जनरल फिजिशियन क्या है ?

हमारे भारत देश की बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण कई बार युवाओं को सही तरीके से राह नहीं मिल पाती है क्योंकि कई बार रोजगार के अवसर कम नजर आते हैं। कई समस्याएं होने के बाद भी युवा वर्ग खुद को स्थापित करने के लिए पुरजोर कोशिश करते है और इस वजह से ही मेडिकल क्षेत्र में  भी आगे बढ़ने की भरपूर संभावनाएं देखी जाती हैं।

अगर आप भी मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ कर लोगों की सेवा करना चाहते हैं साथ ही साथ अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाए रखना चाहते हैं ऐसी स्थिति में आप जनरल फिजिशियन (General Physician) बन कर लोगों की मदद करते हुए मार्गदर्शन कर सकते हैं। आज हम आपको जनरल फिजिशियन (General Physician) के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं, जिससे आपको आगे बढ़ने में किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो पाए।

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जनरल फिजिशियन (General Physician) क्या होते हैं?

जनरल फिजिशियन (General Physician) को एक मुख्य सलाहकार या डॉक्टर के रूप में जाना जाता हैं जो किसी भी प्रकार की सामान्य बीमारी का बड़े ही आसानी के साथ कुछ ही दवाइयों के माध्यम से इलाज करते हैं।

जनरल फिजिशियन के माध्यम से हम अपनी दिनचर्या की समस्याओं या फिर ऐसी बीमारियों को ठीक कर पाते हैं, जो सामान्य रूप से होने वाली शारीरिक समस्याओं की वजह से उत्पन्न होती है। जिसके अंतर्गत सर्दी, जुकाम, बुखार, पीलिया, मलेरिया, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि  समस्याओं का निदान किया जाता है।

जनरल फिजिशियन (General Physician) बनने के लिए तैयारी

अगर आप जनरल फिजिशियन (General Physician) बन कर खुद को सही राह पर लाना चाहते हैं तो इसके अंतर्गत आपको तैयारी काफी पहले से ही शुरू करनी होगी क्योंकि जनरल फिजिशियन बनना भी कोई आसान बात नहीं है इसके लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी होती है।

जनरल फिजिशियन (General Physician) बनने के लिए सबसे पहले आपको स्कूलों में भी तैयारी करना होगी। जिसके अंतर्गत विज्ञान विषय को लेते हुए रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान को अनिवार्य रूप से पढ़ते हुए आगे बढ़ना होगा। इसके आधार पर ही आप अपनी पढ़ाई पूरी करते हुए सही रास्ते पर बढ़ कर एक बेहतर जनरल फिजीशियन (General Physician) बन सकते हैं।

जनरल फिजिशियन (General Physician) बनने के लिए विशेष योग्यता

  • अगर आप एक जनरल फिजिशियन (General Physician) बनना चाहते हैं, तो इसके अंतर्गत कुछ विशेष योग्यताओं का होना आवश्यक है।
  • इसके लिए सबसे पहले आपको विज्ञान विषय से पढ़ाई पूरी करते हुए 12वीं में कम से कम 50% अंक होना आवश्यक माना गया है।
  • इसके अंतर्गत आपकी आयु भी 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • सभी प्रकार के डॉक्टर बनने के लिए प्रवेश परीक्षा दी जाती है इसी तरह से जनरल फिजिशियन बनने के लिए भी प्रवेश परीक्षा को क्लियर करना होता है और उसके बाद ही आप एमबीबीएस के लिए चयनित होते हैं।
  • अगर आप जनरल फिजिशियन (General Physician) के अंतर्गत लगभग एमबीबीएस की डिग्री के दौरान साडे 4 वर्ष का कोर्स और 1 वर्ष का इंटर्नशिप पूरा कर लेते हैं तो एक कुशल फिजीशियन बन सकते हैं।
  • अगर आप चाहे तो आगे की पढ़ाई पूरी करते हुए एमडी का कोर्स किया जा सकता है जिसके बाद आपके सामने भविष्य के नए मार्ग खुलते हैं।

जनरल फिजिशियन (General Physician) बनने के लिए टॉप के कॉलेज

अगर आप एक अच्छे जनरल फिजिशियन बनना चाहते हैं तो हम आपको यहां पर कुछ भारत के टॉप के कॉलेज बताने जा रहे हैं जिनके माध्यम से ही आप अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

