आईईडी (IED) क्या है



देश को आगे तक चलाने के लिए सरकार द्वारा कई व्यवस्थाएं की जा रही है | इसी तरह IED  एक तरह के बम होते हैं, जो मिलिट्री के बमों से अलग तरह के होते हैं और इन्हे अलग तरीके से बनाए जाते हैं | ये ऐसे बम होते है, जिन्हे सड़क के किनारे लगाए जाने वाले बमों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है | इन बमों को बहुत कामचलाऊ तरीके से बनाया जाता है | इन बमों का इस्तेमाल भी अधिक से अधिक किया जाता है |

वहीं जम्मू कश्मीर में 14 फरवरी को बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें आतंकियों ने पुलवामा के गोरीपोरा इलाके में सीआरपीएफ के काफिले पर IED बमों से ही हमला किया था | यह ऐसा हमला था कि,  इस हमले को 20 सालों का सबसे बड़ा आतंकी हमला कहा गया है |  इसी तरह 2016 में पठानकोट इलाके पर भी आईईडी से हमला किया गया था | इस हमले में भी बहुत से लोग घायल हो गए थे | आईईडी (IED) बम बहुत अधिक खतरनाक बम माना जाता है | इसलिए यदि आपको आईईडी (IED) बमों के विषय में अधिक जानकारी नहीं प्राप्त है और आप इसके विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको आईईडी (IED) क्या है | फुल फॉर्म – IED Explained in Hindi | इसकी पुरी जानकरी प्रदान की जा रही है | 

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आईईडी (IED) का क्या मतलब होता है ?

यह एक तरह के बम होते हैं जो मिलिट्री के बमों से अलग तरीके से बनाए जाते हैं | इसलिए इन बमों में घातक, विषैले, पटाखे बनाने वाले और आग लगाने वाले केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है | इन्हें पूर्ण रूप से इस तरह से बनाया जाता है कि, जैसे ही इसपर पांव या गाड़ी का पहिया पड़ता है, वैसे ही ये फट जाते हैं | इसलिए इन बमो का इस्तेमाल विरोधियों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए किया जाता है | 

आईईडी (IED) कैसे बनता है ?

मुख्य रूप से IED के 5 भाग होते हैं | जिनमें एक स्विच (एक्टिवेटर), एक सर्जक (फ्यूज), कंटेनर (बॉडी), चार्ज (विस्फोटक), और एक पावर का स्त्रोत (बैटरी) शामिल होते हैं | ये ऐसे बम तैयार किये जाते है, जिनमे घर्षण पैदा करने के लिए नाखून, बॉल बेयरिंग या छोटे कंकड़ भी इस्तेमाल कर लिए जाते है | ऐसा करने से विस्फोट के दबाव की तुलना में ये उड़कर दूर तक नुकसान पहुंचा सकते हैं | इन बमों से लोगों को पहुंचने वाली  चोटों को ‘डिसमाउंटेड कॉम्प्लेक्स ब्लास्ट इंजरी’ कहा जाता हैं ,जो युद्ध में अब तक की सबसे बड़ी और खराब चोट मानी जाती है |

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IED को ट्रिगर करने के लिए रिमोट कंट्रोल, इंफ्रारेड या मैग्नेटिक ट्रिगर्स, प्रेशर-सेंसिटिव बार्स या ट्रिप वायर जैसे तरीकों का इस्तेमाल होता है | वहीं कई बार इन्हें सड़क के किनारे तार की मदद से बिछाया जाता है, जिससे इनका विस्फोट अच्छे से हो सके |

आईईडी का फुल फॉर्म | IED FULL FORM

आईईडी (IED) का फुल फॉर्म “इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस” होता है | इन बमो का इस्तेमाल अधिकतर आतंकियों द्वारा किया जाता है, क्योंकि ये बहुत ही खतरनाक बम होते है |

भारत में कब हुए IED हमले 

भारत में माओवादियों ने IED का  कई बार इस्तेमाल किया है, क्योंकि ये ऐसे बम होते है, जिन्हे कम पैसों में भी बनाया जाता है | इससे पहले भारत में 6 बार अलग-अलग जगहों में हमले हुए थे, जिनमे IED का प्रयोग किया जा चुका है |

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यहाँ पर हमने आपको आईईडी (IED) क्या है ? इसके विषय में जानकारी उपलब्ध कराई है | यदि आप इस जानकारी से संतुष्ट है, या फिर इससे समबन्धित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करे और अपना सुझाव दे सकते है, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही निवारण किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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