ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं ?



रक्त मानव शरीर (Human Body) में स्थित तरल प्रदार्थ होता है, जो शरीर में होने वाली कई तरह की क्रिया प्रतिक्रियाओं के लिए वशवर्ती होता है | यदि हमें किसी तरह की बीमारी हो जाती है, या किसी दुर्घटना में चोट लगने से शरीर से अधिक मात्रा में रक्त का बहाव हो जाता है, तो ऐसे में शरीर में रक्त की कमी होना आम बात है, अनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमे खून की अधिक कमी हो जाती है,जिसके बाद रक्त पूर्ती के लिए डॉक्टर हमें दवाइया तथा खून बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करने के लिए कहता है |

लेकिन कभी- कभी तत्काल परिस्थितियों में इस खून की कमी को खान-पान के सहारे बढ़ाने का समय नहीं होता है, ऐसे में डॉक्टर हमारे शरीर में खून की कमी पूरी करने के लिए अलग से खून चढाने के लिए बोलता है | इस खून को हमारी बॉडी में डालने से पहले हमारे खून की जांच की जाती है, कि हमारा रक्त किस समूह का है, उसके बाद ही उस समूह के रक्त को ही हमारे शरीर में डाला जाता है | प्राचीन काल में ऐसा माना जाता था, कि मानव शरीर में दो प्रकार का खून होता है, अच्छा और बुरा, किन्तु कार्ल लैंडस्टीनर ने यह प्रमाणित किया सभी मनुष्यो में एक जैसा ही खून पाया जाता है |

सर्वप्रथम कार्ल लैंडस्टीनर ने ही यह सुनिश्चित किया था कि एक व्यक्ति का खून दूसरे व्यक्ति में बिना पता लगाए कि वह किस समूह का है, नहीं डाला जा सकता है | इसके लिए RCB रेड ब्लड सेल्स पर आनुवंशिक प्रति जनित पदार्थ की उपस्थिति और अनुपस्थिति के आधार पर ही रक्त समूह का पता लगाया जाता है | यदि आप भी रक्त समूह कितने प्रकार के होते है, के बारे में जानना चाहते है, तो इस लेख में आपको ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं ? और सभी ब्लड ग्रुप की खासियत के बारे में जानकारी दी जा रही है |

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रक्त समूह के प्रकार (Types of Blood Group List)

मुख्य तौर रक्त के चार समूह होते है | यह रक्त समूह आपके अपने माता-पिता से प्राप्त जीन पर आधारित होता है | इसमें से प्रत्येक समूह या तो Rhd+ (positive) या Rhd- (Negative ) होता है, जिस हिसाब से कुल आठ रक्त समूह बनते है | जो कि इस प्रकार है :-

  1. A Rhd Positive A+
  2. A Rhd Negative A-
  3. B Rhd Positive B+
  4. B Rhd Negative B-
  5. AB Rhd Positive AB+
  6. AB Rhd Negative AB-
  7. Rhd Positive O+
  8. Rhd Negative O-

यहाँ रक्त समूह से जुड़ी कुछ जानकारी दी रही है, जिनके आधार पर आप इस तरह की क्रिया और प्रतिक्रिया कर सकते है:-

A+ (Positive)

यदि आप ब्लड ग्रुप में ए पॉजिटिव पाए जाते है, तब आपकी रक्त कोशिकाओं पर ए एंटीजन एवं प्लाज़्मा में बी एंटीबॉडी की उपस्थिति पाई जाती है | ऐसे में A पॉजिटिव समूह वाला व्यक्ति ए प्लस और ए बी प्लस रक्त समूह वाले व्यक्ति को आसानी से अपना रक्त दे सकता है | इसके अलावा ए पॉज़िटिव ए नेगेटिव और ओ पॉज़िटिव एवं ओ नेगेटिव वाले रक्त समूह से सरलता से रक्त ले सकता है |

A- (Negative)

