मनी लॉन्ड्रिंग क्या होता है

दुनिया में ऐसे बहुत ही कम लोग हैं, जिन्होंने अवैध रूप से कमाई नहीं की हुई है, क्योंकि वर्तमान समय में ईमानदारी से बहुत ही कम कमाई की जाती है और वहीं अवैध रूप से की गई कमाई से लोग बहुत अधिक ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं, और अमीरी के मामले सबसे आगे हो जाते है | इसीलिये अवैध रूप से की गई कमाई को वैध बनाने के लिए मनी लांड्रिंग शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि अवैध रूप से की गई कमाई का कोई भी लेखा जोखा सरकार के पास नहीं होता है और जिससे  भारत को आर्थिक रूप से बहुत अधिक हानि का सामना करना पड़ता है | इसके साथ ही सरकार इसपर रोक लगाने के लिए कई नियम जारी किये है | इसलिए यदि आप भी मनी लॉन्ड्रिंग के विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको मनी लॉन्ड्रिंग क्या होता है , PMLA अधिनियम, फुल फॉर्म क्या है? इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है |

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मनी लॉन्ड्रिंग क्या है?

‘मनी लॉन्ड्रिंग’ शब्द की उत्पत्ति सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई है क्योंकि अमेरिका में माफिया अन्य लोगों से जबरन वसूली करने का काम करते हैं और साथ ही में अवैध तरीके से जुआ, स्मगलिंग करके बहुत अधिक धन की  कमाई कर लेते थे और इसके बाद उस धन को वैध तरीके से सरकार के सामने पेश कर देते थे | इस प्रक्रिया को करने के लिए उस स्थान पर अमेरिका के माफिया मनी लॉन्ड्रिंग शब्द का इस्तेमाल करते थे | इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग शब्द का इस्तेमाल अवैध तरीके से कमाए गए काले धन को वैध तरीके से कमाई गए धन को दिखाने के लिए किया जाता है | मनी लॉन्ड्रिंग एक ऐसा शब्द है, जिसका इस्तेमाल अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को छुपाने के लिए होता है । मनी लॉन्ड्रिंग का इस्तेमाल करते हुए अवैध रूप से कमाए गए धन को ऐसे कामो में लगाया जाता है, जिसके बारे में मुख्य रूप से जांच करने वाली एजेंसियां भी छानबीन नहीं कर पाती है, इसलिए धन की हेरा फेरी करने वाले व्यक्ति  को “लाउन्डरर” (The launderer) कहा जाता है |

भारत में मनी-लॉन्ड्रिंग (MONEY LAUNDERING IN INDIA)

अभी तक मनी लॉन्ड्रिंग शब्द का इस्तेमाल केवल अमेरिका में ही किया जा रहा है, क्योंकि वहां पर खुले आम अवैध रूप से काले धन की कमाई की जाती रही है इसलिए अमेरिका में यह शब्द बहुत अधिक प्रचलित था लेकिन वहीं भारत में भी अवैध रूप से कमाए गए काले धन को वैध बनाने का कार्य चोरी- छुपे किया जा रहा है लेकिन,1990 के दशक में  “मनी लॉन्ड्रिंग” को हवाला लेन-देन शब्द के रूप में जाना जाता है, वहीं अब वर्तमान समय में भारत में कई बड़े नेताओं के नाम हवाला लेन-देन में  शामिल हो चुके है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग शब्द भारत में भी प्रचलित हो गया और इसमें कई लोगों के नाम भी समाने आये है |

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मनी लॉन्ड्रिंग के चरण (STEPS OF MONEY LAUNDERING)

मनी लॉन्ड्रिंग के तीन चरण होते है, जो इस प्रकार है-

  1. प्लेसमेंट (PLACEMENT)
  2. लेयरिंग (LAYERING)
  3. एकीकरण (INTEGRATION)

प्लेसमेंट (PLACEMENT)

मनी लॉन्ड्रिंग  के पहले चरण प्लेसमेंट में अवैध रूप से अर्जित करने वाला व्यक्ति गलत तरीकों से आय को जमा करने का काम करता है |

लेयरिंग (LAYERING)

दूसरे चरण लेयरिंग के अंतर्गत व्यक्ति अवैध  रूप से कमाए गए अपने काले धन को बांड, स्टॉक, और ट्रैवेलर्स चेक या विदेशों में छिपा देता है क्योंकि वर्तमान समय में भी विश्व में अभी कई ऐसे देश नहीं है जो मनी लॉन्ड्रिंग में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करते है, तो ऐसे लोग इसी देश में इस प्रकार के धन को छुपाने का काम करते है |

एकीकरण (INTEGRATION)

तीसरे चरण एकीकरण के माध्यम से लोग बाहर या अन्य स्रोतों से एकत्रित किया गया धन पुनः उस व्यक्ति को वैध रूप से प्राप्त हो जाता है जो उस व्यक्ति को यह धन किसी कंपनी में निवेश,अचल संपत्ति खरीदने, लक्जरी सामान खरीदने आदि के माध्यम से वापस  आ जाता है |

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यहाँ पर हमने आपको मनी लॉन्ड्रिंग के विषय में जानकारी उपलभ्द कराई है |  यदि आपको इससे  सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करनी है तो आप  www.hindiraj.com पर विजिट कर सकते है |

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