प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड क्या है

भारत में प्रॉपर्टी या संपत्ति से सम्बंधित विवाद तो एक आम बात है, कभी-कभी यह विवाद इतने अधिक बढ़ जाते है, कि लोग एक दूसरे की जान के दुश्मन तक बन जाते है | यदि हम एक नजरिये से देखे तो न्यायालय में सबसे अधिक मुकदमें प्रॉपर्टी या संपत्ति से सम्बंधित विवाद पाए जाते है | देश के कई बड़े शहरों में फ्लैट, प्लाट और घर आदि को भू-माफियाओं द्वारा लोगो के साथ फ्राड करनें के बारें में हमें अक्सर जानकारी प्राप्त होती रहती है |

यहाँ तक कि भू-माफियाओं द्वारा एक ही प्लाट या फ्लैट को कई लोगो को विक्रय (Sell) कर दिया जाता है, ऐसे में लोगो को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है | देश की जनता को इस प्रकार की समस्याओं से निजात दिलानें के लिए सरकार द्वारा प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया है | हालाँकि देश के कुछ राज्यों में पहले से ही लागू किया जा चुका है और आगे आनें वाले कुछ समय में इसे देश के सभी राज्यों में अनिवार्य कर दिया जायेगा | आखिर यह प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड क्या है, इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और Property Card Portal के बारें में आपको यहाँ विस्तार से जानकारी दे रहे है |

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प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड का क्या मतलब है ?

प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड राज्य सरकार द्वारा प्रमाणित एक अहम् दस्तावेज है | इस कार्ड में भूमि के स्वामित्व और भूमि धारक से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकरी बड़ी ही सुगमता से प्राप्त की जा सकती है | यदि आप किसी फ्लैट, प्लाट या कृषि योग्य जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आप विक्रेता के संपत्ति कार्ड की जांच कर भूमि और भूमि स्वामी के बारें में सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते है, जिससे आप किसी प्रकार की धोखेबाजी या फ्रॉड से बच सकते है |

सरकार द्वारा प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड जारी करनें का मुख्य उद्देश्य लोगो को भू-माफियाओं, दलालों और फ्रॉड से बचाना है | इस दस्तावेज़ का उपयोग शहर की सीमा के अन्दर भूमि से संबंधित अदालती मुकदमों में एक प्रमाण के रूप में किया जा सकता है।  

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प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड की आवश्यकता (Property Card Required)

यदि हम ग्रामीण क्षेत्रो की बात करे तो यहाँ पर प्रत्येक भूमि का एक रिकार्ड होता है, जो सरकारी अभिलेखों में खाता नंबर, गाटा संख्या आदि के नाम से दर्ज होता है | यदि हम शहरों की बात करे तो यहाँ फ्लैट नंबर या प्लाट नंबर होता है, परन्तु कोई ऐसा यूनिक आइडेंटिटी नंबर नहीं होता जिससे उसकी सभी जानकारी प्राप्त की जा सके| यही कारण है कि शहरों में एक ही फ्लैट को कई लोगो को सेल कर दिया जाता है, इसलिए सरकार द्वारा प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है | हालाँकि अभी इसे महाराष्ट्र, अहमदाबाद, मैसूर, दिल्ली आदि शहरों में लागू किया गया है, और अब इसे देश के सभी राज्यों में लागू कर दिया जायेगा |                        

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संपत्ति कार्ड में शामिल विवरण (Property card included details)

प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड में प्रॉपर्टी सम्बंधित सभी जानकारी उपलब्ध होती है, जो इस प्रकार है- 

  • भू स्वामी का नाम |
  • जमीन का सर्वे नंबर |
  • भूमि का क्षेत्रफल |
  • स्थान |
  • स्वामित्व में परिवर्तन अर्थात भूमि विक्रय से सम्बंधित जानकारी |
  • बैंक द्वारा लिए गए ऋण का विवरण |
  • भूमि पर किसी प्रकार का विवाद या लंबित मुकदमों का विवरण।
  • भूमि पर लगाए गए भुगतान और अवैतनिक करों का विवरण |

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प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड से लाभ (Property card benefits)

  • प्रॉपर्टी कार्ड की सहायता से असली भू-स्वामी के बारें में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है |
  • संपत्ति कार्ड भूमि पर झूठे दावे का पता लगाने में मदद करता है |
  • संपत्ति कार्ड का उपयोग शहरी क्षेत्र में भूमि से संबंधित अदालती मुकदमों में किया जा सकता है |
  • प्रॉपर्टी कार्ड धारक को भविष्य में किसी भी प्रकार के भूमि विवाद से बचने में मदद करेगा |

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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु आवश्यक दस्तावेज (Documents Required for Online Registration)

  • संपत्ति से सम्बंधित मूल दस्तावेजों की एक सेट फोटोकापी |
  • दस्तावेजों (विक्रेता और क्रेता) की दोनों प्रतियों पर दो पासपोर्ट आकार के फोटो |
  • स्टांप ड्यूटी के साथ ई-स्टाम्प पेपर |
  • पंजीकरण शुल्क की ई-पंजीकरण शुल्क रसीद |
  • यदि लेनदेन 50,000 रुपये से अधिक का है, तो पैन कार्ड या फॉर्म 60 की स्व-सत्यापित प्रति |
  • संबंधित पक्षों का मूल आईडी प्रमाण (विक्रेता, क्रेता और गवाह) |

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प्रॉपर्टी कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Property Card Online Registration)

प्रॉपर्टी कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है-

  • प्रॉपर्टी कार्ड के लिए आप अपनें राज्य की अधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ |
  • अब आपको अपनी प्रोफाइल बनानी होगी, इसलिए प्रोफाइल पर क्लिक करे |
  • प्रोफ़ाइल बनाने के लिए सभी जानकारी भरने के लिए रजिस्टर पर क्लिक करें।
  • यूआईडी को सत्यापित कर यूजर नेम और पासवर्ड बनानें के लिए पूरा विवरण अपलोड करे |
  • अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आयेगा।
  • अब आप पोर्टल में लॉग इन करने के लिए यूजर नेम और पासवर्ड दर्ज करें।
  • पोर्टल पर लॉग इन करनें पर एक नया पेज ओपन होगा यहाँ राजस्व विभाग का चयन करें ।
  • उप-विभाग विकल्प में, ड्रॉप ड्रोन मेनू से भूमि रिकॉर्ड विभाग का चयन करें ।
  • संपत्ति कार्ड विकल्प की प्रमाणित प्रति जारी करने का चयन कर next पर क्लिक करे |
  • अब यहाँ एक फार्म ओपन होगा जिसमें आपको संपत्ति कार्ड के लिए विवरण अंकित करना होगा |
  • सभी विवरण प्रदान करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें ।
  • संपत्ति कार्ड आवेदन के लिए शुल्क का भुगतान कर OK पर क्लिक करें ।
  • आपकी संपत्ति से सम्बंधित संपत्ति कार्ड एक सप्ताह के अन्दर रजिस्टर्ड डाक द्वारा दिए गये पते पर भेज दिया जायेगा|

इस प्रकार प्रॉपर्टी कार्ड प्राप्त करनें हेतु आवेदन कर सकते है |    

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आपको इस पृष्ठ पर प्रॉपर्टी या संपत्ति कार्ड से सम्बंधित जानकारी उपलब्ध करायी है अब उम्मीद है आपको पसंद आई होगी | यदि आप इस जानकारी से संतुष्ट है, या फिर इससे समबन्धित अन्य जानकारी जानना चाहते है तो कमेंट करे और अपना सुझाव प्रकट करे, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही निवारण किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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