रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट क्या है

कोरोना वायरस की महामारी से पूरी दुनिया लड़ाई कर रही है, दुनिया में लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अगर इसके इजाफे की बात की जाए तो भारत में कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है और देश में लगभग डेढ़ सौ लोगों की इसकी वजह से मौत भी हो चुकी है। पूरी दुनिया में अब तक इसमें 80 हजार से भी ज्यादा लोग इससे जान गवां चुके है। इसी बीच भारत की ICMR संस्था ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि जल्द ही रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट (Rapid Antibody Test) को आरम्भ कर दिया जायेगा, जिसकी किट भारत को प्राप्त होने वाली हैं। ICMR द्वारा लगभग 7 लाख किट दी जाएँगी। अब लोगों को टेस्ट में किसी भी प्रकार का कंफ्यूजन न हो, तो यहाँ पर आपको रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट क्या है, Rapid Antibody Test in Hindi इसके बारे में जानकारी दी जा रही है |

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रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट क्या होता है

जब कोई व्यक्ति किसी वायरस से ग्रसित हो जाता है तो उसकी बॉडी में उस वायरस से लड़ने हेतु एंटीबॉडीज बनती हैं। रैपिड टेस्ट में एंटीबॉडीज का पता आसानी से लगा लिया जाता है  इसलिये इसे रैपिड टेस्ट कहते है क्योंकि इसका रिजल्ट बहुत ही जल्द आता हैं। महज 15-20 मिनट में ही इस टेस्ट का रिजल्ट मिल जाता है।

रैपिड टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव-निगेटिव आने पर

यदि रैपिड टेस्ट के दौरान रिजल्ट पॉजिटिव आता है तो वह व्यक्ति कोविड-19 का मरीज मरीज हो सकता है, तो ऐसे केस में उसे घर में ही आइसोलेशन में या फिर अस्पताल में रखा जाता है। यदि रिपोर्ट  निगेटिव आता है तो फिर उसका रियल टाइम पीसीआर टेस्ट (PCR) होता है। यदि इस रियल टाइम पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो फिर अस्पताल या घर में आइसोलेशन में रखा जाता है। इस सबके अलावा यदि रियल टाइम पीसीआर टेस्ट निगेटिव आता है तो उसमें किसी भी प्रकार का कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं हैं।

इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति का PCR टेस्ट नहीं हो पाता है तो उसे होम क्वारंटीन में रखे जाने की सलाह दी जाती है और फिर 10 दिनों के पश्चात् दोबारा से एंटीबॉडी टेस्ट होता है। यानी की दोनों ही केसेस में ये पूरी तरह से कनफर्म नहीं हो पाता कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या नहीं | अब कनफर्म रिपोर्ट संतुष्टि हेतु रियल टाइम पीसीआर टेस्ट ही करना पड़ता है। जिसमे, यह भी मालूम हो जाता है कि व्यक्ति बॉडी कोविड-19 से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बना पा रही है या नहीं।

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रैपिड टेस्ट क्यों है आवश्यक

रियल टाइम पीसीआर (RTPCR) में व्यक्ति के सही होने के उपरांत आरएनए जीनोम की जानकारी नहीं प्राप्त हो पाती, जिससे यह मालूम नहीं होता है कि वह पहले संक्रमित था या नहीं। वहीं रैपिड टेस्ट होने से मरीज के सही होने के कुछ दिनों में यह पता चल सकता है कि मरीज संक्रमित था या नहीं। इस टेस्ट की आवश्यकता इसलिए भी होती है क्योंकि इससे रिजल्ट बहुत जल्द प्राप्त हो जाते हैं।

आपको यहाँ पर रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के बारे में जानकारी दी गई | यदि इससे सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूछ सकते है | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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