थिंक टैंक (Think tank) क्या होता है

इन दिनों भारत के साथ-साथ अन्य सभी देशों में कोरोना जैसी महामारी से सभी लोग परेशान है, क्योंकि यह एक ऐसा खतरनाक वायरस है, जो अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है | इस खतरनाक वायरस से अभी भी बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे है और साथ ही में इस वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की मौते भी हो रही है | इसी महामारी से बचने के लिए अभी कुछ दिनों पहले ही मुसलमानो ने थिंक टैंक नाम एक मंच तैयार किया है, जिसमें लगभग 200 लोगों को शामिल किया गया है | मुस्लिम बुद्धिजीवियों के ‘थिंक टैंक’ ‘इंडियन मुस्लिम्स फ़ॉर प्रोग्रेस एण्ड रिफॉर्म्स’ (आईएमपीएआर/IMPAR) ने देश भर के मुसलमानों से एक अहम अपील करते हुए कहा है कि, सभी मुस्लिम भाई-बहन सादगी से ईद-उल-फ़ितर का त्योहार मनाएं। “थिंक टैंक” ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि, “सरकार भले ही लॉकडाउन में ढ़ील दे रही हो, लेकिन फिर भी मुसलमान रमज़ान और ईद के दिन पूरी तरह से सरकारी निर्देंशों की पालना करें। IMPAR की जानिब से इस सिलसिले में बाक़ायदा गाईडलाईन्स भी तैयार की गई हैं | इसलिए यदि आपको थिंक टैंक (Think tank) के विषय में जानकारी नहीं और आप इसके विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको थिंक टैंक (Think tank) क्या होता है, Think Tank Meaning in Hindi | इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है |

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थिंक टैंक (Think tank) का क्या मतलब होता है ?

थिंक टैंक (Think tank) एक मंच है, जिसे देश के 200 से अधिक मुस्लिम बुद्धिजीवियों द्वारा तैयार किया गया है। ICFA चेयरमैन डॉक्टर एम जे खान ने इस मंच की शुरुआत पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी, राज्यसभा के पूर्व उप सभापति के रहमान खान और जाने माने पत्रकार क़मर वाहिद नक़्वी के साथ मिल कर की है। वहीं, अब इस समय इस मंच में देशभर के 200 से अधिक लोग एक्टिव मेम्बर्स हो चुके हैं। ‘थिंक टैंक’ का मक़सद मुस्लिमों को नई आवाज़ देने और नई राह दिखाने के साथ-साथ उनकी तलीम, कारोबार, रोज़गार, नौकरियों और सियासत में उनकी नुमाईंदगी को मज़बूत बनाना है और इसके साथ ही उनके साथ होने वाले भेदभाव से लेकर, उनके ख़िलाफ़ फैलाई जा रही फ़ेक न्यूज़ को सरकार और सम्बंधित विभागों तक पहुंचाने का काम करना है | ऐसा इसलिए किया जाएगा, ताकि उनके साथ होने वाले भेदभाव और ज्यादतियों पर रोक लगाई जा सके और दोषियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाई भी की जा सके। इसके अलावा IMPAR की जानिब से समय-समय पर मुसलमानों के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की जा रही  हैं । रमज़ान के पहले भी IMPAR ने मुसलमानों से घर पर ही इबादत करने और लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की गुजारिश की थी |

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जारी की गई नई गाइडलाइंस में क्या कहा IMPAR ने?

IMPAR द्वारा बुद्धवार 6 मई को एक बयान जारी किया गया था,  जिसमें कहा गया कि, आज के दौर में कोरोना वायरस से चल रही जंग ज़िंदगी और मौत की जंग है। इस जंग को हमें हर हाल में जीतना है। क्योंकि इस जंग में हार का मतलब है ज़िंदगी की हार, ज़रा सी भी लापरवाही हमारे परिवार, समाज और देश के लिए ख़तरनाक साबित हो सकती है। लिहाज़ा हमें जहां रमज़ान के पूरे महीने लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन करनी चाहिए वहीं ईद के दिन भी सोशल डिस्टेंसिंग समेत बचाव के तमाम उपायों का सख़्ती से पालन भी करना चाहिए। कोरोना वायरस से जंग जीतन के लिए ये बहुत ज़रूरी है।

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जारी की गई गाइडलाइंस की शर्ते 

  1. भीड़ भरे बाज़ारों और दुकानों में न जाएँ।
  2. सभी नियमों व दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
  3. सार्वजानिक जगहों पर हमेशा मास्क पहनें।
  4. फ़िज़ूलख़र्ची बिल्कुल न करें
  5. सोशल डिस्टेन्सिंग को मुस्तैदी से अपनाएँ।
  6. पूरी सफ़ाई रखें, अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएँ।
  7. शान-शौकत वाली दावतें न दें, ईद-मिलन न करें।
  8. ज़रूरतमंदों की मदद करें, उन्हें ज़कात दें।
  9. इस ईद को सादगी से मनाएँ।

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आगे कहा गया कि, “हम इस ईद-उल-फ़ितर को ईद-उल-सब्र के तौर पर मनाएँ। अल्लाह कहता है: सब्र रखो, जो भी कुछ तुम पर गुज़रे ‘वस्सब्र आला मा असाबका’- सूरह लुक़मान |

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