केंद्र शासित प्रदेश क्या होता है



Kendra Shasit Pradesh : भारत एक राज्यों का संघ है, क्षेत्र और भाषा के आधार पर राज्यों का निर्माण किया गया है, प्रत्येक राज्य में विधान सभा का गठन किया जाता है, जिसके द्वारा राज्य का प्रशासन चलाया जाता है | भारत में कुछ विषम क्षेत्र है, जिनके कारण वहां का प्रशासन केंद्र सरकार के द्वारा चलाया जाता है | केंद्र सरकार अपने एक प्रतिनिधि को नियुक्त करती है |

यह प्रतिनिधि ही वहां कि व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होता है, भारत में केंद्र शासित प्रदेश में भी दो रूप देखने को मिलते है |

केंद्र सरकार और राज्य सरकार क्या होती है

केंद्र शासित प्रदेश क्या है (What is Union Territory)?

Union Territory in Hindi : वह क्षेत्र जहाँ का प्रशासन सीधे केंद्र सरकार के द्वारा संचालित किया जाता है | उस प्रदेश को केंद्रशासित प्रदेश कहा जाता है | केंद्र शासित प्रदेशों में भी प्रशासन और सुरक्षा कि दृष्टि से दो भागों में विभाजित किया गया है | प्रथम जहाँ पर विधान सभा का गठन किया जाता है और दूसरा जहाँ पर विधान सभा का गठन नहीं किया गया है | विधान सभा गठन वाले राज्य में प्रमुख विषय केंद्र सरकार के पास ही रहते है और वहां की सरकार को लगभग प्रत्येक निर्णय के लिए उपराज्य पाल से अनुमति प्राप्त करनी होती है | यहाँ पर उपराज्य पाल सरकार को स्वीकृति देने के लिए बांध्य नहीं होता है | किसी भी राज्य को केंद्र शासित बनाने के विभिन्न कारण हो सकते है, इसमें कुछ कारण निम्न प्रकार है:-

  • कम जनसँख्या व छोटे आकर होने के कारण ऐसे राज्यों को केंद्र शासित बना दिया जाता है जैसे अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप यूनियन टेरिटोरी है |
  • कुछ राज्य में ऐतहासिक रूप से अभी भी वहा की संस्कृति उस पर शासित किये गए देशो के रूप में काफी हद तक नज़र आती है जैसे दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव (पुर्तगाली) और पुदुचेरी (फ्रेंच) संस्कृति नज़र आती है |
  • शाह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 1966 में पंजाब राज्य के विभाजन के बाद हरियाणा राज्य का घट्न किया गया और राजधानी के रूप में चंडीगढ़ को, हरियाणा और पंजाब अपना बनाना चाहते थे किन्तु इस स्थिति में केंद्र ने चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया |
  • राष्ट्रपति केंद्र शासित प्रदेश का एक ‘सरकारी प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर)’ या ‘उप-राज्यपाल (लेफ़्टिनेंट गवर्नर)’ नियुक्त करते है और वही प्रदेश का संचालन करता है |
  • किसी किसी केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा हो भी सकती है और नहीं है | दिल्ली और पुद्दुचेरी में विधानसभा है तो वह मुख्यमंत्री भी नियुक्त किये जाते है | मुख्यमंत्री और प्रशासक के द्वारा उस केंद्र शासित प्रदेश को सही दिशा में चलाया जाता है |

भारत में कितने केंद्र शासित प्रदेश है?

भारत में वर्तमान में नौ (Nine) केंद्र शासित प्रदेश है, यह इस प्रकार है-

भारत के केन्द्र शासित प्रदेश व उनकी राजधानी

1. चंडीगढ़ चंडीगढ़
2. दादरा और नागर हवेली – दमन और द्वीपदमन
3. पॉन्डिचेरी पुडुचेरी
4. लक्षद्वीप कवरत्ती
5. दिल्ली नई दिल्ली
6. अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह पोर्ट ब्लेयर
7. जम्मू कश्मीरश्रीनगर
8. लद्दाखलेह

विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश

Union Territories Having Vidhan Sabha : भारत में जम्मू कश्मीर, दिल्ली और पुदुचेरी केंद्र शासित प्रदेश है जहाँ पर विधान सभा का चुनाव कराया जाता है| इस चुनाव में बहुमत प्राप्त करने वाली सरकार का गठन किया जाता है, जोकि निर्धारित किये गए विषयों पर प्रशासन करती है और अपना निर्णय ले सकती है | यहाँ की राज्य सरकार को उपराज्य पाल के निर्देश पर ही कार्य करने की अनुमति दी जाती है |

केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) क्या है

केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में क्या अंतर है?

  • प्रत्येक राज्य में विधानसभा स्थापित होती है लेकिन किसी केंद्र शासित प्रदेश में ऐसे जरूरी नहीं है | भारत के सभी केंद्र शासित प्रदेश में दिल्ली और पुद्दुचेरी के अलावा कही विधानसभा नहीं है |
  • राज्य में शासन और प्रशासन के रूप में मुख्यमंत्री के द्वारा कार्य किया जाता है और वही केंद्र शासित प्रदेश में यह कार्य मुख्यत: प्रशासक जिसे राष्ट्रपति के द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर नियुक्त किया जाता है, स्थिति अनुसार राज्य में कार्यभार संभालता है |
  • राज्य में कानून राज्य सूची के विषयानुसार राज्य की विधासभा कानून बना सकती है लेकिन केंद्र शासित प्रदेश में यह कार्य प्रशासक की मंजूरी के बिना किया जा सकता और कुछ ही मुद्दों पर विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश अपने अनुसार कानून बना सकते है |
  • राज्य में मुख्यमंत्री का चुनाव लोकतंत्र के अनुसार जनता द्वारा किया जाता है वही केंद्र शासित प्रदेश में सीधा केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है |

राज्यपाल और उपराज्यपाल में अंतर

राज्य पाल की नियुक्ति पूर्ण राज्य के दर्जा प्राप्त राज्य में की जाती है | वह राज्य सरकार के निर्णयों पर स्वीकृति देने के लिए बांध्य रहते है | विषम परिस्थितियों में ही अपना निर्णय ले सकते है, जबकि उपराज्य पाल की नियुक्ति केंद्र शासित प्रदेश में की जाती है | उपराज्य पाल केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार ही कार्य करता है |

विधान सभा गठन वाले केंद्र शासित प्रदेश में उपराज्य पाल राज्य सरकार के निर्णयों पर स्वीकृति प्रदान करने के लिए बांध्य नहीं रहता है | यहाँ पर उपराज्य पाल राज्य सरकार को अपने निर्णय बदलने के लिए बांध्य कर सकता है | केंद्र शासित प्रदेश में राज्य सरकार को छोटी से छोटी बात के लिए उपराज्य पाल से अनुमति लेनी अनिवार्य रहती है |

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