चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन



Chardham Yatra Kaise Kare: हिंदू धर्म में चार धाम की यात्रा करना विशेष फलदाई माना गया है। इसीलिए हिंदू धर्म को मानने वाले हर एक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह अपने जीवन काल में एक बार चार धाम की यात्रा अवश्य करें। लोगों का ऐसा मानना है कि चार धाम की यात्रा जो भी व्यक्ति पूर्ण कर लेता है, उसकी जिंदगी के तमाम पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष भी मिलता है।



बता दें कि श्री शंकराचार्य जी के द्वारा चार धाम की संज्ञा दी गई थी। इस आर्टिकल में आपको हम चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की विधि के बारे में जानकारी दे रहे हैं, साथ ही आर्टिकल में आप यह भी जानेंगे कि चार धाम की यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कैसे करें।

चार धाम (Char Dham) यात्रा क्या है

चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन | Chardham Yatra कैसे करे – ई पास [ ऑनलाइन पंजीकरण ]

Chardham Yatra Online Registration: ऐसे श्रद्धालु जो चार धाम की यात्रा करना चाहते हैं उन्हें चार धाम की यात्रा करने के लिए सबसे पहले अपना पंजीकरण करवाना पड़ेगा। यह पंजीकरण वह घर बैठे ऑनलाइन करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक वेबसाइट का इस्तेमाल करना होगा क्योंकि उसी वेबसाइट के जरिए वह चार धाम की यात्रा में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।



नीचे हमने आपके साथ चार धाम यात्रा मे ऑनलाइन आवेदन करने की विधि दी हुई है। नीचे दी हुई विधि को फॉलो करके आप चार धाम यात्रा में अपना पंजीकरण करवा सकेंगे।

  • चार धाम की यात्रा में शामिल होने के लिए आपको अपना पंजीकरण करवाना पड़ेगा। इसके लिए आपको नीचे जिस वेबसाइट का लिंक दिया गया है, आपको उस वेबसाइट पर जाना है। इसके लिए आपको नीचे दिए हुए वेबसाइट के लिंक पर क्लिक करना है।
  • विजिट वेबसाइट:http://smartcitydehradun.uk.gov.in/
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद जब आप वेबसाइट के होम पेज पर पहुंचेंगे, तब आपको कुछ ऑप्शन दिखाई देंगे। उन ऑप्शन में से आपको “प्रवासी और अन्य पंजीकरण” वाले ऑप्शन पर क्लिक कर देना है।
  • प्रवासी और अन्य पंजीकरण वाले ऑप्शन पर क्लिक करने के पश्चात आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज आएगा, जिसमें चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन फॉर्म होगा। इस रजिस्ट्रेशन पेज में आपको मांगी गई सभी जानकारियों को बिल्कुल सही सही भरना है, जैसे कि  यात्रा का प्रकार , यात्रा की श्रेणी , यात्रा प्रस्थान स्थान , यात्रा गंतव्य स्थान , आवेदक का नाम व संबंधित जानकारी , यात्रा का विवरण।
  • सभी इंफॉर्मेशन को एप्लीकेशन फॉर्म के अंदर भर लेने के पश्चात आपको संबधित डॉक्यूमेंट को भी अपलोड कर देना है।
  • डॉक्यूमेंट अपलोड कर देने के बाद आपको submit वाली बटन दबानी है।
  • इतनी प्रक्रिया जब आप पूरी कर लेंगे तब चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।

भारत के प्रसिद्ध मंदिरों की सूची हिंदी में

भारत के चार धाम कौन कौन से हैं ? [Char Dham Name in Hindi]

भारत के चार धामों में बद्रीनाथ, पूरी,रामेश्वरम और द्वारका की गिनती होती है। यह सभी स्थान हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों में हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र है और हिंदू धर्म का हर एक व्यक्ति इन सभी धर्मों में से किसी भी धाम में या फिर सभी धाम के दर्शन करने की इच्छा रखता है। नीचे आपको भारत के इन सभी चारों धाम की जानकारी दी जा रही है।

बद्रीनाथ

बद्रीनाथ चार धाम देश के उत्तराखंड राज्य के बद्रीनाथ शहर में समुद्र तल से तकरीबन 3133 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। यहां पर भगवान विष्णु जी का बहुत ही विशाल मंदिर है। अगर कोई श्रद्धालु इस जगह पर जाना चाहता है तो उसे मई से लेकर के अक्टूबर के महीने में यहां पर जाना चाहिए क्योंकि इस दरमियान यहां का वातावरण बहुत ही शानदार होता है।

पुरी

पुरी हमारे भारत देश के ओडिशा राज्य में मौजूद है और यहां पर भगवान जगन्नाथ का बहुत विशाल मंदिर मौजूद है। भगवान जगन्नाथ के इस मंदिर में जगन्नाथ भगवान के अलावा बालभद्र और सुभद्रा की भी पूजा की जाती है। जगन्नाथ का मतलब होता है ब्रह्मांड का भगवान। यहां पर जिन भी देवी देवताओं की मूर्ति बनी हुई है उनमें से अधिकतर मूर्तियों का निर्माण लकड़ी से ही हुआ है और हर 12 साल के अंदर इन मूर्तियों को हटा दिया जाता है और उसकी जगह पर लकड़ियों से बनी हुई नई मूर्ति को रखा जाता है। पुरी यात्रा करने के लिए सबसे बढ़िया समय अक्टूबर से लेकर के अप्रैल तक का होता है।

