सुपर ओवर (Super Over) क्या होता है

क्रिकेट एक ऐसा रोमांचकारी खेल है, जिसे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लगभग देशों में बड़े ही उत्साह के साथ देखा जाता है | क्रिकेट मैच लोगो के लिए एक ऐसा आकर्षण का केंद्र है, जिसमें लगभग सभी आयु के लोग शामिल है | यदि हम भारत की बात करे तो किसी अन्य खेल की अपेक्षा यहाँ क्रिकेट प्रेमियों की संख्या सबसे अधिक है | क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपो में टेस्ट मैच, एकदिवसीय मैच यानि की वन डे क्रिकेट, टी टवेंटी (T20) मैच या फिर कोई घरेलू शृंखला हो, जिसमे टेस्ट क्रिकेट मैच को छोड़कर सुपर ओवर का नियम लगाया जाता है |

जिनमे वर्तमान समय में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के तीन स्वरूप टी-20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट सबसे अधिक प्रचलित है | क्रिकेट को और भी रोमांचकारी बनानें के लिए इसके नियमों में समय के अनुसार बदलाव किये जाते है, जैसे कि सुपर ओवर | क्रिकेट प्रेमियों में बहुत से लोग ऐसे जिनके मन में सुपर ओवर और उसके नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, आज हम आपको अपनें इस लेख के माध्यम से सुपर ओवर से सम्बंधित जानकारी दे रहे है, तो आईये जानते है कि सुपर ओवर (Super Over) क्या होता है, क्रिकेट में सुपर ओवर का नियम और इसके बारें में पूरी जानकारी |

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सुपर ओवर का क्या मतलब है ?

अंतरराष्ट्रीय स्तर के टी20 या वनडे मैचों में जब दोनों टीमों का स्कोर बराबर होने के कारण मैच टाई हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में दोनों टीमों को एक – एक अतिरिक्त ओवर खेलनें का अवसर दिया जाता है, जिसे हम सुपर ओवर कहते है |  इस अतिरिक्त ओवर में अधिक रन बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है । यदि सुपर ओवर में भी दोनों टीमें बराबर स्कोर खड़ा करती है, अर्थात मैच टाई हो जाता है | तो मैच के दौरान जो भी टीम अधिक चौके लगाती है, उस टीम को विजेता घोषित कर दिया जाता है |  

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क्रिकेट में सुपर ओवर के नियम (Super Over Rules in Cricket)

  • क्रिकेट मैच के दौरान यदि दोनों टीमें बराबर स्कोर बनाती है और मैच टाई हो जानें की स्थिति में सुपर ओवर खेलनें का अवसर दिया जाता है |
  • सुपर ओवर के दौरान सिर्फ तीन प्लेयर ही बैटिंग कर सकते है, जिसकी घोषणा बैटिंग शुरू होने से पहले ही करनी पड़ती है।
  • सुपर ओवर खेलनें के दौरान किसी भी टीम के 2 विकेट गिरते ही पारी समाप्त हो जाती है |
  • सुपर ओवर में भी यदि दोनों टीमें बराबर स्कोर पर होती हैं, तो विजेता टीम का निर्णय सर्वाधिक बाउंड्री के आधार पर किया जाता है ।
  • मैच में पहले बैटिंग करने वाली टीम सुपर ओवर में वह टीम पहले बॉलिंग करती है |
  • सुपर ओवर के दौरान कोई भी एक खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों काम नहीं कर सकता |
  • यदि बारिश की वजह से सुपर ओवर नहीं खेला जाता है, तो डकवर्थ लुईस नियम का उपयोग होता हैं ।
  • सुपर ओवर में बनाये गए रन और विकेट रिकॉर्ड में नही जोड़े जाते | 

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सुपर ओवर की शुरुआत (Start of Super Over)

सुपर ओवर की शुरुआत सन 2008 से टी-20 क्रिकेट में हुई थी, और सन 2011 में इसे वनडे मैच में भी लागू कर दिया गया। सुपर ओवर से पहले विजेता टीम के निर्णय के लिए बॉल आउट का इस्तेमाल किया जाता था। बाल आउट के इस नियम में दोनों टीमों के पांच खिलाड़ी गेंदबाजी करते थे और तीन में से कोई भी स्टंप गिराने की कोशिश करते थे। जो टीम ज्यादा स्टंप गिराती थी उसे विजता घोषित किया जाता था। यदि दोनों टीमों के खिलाड़ी बराबर स्टंप गिरा लें तो यह खेल तब तक चलता था, जब तक फैसला न हो जाए |

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यहाँ आपको क्रिकेट में सुपर ओवर के नियम के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई गई है | यदि आप इससे समबन्धित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करके अपना सुझाव प्रकट करे  है, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही उत्तर देने का प्रयास किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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