ठेकेदार (Contractor) कैसे बने

जो व्यक्ति किसी इमारत का ठेका लेकर उसकी पूरी तरह से बनवाने या मरम्मत करवाने का काम करता है उसे ठेकेदार कहा जाता है | किसी भी व्यक्ति को कहीं का भी ठेका देने से पहले उसके बारे में अच्छे छानबीन की जाती है और उसके कई जरूरी डाक्यूमेंट्स भी लगाए जाते है, और सिक्योरिटी के तौर पर कुछ पैसे भी जमा करवाए जाते है | इन प्रक्रियाओं के पूरी हो जाने के बाद ही किसी व्यक्ति  को ठेकेदार बनाया जाता है | इसके बाद जिस व्यक्ति को ठेकेदार की जिम्मेदारी सौंपी जाती हैं उस व्यक्ति को कॉन्ट्रैक्ट सम्बन्धी सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभानी होती है | यदि वह अपनी जिम्मेदारियों पर खरा नहीं उतर पा रहा है तो उसे इस पद से निरस्त भी किया जा सकता है | यदि आप भी ठेकेदार बनना चाहते है, तो यहाँ पर आपको ठेकेदार (Contractor) कैसे बने, योग्यता, आवश्यक गुण, लाइसेंस और  कमाई की  पूरी जानकारी दी जा रही है |

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ठेकेदार (Contractor) कैसे बने  

एक ठेकेदार बनने के लिए आपको शिक्षित होना आवश्यक होता है क्योंकि, इसमें बहुत सारी ऐसी जिम्मेदारियां सौंपी जाती है, जो एक शिक्षित व्यक्ति ही कर पाता है | इसके अलावा ठेकेदार बनने वाले व्यक्ति के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्यवाही न की गई हो |  ठेकेदार बनने वाले व्यक्ति को ठेकेदारी सम्बंधित सभी जानकारी होनी चाहिए कि वह ठेकेदार बनकर कैसे किसी क्षेत्र में काम करा सकता है, कैसे उसके लिए सही फैसले ले सकता है | जिस व्यक्ति को इस प्रकार की सारी जानकारियां प्राप्त  होती है, वह व्यक्ति एक ठेकेदार बन सकता है और ठेकेदार के सारे कार्य अच्छे से करा सकता है क्योंकि, ठेकेदार द्वारा कराये गए कामो को इंजीनियर या किसी अधिकारी चेक करने के लिए आता रहता है | इसलिए एक ठेकेदार को अपने काम को दिए हुए समय के भीतर पूरी जिम्मेदारी के साथ करना होता है |

ठेकेदार की सैलरी 

एक ठेकेदार की प्रारंभिक सैलरी कम से कम 20,000 से लेकर 25,000 तक दी जाती है | इसके बाद  जैसे- जैसे ठेकेदार का अनुभव काम के प्रति बढ़ता  जाता है वैसे ही उसकी सैलरी भी बढ़ती जाती है | इसके आधार पर एक ठेकेदार प्रतिमाह  30,000 रूपये की कमाई कर लेता है | और लगाये जाने वाले खर्च में कुछ पैसे बचाए जा सकते है |

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ठेकेदार बनने के लिए आवश्यक गुण

  1. ठेकेदार बनने वाले व्यक्ति के अंदर तकनीकी क्षमता होनी चाहिए |
  2. ठेकेदार के अंदर सम्बंधित काम  को करने की क्षमता होनी चाहिए |
  3. दूसरों की पहचान करनी आनी चाहिए |
  4. एक ठेकेदार के अंदर बजट और समय सीमा के मुताबिक़, काम करने का गुण होना चाहिए
  5. निर्माण और स्वास्थ्य तथा सुरक्षा कानून की पूरी जानकारी होनी चाहिए |
  6. किसी भी समस्या को सरलता पूर्वक हल करने के लिए एक रचनात्मक नजरिया होना चाहिए|
  7. हर काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने की लगन होनी चाहिए |

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ठेकेदार के प्रकार 

ठेकेदार मुख्य रूप से चार प्रकार होते हैं जो इस प्रकार से है-

  1. ए ग्रेड ठेकेदार
  2. बी ग्रेड ठेकेदार
  3. सी ग्रेड ठेकेदार
  4. डी ग्रेड ठेकेदार

ए ग्रेड ठेकेदार का पद सबसे सबसे  ऊंचा पद माना जाता है | इसके बाद बी,सी और डी लो लेवल के  ठेकेदार आते है |

जो  व्यक्ति  इस फील्ड में अपने करियर की शुरुआत करते है  तो उन्हें सबसे पहले डी ग्रेड लाइसेंस दिया जाता है फिर सी, बी, और फिर ए ग्रेड के लिए लाइसेंस प्राप्त होता है |

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ठेकेदार का लाइसेंस कैसे बनता है 

ठेकेदार का लाइसेंस बनाने के लिए  सभी संस्थानों का अपना अलग-अलग  नियम होता है | वहीं डी ग्रेड कांट्रेक्टर के लिए फॉर्म के साथ निम्न डॉक्यूमेंट की  आवश्यकता होती है | जैसे- पैन / टैन नंबर अभिप्रमाणित(PAN/TEN number attested)

  • टिन नंबर अभिप्रमाणित (Attested tin number)
  • कम से कम 5 शपथ पत्र
  • पंजीकरण शुल्क 5000 रूपये

ये सारे डाक्यूमेंट्स देने के बाद ठेकेदार का लाइसेंस बनकर तैयार हो जाता है, जिसके बाद वह व्यक्ति ठेकेदार के तौर पर  कार्य करने लगता है |

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यहाँ पर हमने आपको ठेकेदार बनने के विषय में सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई है | यदि आपको इससे  सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करनी है तो आप  अपने विचार या सुझाव कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूंछ सकते है | इसके साथ ही आप अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो www.hindiraj.com पर विजिट करे |

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