प्रॉक्सी वोट क्या है

भारत एक लोकतान्त्रिक देश है, जहाँ पर चुनाव जनता के द्वारा होते है | भारत में आये दिन चुनाव होते रहते है, कभी लोकसभा का चुनाव, कभी विधानसभा का इसके अलावा कुछ छोटे चुनाव होते है | चुनाव करवाने में वोटिंग प्रक्रिया का विशेष महत्व होता है | भारत में सभी चुनाव मतदान यानि की वोटिंग के जरिये करवाए जाते है | परन्तु सभी इलेक्शन के लिए नियम बनाये गए है, एक चुनाव में कोई व्यक्ति एक ही वोट डाल सकता है, वो भी स्वयं | कोई किसी दूसरे का वोट नहीं डाल सकता है | इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा कुछ नियम बनाये गए है, जिनका चुनाव के दौरान पालन करना होता है | चुनाव आयोग इस दौरान अलग से शक्तिया और अधिकार दिए जाते है | संविधान के नियमों में लोकसभा और राज्यसभा में बिल पास करके इसमें संशोधन भी किये जाते है | इन्हीं नियमों में एक नियम है प्रॉक्सी वोट का जिसमें व्यक्ति कुछ शर्तों के मुताबिक दो बार मतदान कर सकता है, या फिर दूसरे का वोट डाल सकता है | यदि आप भी प्रॉक्सी वोट क्या है, What is Proxy Voting, Meaning in Hindi, इसके विषय में जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो यहाँ पर इसके विषय में बताया जा रहा है |

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प्रॉक्सी वोट (Proxy Voting) का क्या मतलब होता है

लोकसभा में वर्ष 2017 में लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक को मंजूरी प्रदान की गई थी | जिसके तहत प्रवासी भारतीय मतदाताओं की परेशानियों को दूर करने के लिए एक पहल की गई है, जिससे वह अपने निवास स्थान से ही अपने मताधिकार का प्रयोग (प्रॉक्सी वोटिंग) कर सकता है |

उस समय के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि “सदन ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में संशोधन करने वाले इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी है | इसके माध्यम से कोई भी सेना का जवान (Army) या प्रवासी भारतीय यानि कि एनआरआई किसी वोटर को अपने मत का अधिकार दे सकता है |

इलेक्शन कमीशन यानि कि चुनाव आयोग के स्पेशल प्रोवीजन के नियमानुसार कोई दूसरा व्यक्ति किसी डिफेंस पर्सनल की इच्छा पर उसका वोट डालने का अधिकार रखेगा।

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क्या है संसोधन

इस संशोधन के अनुसार निर्वाचन के संचालन नियम 1961 में वर्णित कुछ शर्तों के अधीन प्रवासी मतदाताओं को चुनाव के दौरान मतदान करने हेतु प्रॉक्सी नियुक्त करने में समर्थ बनाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 60 में संशोधन किया गया है |

इस प्रावधान के अंतर्गत मिलिट्री पर्सन जिस व्यक्ति को भी प्रॉक्सी एप्वाइंट करना होता है। उसकी जानकारी फॉर्म-KFG के माध्यम से अपनी विधानसभा के रिटर्निग ऑफिसर (RO) के पास जमा करनी होती है। जिसकी खास बात यह कि नामित वोटर उसी विधानसभा क्षेत्र का होना अनिवार्य जरूरी होगा, जहां का मिलिट्री पर्सन रहने वाला हो। इलेक्शन ऑफिसर के मुताबिक प्रॉक्सी का एप्वाइंटमेंट लाइफ टाइम के लिए भी किया जा सकता है। जो भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में मिलिट्री पर्सन के स्थान पर मतदान करने का अधिकारी होता है। प्रॉक्सी वोटर की मृत्यु के उपरांत या मिलिट्री पर्सन की इच्छा पर प्रॉक्सी का एप्वाइंटमेंट रिवोक (रद्द) किया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म-क्फ्जी भरना होता है।

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