  • All Indian Institute of Medical Sciences, Delhi
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर |
  • अमृता सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड मॉलेक्युलर मेडिसिन, अमृतसर |
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी |
  • कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल |
  • किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, Uttar Pradesh |
  • सेंट जॉन्स नेशनल अकैडमी आफ हेल्थ साइंसेज, बैंगलुरू |
  • श्री राम चंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, Chennai |
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई |
  • मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली |
  • वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, दिल्ली |
  • डॉ डी वाय पाटील विद्यापीठ, पुणे |

जनरल फिजिशियन (General Physician) का मुख्य कार्य

  • जनरल फिजीशियन (General Physician) हमेशा अपने कार्यों को एक सूची बना कर चलते हैं ताकि किसी भी बात को नजरअंदाज ना किया सके। ऐसे में जनरल फिजिशियन के कुछ मुख्य कार्य होते हैं
  • जनरल फिजिशियन (General Physician) का मुख्य कार्य अपने मरीजों की होने वाली समस्या जैसे सर्दी  खांसी, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, बदन दर्द, बुखार जैसी कुछ समस्याओं को जल्द से जल्द ठीक करना है।
  • कुछ खास रोगों के इलाज के रूप में टीकाकरण जैसा परीक्षण करवाना।
  • अपने मरीजों का विशेष रूप से ध्यान रखना और उनकी नियमित जांच करते रहना।
  • मरीजों का नियमित रूप से खानपान पर नजर रखना साथ ही साथ उन्हें विशेष रुप से सलाह देते रहना।

 जनरल फिजिशियन (General Physician) के पास रोजगार के अवसर

  • अगर आप जनरल फिजिशियन (General Physician) बनते हुए अपने कार्य को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो ऐसे में आपके पास रोजगार के विभिन्न अवसर प्राप्त होते हैं।
  • जनरल फिजीशियन (General Physician) हेतु सरकारी अस्पताल में बहुत मांग होती है। ऐसे में आप सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवा देते हुए भविष्य में आगे बढ़ सकते हैं।
  • कुछ जनरल फिजिशियन ऐसे होते हैं, जो एक समय में खुद का क्लीनिक खोलते हुए भी अच्छी खासी कमाई करते हैं। ऐसे में आप भी इस काम को अपना सकते हैं।
  • हमारे शहर में कई प्रकार के निजी अस्पताल होते हैं। अगर आप बतौर जनरल फिजीशियन उन अस्पतालों में काम करते हैं तो आप नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम के माध्यम से अपनी सेवाएं देते हुए आगे बढ़ सकते हैं।
  • इसके अतिरिक्त अगर आप चाहे तो किसी सैन्य अस्पताल में भी अपनी सेवाएं देकर देशभक्ति की मिसाल पेश कर सकते हैं।
  • इसके अलावा यह देखने में आता है कि सामान्य तौर पर जनरल फिजिशियन (General Physician) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जाकर अपनी सेवाएं देते हैं जो लोगों के लिए बहुत ही लाभप्रद होते हैं।

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जनरल फिजीशियन (General Physician) को मिलने वाली सैलरी

जनरल फिजीशियन (General Physician) एक ऐसा पेशा होता है जिसके अंतर्गत उन्हें रात दिन काम करना होता है। कभी-कभी मरीजों की सेवा के लिए उन्हें किसी दूसरी जगह भी जाना पड़ जाता है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक जगह पर सैलरी अलग-अलग हो सकती है लेकिन अगर एक गणना की जाए तो जनरल फिजिशियन की सैलरी लगभग शुरुआत में ₹25000 से ₹30000 प्रति माह होती है जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए लगभग ₹80,000 प्रति माह तक हो जाती है।

इसके अतिरिक्त अगर आपको इस क्षेत्र में कार्य करते हुए लंबा समय हो चुका है तो आप की आय दोगुनी होती है और आप अपने भविष्य को सुरक्षित कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।

जनरल फिजिशियन (General Physician) की विशेष कौशल क्षमता

  • अगर आप एक जनरल फिजिशियन (General Physician) बनना चाहते हैं इसके अंतर्गत आपके अंदर कुछ विशेष कौशल क्षमताओं का होना आवश्यक है ताकि आप सही तरीके से अपने मरीज का इलाज करते हुए उसे मोटिवेट भी कर सके।
  • किसी भी मरीज की होने वाली समस्याओं को सही तरीके से समझते हुए उसका आकलन करते हुए निवारण करना।
  • हमेशा अपने मरीजों को सकारात्मक उर्जा देना ताकि वे अपने रोग के बारे में सोच कर दुखी ना हो सके।
  • लंबे समय तक कार्य करते रहना जहां पर बिना थकान के ही सही तरह से कार्य करने की क्षमता का विकास करना।
  • अपने व्यवहार में लचीलापन रखना ताकि कोई मरीज अपने अंदर की बात को बताने से ना हिचके।
  • अपने करियर की राह में नई जानकारी सीखने की क्षमता का विकास करना जिसके अंतर्गत नई बातों को समय देना।
  • अपना समय को सही तरीके से प्रबंधित करना ताकि किसी दूसरे को इससे नुकसान ना हो।