ए नेगेटिव रक्त समूह वाले व्यक्ति के ब्लड की रक्त कोशिकाओं पर एंटीजन एवं प्लाज़्मा में बी एंटीबॉडी की मौजूदगी पाई जाती है | इसमें A नेगेटिव वाला व्यक्ति A+ वA- तथा AB+ वAB- वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है, और A- व् O- रक्त समूह वाले व्यक्ति से रक्तदान ले सकते है |

B+ (Positive)

इस रक्त समूह वाले व्यक्ति के ब्लड में रेड सेल्स पर B एंटीजन और प्लाज़्मा में ए एंटीबॉडी पाई जाती है | यह B+ रक्त समूह वाला व्यक्ति केवल बी+ और AB+ वाले व्यक्ति को ही रक्तदान कर सकता है, तथा B+,B- और O+,O- रक्त समूह वाले व्यक्ति से रक्त प्राप्त कर सकता है |

B- (Negative)

इस समूह वाले व्यक्ति के रक्त की ब्लड कोशिकाओं पर एंटीजन तथा प्लाज़्मा में एंटीबॉडी की उपस्थिति पाई जाती है | B- रक्त समूह वाला व्यक्ति B- व् O- वाले व्यक्ति से रक्त ले सकता है, तथा B+,B-,AB+ एवं AB- वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है |

AB+ (Positive)

एबी पॉज़िटिव रक्त समूह वाले व्यक्तियों के रक्त में रेड ब्लड सेल्स पर ए,बी एंटीजन पाया जाता है, तथा इसके प्लाज़्मा में कोई भी एंटीबॉडी नहीं पाई जाती है | इस रक्त समूह का व्यक्ति किसी भी ब्लड ग्रुप से रक्त ले सकता है, किन्तु यह केवल AB+ रक्त समूह वाले व्यक्ति को ही रक्तदान कर सकता है |

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AB- (Negative)

AB- वाले रक्त समूह में भी लाल रक्त कोशिकाओं पर ए बी एंटीजन होता है, तथा प्लाज़्मा में शून्य एंटीबॉडी नहीं पाई जाती है | ए बी नेगेटिव में व्यक्ति AB-, A-,B-,O- जैसे रक्त समूहों से रक्त ले सकता है, लेकिन केवल AB+, AB- समूह वाले व्यक्ति को ही रक्त दे सकता है|

O+ (Positive)

O+ ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति के रक्त में लाला कोशिकाओं पर शून्य के बराबर एंटीजन पाया जाता है, तथा प्लाज़्मा में ए और बी दोनों ही एंटीबॉडी पाई जाती है| ओ पॉजिटिव रक्त समूह के व्यक्ति केवल O+,O- समूह वाले व्यक्ति से रक्तदान ले सकते है, तथा O+,A+, B+, AB+ ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकते है |

O- (Negative)

इस ब्लड ग्रुप के व्यक्तियों के रक्त की लाल कोशिकाओ में भी ए और बी दोनों में से किसी तरह का एंटीजन नहीं पाया जाता है, तथा प्लाज़्मा में दोनों ही एंटीबॉडी पाई जाती है| O- Group वाले व्यक्ति केवल O- ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति से ही रक्त ले सकते है, जबकि वह किसी भी ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को रक्तदान कर सकते है |

भारत में पाए जाने वाले रक्त समूह की मात्रा (How many types of blood group in India ?)

प्राप्त आंकड़ो के अनुसार भारत में निम्न प्रकार के ब्लड ग्रुप ज्यादा पाए जाते है जिसमे ओ पॉजिटिव (O+) सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है : –

  • O+ (32.53%)
  • O- (2.03%)
  • A+ (21.8%)
  • A- (1.36%)
  • B+ (32.09%)
  • B-  (2.01%)
  • AB+ (7.7%)
  • AB- (0.48%)

दी गयी ब्लड ग्रुप की जानकारी आपके लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है व जीवन में इस प्रकार की जानकारी कभी भी काम में आ सकती है | यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो कृपया आगे इसे अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करे |

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