जीएसटी परिषद (काउंसिल) क्या है

देश में कर (Tax) लेने की प्रक्रिया पुरातन काल से चली आ रही है, परन्तु अब भारत वर्ष एक लोकतान्त्रिक देश है, इसलिए यहाँ पर कर (Tax) प्रक्रिया को एक कानूनी तरीके से लागू किया गया है | अभी कुछ साल पहले यह प्रक्रिया सीधे तौर पर थी | जिसकी जितनी इनकम होती थी, उससे उसी मुताबिक इनकम टैक्स लिया जाता था, तथा अन्य कर दूसरे तरीके से लिए जाते थे | लेकिन अब इनकम टैक्स (Income Tax) यानि की आयकर को बदलकर जीएसटी कर दिया गया है | जिसे हिंदी में वस्तु एवं सेवा कर कहते है इसके तहत नए कानूनों अथवा प्रक्रियाओं को लाने का जिम्मा भारत सरकार ने जीएसटी परिषद (काउंसिल) को सौंपा है, जोकि एक सरकारी संस्था है, जो केंद्र सरकार की निगरानी में कार्य करती है | यदि आप भी जीएसटी परिषद (काउंसिल) क्या है, GST Council Explained in Hindi, इसके बारे में जानना चाहते है तो यहाँ पर पूरी जानकारी दी रही है |

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जीएसटी परिषद की आवश्यकता

वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली के अंतर्गत जीएसटी परिषद एक मुख्य फैसला लेने वाली एक संस्था है जो की जीएसटी कानून के तहत होने वाले कार्यो के संबंध में सभी जरूरी फैसले लेती है। जीएसटी (GST) काउंसिल कुछ राज्यों के लिए विशेष दरों और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए कर (TAX) निर्धारण, कर में छूट, रूपों के घोषित तिथि अथवा कर कानून और कर समय सीमा तय करती है। जीएसटी परिषद (काउंसिल) की जिम्मेदारी पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक ही कर निर्धारित करती है।

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GST (जीएसटी) का फुल फॉर्म

GST (जीएसटी) का फुल फॉर्म “Goods and Service Tax” होता है, इसका हिंदी में उच्चारण “गुड्स एंड सर्विस टैक्स” होता है | जीएसटी एक प्रकार का इनडायरेक्ट टैक्स यानि की अप्रत्यक्ष कर होता है | इससे पूर्व भारतीय संविधान में वस्तुओं और उत्पादों की बिक्री पर कर (Tax) लगाने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया था | वस्तुओं के उत्पादन व सेवाओं पर कर (Tax) लगाने का अधिकार केंद्र सरकार को दिया था | केंद्र सरकार और राज्य सरकार के करों (Taxes) के कारण भारत में बहुत प्रकार के कर लागू थे | जिन्हें अब समाप्त करके केवल एक कर (टैक्स) लागू कर दिया गया है |

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GST (जीएसटी) के प्रकार

GST (जीएसटी) मुख्यतः चार प्रकार होते है, जिनकी जानकारी इस प्रकार है –

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा सीजीएसटी (CGST)

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा सीजीएसटी (CGST) केंद्र सरकार का वह अंग है, जो केंद्रीय बिक्री कर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर के रूप में भारत सरकार के पास एकत्रित होता है | केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम का निर्माण वर्ष 2016 में संविधान में संशोधन करके किया गया था |

राज्य माल और सेवा कर (SGST)

वर्ष 2016 में जीएसटी बिल में राज्य माल और सेवा करों का प्रावधान का निर्माण किया गया है | इसके तहत वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित बिक्री कर, लक्जरी टैक्स, मनोरंजन कर, लेवीज़ ऑन लॉटरी, एंट्री टैक्स को इसमें शामिल किया गया है |

एकीकृत माल और सेवा कर (IGST)

आईजीएसटी का हिंदी में अर्थ एकीकृत माल और सेवा कर होता है | यह टैक्स एक राज्य से दूसरे राज्य वस्तुओं को ले जाने पर लागू किया जाता है | इसके अंतर्गत सेवाओं की आपूर्ति और आदान-प्रदान को शामिल किया गया है |

UTGST (केंद्र शासित प्रदेश के लिए वस्तु और सेवा कर)

जीएसटी अधिनियम में केंद्र शासित प्रदेशों को एक अलग विशेष श्रेणी में रखा गया है | जीएसटी (GST) अधिनियम 2016 के मुताबिक भारत के सभी केंद्र शासित प्रदेशों में एक समान कर (Tax) को लागू किया जाता है |

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जीएसटी टैक्स स्लैब (GST TAX SLAB)

इसे चार भागों में विभाजित किया गया है, इसे लागू करने की प्रतिशतता इस प्रकार है:-

  • 5 प्रतिशत
  • 12 प्रतिशत
  • 18 प्रतिशत
  • 28 प्रतिशत

आम नागरिकों के लिए सबसे अधिक उपयोगी वस्तुओं पर यह टैक्स (कर मुक्त) यानि कि शून्य रखा है, इन वस्तुओं की संख्या 80 है | वर्तमान समय में सिगरेट, शराब और पेट्रोलियम उत्पादों  को जीएसटी के दायरें के बाहर रखा गया है | सरकार द्वारा निर्धारित वस्तुएं जिनपर जीएसटी (GST) लागू की जाती है |

वस्तु का नाम

पूर्व दर

 जीएसटी दर

फूल, पत्तियों और पेड़ की छाल से बने प्लेट्स और कप

5%

0%

कैफीनयुक्त पेय पदार्थ

18%

28%+12% सेस

रेलवे की वैगनों और डिब्बों की आपूर्ति पर (ITC के बिना)

5%

12%

बाहरी खान-पान (ITC के बिना)

18%

5%

डायमंड जॉब के कार्य पर

5%

1.50%

अन्य जॉब कार्यों पर

18%

12%

होटल (7,501 रुपए या उससे अधिक वाले कमरों पर शुल्क पर)

28%

18%

होटल (रूम टैरिफ 1,001 रुपये से 7,500 रुपये तक)

18%

12%

बुना या गैर-बुना पॉलीथीन पैकेजिंग बैग

18%

12%

समुद्री ईंधन

18%

5%

बादाम का दूध

0%

18%

स्लाइड फास्टनर्स

18%

12%

वेट ग्राइंडर या गीली चक्की (पत्थर के रूप में)

12%

5%

सूखी हुई इमली

5%

0%

काटकर पॉलिश किया गए अर्द्ध कीमती पत्थर

3%

0.25%

हाइड्रो-कार्बन अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति के अंतर्गत पेट्रोलियम संचालन के लिए सामान

लागू दर

5%

10-13 यात्रियों की क्षमता वाले पेट्रोल मोटर वाहनों पर उप कर

15%

1%

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टैक्स फ्री वस्तुएं (Tax Free Items)

स्टांप पेपर, मुद्रित किताबें, अखबार, चूड़ियां, अंडा, दूध, छाछ, दही, प्राकृतिक शहद, ताजा फल, जूट, ताजा मीट, मछली, चिकन, सब्जियां, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, हैंडलूम, अनाज, काजल, बच्चों की ड्राइंग, कलर बुक आदि वस्तुओं को टैक्स फ्री रखा गया है | इसके अलावा एक हजार रुपये से कम कीमत वाले होटल और लॉज, ज्यूडिशियल डॉक्यूमेंट्स, स्टांप पेपर को भी जीएसटी (GST) दायरें से बाहर रखा है |

आयकर विभाग टोल फ्री नंबर

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