रामेश्वरम

रामेश्वरम में भगवान भोलेनाथ का विशाल मंदिर मौजूद है और रामेश्वरम दक्षिण भारत में रामेश्वरम टापू पर मौजूद है। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान श्री राम के द्वारा रावण का वध किया गया था तब ब्राह्मण की हत्या के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान राम यहां पर आए थे और उन्होंने यहां पर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की थी। यहां पर भगवान भोलेनाथ की जो मूर्ति भगवान राम जी पूजा करने के लिए लाए थे, ऐसा कहा जाता है कि वह मूर्ति हनुमान जी कैलाश पर्वत से लाए थे। इस स्थान को घूमने का सबसे बढ़िया समय अक्टूबर से अप्रैल का होता है।

द्वारका

द्वारका गुजरात में मौजूद है और द्वारका में भगवान कृष्ण जी का मंदिर है। इसे द्वारकाधीश मंदिर भी कहा जाता है, साथ ही साथ इसे मोक्ष पुरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर जाने का सबसे बढ़िया समय अक्टूबर से लेकर के मार्च का होता है।

उत्तराखंड के चार धाम कौन कौन से हैं ?

उत्तराखंड को छोटा चार धाम वाला राज्य कहा जाता है क्योंकि उत्तराखंड में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र स्थल मौजूद है। इस प्रकार अगर कोई व्यक्ति छोटे चार धाम की यात्रा करना चाहता है तो वह उत्तराखंड राज्य के दर्शनीय स्थलों को देख सकता है।

  • चारधाम यात्रा बायोमेट्रिक पंजीकरण काउंटर लोकेशन |
  • हरिद्वार रेलवे स्टेशन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग |
  • ऋषिकेश रोडवेज बस स्टैंड और हेमकुंड गुरुद्वारा |
  • जानकी चट्टी, गंगोत्री, गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग, केदारनाथ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट |
  • उत्तरकाशी हिना और डोबाटा |

चार धाम यात्रा हेतु किराया और टूर पैकेज

जो भी भक्तगण चार धाम की यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं वह चार धाम की यात्रा में लगने वाले किराए और पैकेज के बारे में जानकारी अवश्य हासिल कर ले। विभिन्न कंपनीयां चार धाम की यात्रा के लिए नए ऑफर हमेशा लॉन्च करती रहती है, साथ ही टूर ऑपरेटर डीलक्स सर्विस से लेकर के लग्जरी पैकेज भी बाहर निकालते रहते हैं। कुछ कंपनियां ऐसी हैं जो चार धाम की यात्रा टेंपो ट्रैवलर से लेकर के हेलीकॉप्टर के जरिए करवाती है, जिसमें हर व्यक्ति का खर्च ₹25000 से लेकर के डेढ़ लाख रुपए के आसपास में हो सकता है। चार धाम की यात्रा के पैकेज में रोजाना का नाश्ता,टोल,पार्किंग चार्ज, एयरपोर्ट से, रेलवे स्टेशन से पिकअप एंड ड्रॉप और साइट सीन का खर्चा शामिल होता है।

चार धाम यात्रा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जानें

  • उत्तराखंड के बाहर से जो भी श्रद्धालु आ रहे हैं, उन्हें चार धाम यात्रा में पंजीकरण करवाना आवश्यक है।
  • यात्रा के दरमियान और दर्शन करने के दरमियान सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करना होगा।
  • देवस्थान के परिसर में प्रसाद देने पर भी पाबंदी रहेगी, साथ ही टीका लगाने पर भी पाबंदी रहेगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को घंटी,भगवान की मूर्ति या फिर ग्रंथों को छोड़ने की परमिशन नहीं रहेगी।
  • चार धाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन देहरादून स्मार्ट सिटी के पोर्टल से कर सकेंगे।
  • दर्शन करने जाने वाले हर व्यक्ति के पास आधार कार्ड होना आवश्यक है।
  • जो लोग उत्तराखंड के परमानेंट निवासी है, उन्हें पोर्टल पर पंजीकरण करवाना आवश्यक नहीं है।
  • लोगों के पास कोरोना वैक्सीन लगवाने का सर्टिफिकेट भी होना चाहिए तभी उन्हें यात्रा की परमिशन मिलेगी।
  • दर्शन करने गए श्रद्धालुओं को केदारनाथ में और बद्रीनाथ में देवस्थानम बोर्ड के द्वारा दिया जाने वाला फ्री वाला टोकन लेना होगा।

चार धाम हेतु हेल्पलाइन नंबर

हमने इस आर्टिकल के द्वारा आपको चार धाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। अगर आपको अभी भी चार धाम की यात्रा से संबंधित कोई सवाल पूछना है तो आप नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर सवाल पूछ सकते हैं अथवा चार धाम की यात्रा के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

0135 – 2750984

भारत के प्रमुख त्यौहारों की सूची

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