किसी भी प्रकार की गाली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हमेशा सभी लोगों से “आप* कहकर बातचीत करनी चाहिए और बेहतर से बेहतर शब्दों का चयन करके व्यक्ति से उचित व्यवहार करना चाहिए।

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