कंटेनमेंट जोन क्या है

कोरोना की समस्या भारत समेत पूरे विश्व में विकराल रूप ले चुकी है | जिसके कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ा है | इस बीच सभी देश अपनी – अपनी अर्थव्यवस्था और देश के नागरिकों को बचाने के लिए नए – नए कदम उठा रहे है | इस सबकों देखते हुए भारत सरकार ने भी एक निर्णय लिया है, जिसमे लॉक डाउन खोलने का फैसला ले लिया है | अब भारत में अनलॉक किया जायेगा, परन्तु उसके लिए कुछ शर्ते और नियम कानून होंगे | जिन्हे आपको पालन करना होगा और उसी के अनुसार अपने कार्यों को निपटाना होगा | सरकार द्वारा लॉकडाउन के पांचवें चरण में देश के गाइड लाइन के मुताबिक पूरे देश को अनलॉक किया जायेगा, परन्तु अनलॉक में कंटेनमेंट जोन को भी ध्यान में रखा गया है | देश में जो भी कंटेनमेंट जोन के इलाके होंगे उन्हें पूरी तरह से लॉकडाउन रखा जायेगा | यदि आप भी कंटेनमेंट जोन क्या है, What is Containment Zone Explained in Hindi, इसके बारे में जानना चाहते है तो यहाँ पर पूरी जानकारी दी जा रही है |

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कंटेनमेंट (CONTAINMENT) जोन का क्या मतलब होता है

कोरोना वायरस में रेड, ग्रीन और ऑरेज जोन के अतरिक्त एक और जोन काफी चर्चा का विषय रहा है, जिसका नाम है कंटेनमेंट जोन | रेड, ऑरेंज या ग्रीन जोन राज्यों में जिलों में मामलों के मुताबिक तय किया गया है | परन्तु कंटेनमेंट जोन क्षेत्रों को दूसरे हिसाब से तय किया गया है | कंटेनमेंट जोन के मुताबिक यदि किसी कॉलोनी, मोहल्ले, वार्ड, गांव या गली में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है या फिर किसी जिले के कुछ चुनिंदा इलाकों में कोरोना के ज्यादा मामलें मिल रहे हों तो स्थानीय प्रशासन ऐसे क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर देता है | कंटेनमेंट जोन की पहचान भी केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक ही किया जाता है | कंटेनमेंट जोन, कोरोना के केंद्र वाले इलाके रेड या ऑरेंज में से किसी में भी हो सकते हैं | कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन पूर्ण सख्ती से लागू किया जाता है | कुछ इलाकों में प्रशासन स्थिति के मुताबिक खाने-पीने की चीजें, दूध और मेडिकल स्टोर की ही इजाजत देता है परन्तु तो कुछ इलाकों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती, जरूरत की सामान प्रशासन द्वारा होम डिलीवर किया जाता है |

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कंटेनमेंट (CONTAINMENT) जोन कैसे तय होता है

कोरोना महामारी में कंटेनमेंट जोन को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी गई हैं | शहरी और ग्रामीण इलाकों में कंटेनमेंट जोन को तय करने का अलग नियम बनाया गया है | यदि किसी इलाके में कोरोना का एक भी पॉजिटिव मामला आता है तो शहरी इलाकों में उस कॉलोनी, मोहल्ले या वार्ड की सीमा के अंदर कम से कम 400 मीटर के एरिया को कंटेनमेंट घोषित किया जा सकता है | प्रशासन चाहे तो 400 मीटर से भी अधिक का दायरा लिया जा सकता है | अगर किसी ग्रामीण इलाके में कोरोना का एक भी मामला आता है तो पूरा गांव ही कंटेनमेंट इलाके में घोषित कर दिया जाता है |

यदि किसी कॉलोनी, मोहल्ले, वार्ड या गांव में COVID 19 के एक से अधिक मामलें होते है तो शहरी क्षेत्र में उस इलाके की सीमा और उसके आसपास के 1 किलोमीटर के एरिया को कंटेनमेंट जोन में रखा जायेगा | वहीं, अगर ग्रामीण इलाकों में कोरोना के एक से अधिक ज्यादा मामलें आये तो एक किलोमीटर पूरे गांव को ही कंटेनमेंट जोन के अंतर्गत घोषित कर दिया जाने का नियम बनाया गया है |

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यहाँ पर कंटेनमेंट जोन के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई है |  यदि आप इस जानकारी से संतुष्ट है, तो कमेंट करे और अपना सुझाव दे सकते है, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही निवारण किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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