एनएसए (NSA) क्या है

एनएसए (NSA) का पद एक सम्मानजनक पद होता है | यह एक ऐसा पद होता है, जो भारत सरकार के सबसे शक्तिशाली नौकरशाहों में से एक माना जाता है | NSA के इस पद की शुरुआत पहली बार नवंबर 1998 से की गई थी | NSA के पद पर जिस व्यक्ति का चयन किया जाता है वह व्यक्ति अधिकतर भारतीय विदेश सेवा या भारतीय पुलिस सेवा से सम्बन्ध रखता हो | वहीं भारत  में सर्व प्रथम  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में इस पद पर ब्रजेश मिश्रा को चुना गया था, लेकिन अब वर्तमान समय में NSA अजीत डोभाल को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है | यदि आप भी एनएसए (NSA) के विषय में जानना चाहते हैं, तो यहाँ पर आपको एनएसए (NSA) क्या है, एनएसए (NSA) का फुल फॉर्म क्या है, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है |

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एनएसए (NSA)

जिस व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में चुना जाता है वह व्यक्ति  भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) का वरिष्ठ अधिकारी बन जाता है | NSA का पद प्राप्त करने वाला व्यक्ति राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर भारत के प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यरत होता है | वर्तमान में अजीत डोभाल ने एनएसए का पद प्राप्त कर लिया हैं | वह अपने दूसरे कार्यकाल की जिम्मेदारी बहुत ही  निष्ठा के साथ निभा रहे हैं और उन्हें सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद की भी जिम्मेदारी सौंप दी गई | 

अजीत डोभाल से पहले,  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद  पर अब तक 4 व्यक्तियों को  नियुक्ति दी जा चुकी थी, जिसमे श्री ब्रजेश मिश्रा; भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी नवंबर 1998 में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा नियुक्त भारत के पहला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार घोषित किये गए थे, जो 22 मई 2004 तक अपने पद पर कार्यरत रहे थे |

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एनएसए (NSA) का फुल फॉर्म क्या है 

NSA का फुल फॉर्म ” नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (National Security Agency ) होता है।  जिसे  हिंदी भाषा में  “राष्ट्रीय सुरक्षा  सलाहकार”  कहा जाता है। यह पद बहुत ही सम्मान जनक पद होता है, जिसमे व्यक्ति को सम्मान के साथ-साथ अच्छी सैलरी भी प्रदान की जाती है |और देश की सेवा करने का अच्छा अवसर भी प्राप्त करता है, और अपनी नीतियों के बल पर देश का गौरव बढाता है|

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्य  

  1. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ही होता है, जो भारत के प्रधानमंत्री को भारत के लिए बाहरी और आंतरिक सुरक्षा खतरों से संबंधित सभी मामलों पर सलाह  देने का काम करता है | 
  2. अपने कार्य की जिम्मेदारी निभाते हुए सभी खुफिया रिपोर्ट  जानकारी लेता है और उन्हें प्रधानमंत्री के सामने पेश करने का काम करता है | इसके साथ ही इस पद को प्राप्त करने वाला व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री की तरफ  से रणनीतिक और संवेदनशील मुद्दों पर आयोजित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बैठकों में  भी शामिल होता है | 
  3. के पद पर कार्य करने वाला व्यक्ति  चीन, पाकिस्तान और इजरायल के साथ सुरक्षा मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत के रूप में भी कार्य करता है | इसके अलावा वह   एनएसए, आधिकारिक विदेशी और राजकीय यात्राओं पर प्रधानमंत्री के साथ जाता है |
  4. किसी देश पर आक्रमण करने या बाहरी खतरों से बचाने में मुख्य सलाहकार होता है, उसी के रणनीति के अनुसार कदम भी उठाये जाते है |

एनएसए की सैलरी 

इस पद को प्राप्त करने वाले व्यक्ति को प्रति माह 1,62,500 रुपये सैलरी प्रदान की जाती है लेकिन इस पद को प्राप्त को करने वाले व्यक्ति को बहुत अधिक मेहनत करनी होती हैं, जिसके बाद ही वह व्यक्ति इस पद को प्राप्त करने में सफल हो पाता है | वेतन के अलावा अन्य सरकारी सुविधाएँ भी प्रदान की जाती है |

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क्र.स. नाम NSA कार्यकाल प्रधानमन्त्री
1. ब्रजेश मिश्र (IFS) नवम्बर 1998 से 22 मई 2004 अटल बिहारी वाजपेयी
2. J. N. दीक्षित (IFS) 23 मई 2004 से  3 जनवरी 2005 मनमोहन सिंह
3. M. K. नारायणन (IPS) 3 जनवरी 2005 से 23 जनवरी 2010 मनमोहन सिंह
4. शिवशंकर मेनन (IFS)  24 जनवरी 2010 से  28 मई 2014 मनमोहन सिंह
5. अजीत डोभाल (IPS) 30 मई 2014 से वर्तमान तक नरेंद्र मोदी

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