जनरल फिजीशियन (General Physician) और सर्जन में अंतर

  • कई बार जब हमें सही तरीके से जानकारी प्राप्त नहीं होती है ऐसी स्थिति में हम सभी चिकित्सकों को एक ही श्रेणी में गणना करने लगते हैं।
  • ऐसे में हम आपको बताना चाहते हैं कि यहां पर जनरल फिजीशियन (General Physician) और सर्जन अलग-अलग प्रकार के चिकित्सकों के अंतर्गत आते हैं, जो अपनी अलग विधि के माध्यम से अपने मरीजों का इलाज करते हैं। दोनों ही प्रकार के डॉक्टरों का मकसद अपने मरीजों को जल्द से जल्द ठीक करना है लेकिन इलाज का तरीका अलग होता है।
  • अगर हम जनरल फिजिशियन (General Physician) और सर्जन में अंतर करने की बात करें तो इनके अंतर्गत सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि जनरल फिजीशियन कभी भी ऑपरेशन नहीं करते हैं बल्कि वे अपने मरीजों का इलाज अपने दवाइयों के माध्यम से ही करते हैं। इसके अलावा सर्जन अपना कार्य ऑपरेशन के माध्यम से करते हैं।
  • जनरल फिजिशियन (General Physician) का कार्य ज्यादा दुविधा भरा और खतरनाक नहीं होता है बल्कि सर्जन के कार्य को खतरनाक कहा जा सकता है क्योंकि कई बार ऐसे अंगो की छेड़छाड़ करते हुए ऑपरेशन करना होता है जिसके बाद इस बात की गारंटी नहीं होती कि व्यक्ति का जीवन बच सकेगा या नहीं?
  • जनरल फिजीशियन जब भी अपने मरीजों का इलाज करते हैं तो उनके विशेष रूप से खानपान और सेहत का ध्यान रखते हैं लेकिन जब सर्जन अपने मरीजों का इलाज करते हैं तो हमेशा इस बात का ध्यान रखा जाता है कि उनसे किसी भी प्रकार की चूक ना हो सके और वह सही तरीके से ही अपना ऑपरेशन पूरा कर सके।
  • जनरल फिजिशियन हमेशा इस बारे में बात करते हैं, जो आपके लिए फायदेमंद हो और जिन्हें करना आपके लिए आसान हो! लेकिन सर्जन हमेशा उन बातों पर गौर करते हैं जिनकी वजह से आपको मुश्किल होती है और उन्हें दूर करना आपके लिए जरूरी होता है।

अपने जनरल फिजिशियन (General Physician) की बातों पर करें अमल

  • जब भी हम किसी रोग का इलाज करवाते हैं ऐसे में कुछ लोगों के द्वारा निश्चित रूप से ही लापरवाही नजर आती है जहां वे अपने जनरल फिजिशियन (General Physician) के द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन नहीं करते और निरंतर रूप से कोई ना कोई गलती कर बैठते हैं।
  • जब भी किसी प्रकार की गलती होती है तो उसका सीधा असर हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है और कभी-कभी हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी खराब होने लगता है। यह स्थिति बिल्कुल भी आपके लिए लाभप्रद नहीं होती है और आप इसकी वजह से कई प्रकार के विकारों से घिर जाते हैं।
  • ऐसे में हम आपको यही उचित सलाह देंगे कि कभी भी अपनी समस्याओं को बढ़ाने का कार्य ना करें और हमेशा अपने जनरल फिजिशियन (General Physician) की बातों पर अमल करें। जब भी आप किसी प्रकार की रोग का इलाज करना चाहते हैं, तो उससे जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए खुद के ऊपर नियंत्रण रखना आवश्यक होता है।
  • ऐसे में हमेशा अपने फिजीशियन की बात को सर्वोपरि मानते हुए आगे बढ़े और अपनी दिक्कतों को कम करने की कोशिश करें। आप गौर करेंगे कि जैसे ही आप अपने फिजीशियन की बातों पर गौर करने लगते हैं तो आप शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हैं और जिसकी वजह से मानसिक तनाव दूर होता है।

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