कन्या भ्रूण हत्या कानून क्या है



वर्तमान समय में सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में  भ्रूण हत्या को लेकर लोगो को जागरूक करनें का निरंतर प्रयास किया जा रहा है | दरअसल बालक और बालिकाओं के गिरते हुए अनुपात को देखते हुए यह एक चिंता का विषय बन चुका है | आपको बता दें कि इस समय देश में पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या मात्र 915 है | सबसे खास बात यह है , कि अल्ट्रासाउंड जैसी नई तकनीक के माध्यम से बच्चे के माता-पिता को लिंग की जानकारी जन्म से पहले ही प्राप्त हो जाती है और वह अपनी इच्छाओं के विपरीत लिंग वाले बच्चे को विकसित होनें से पहले ही समाप्त कर देते है |

हालाँकि इस प्रकार की समस्याओं को देखते हुए देश में कन्या भ्रूण हत्या और गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण के लिए कठोर कानून बनाया गया है | कन्या भ्रूण हत्या (Sex-Selective Abortion) कानून क्या है, इसके विषय में आज हम विस्तार से चर्चा करेंगे|

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कन्या भ्रूण हत्या क्या है (What Is Sex-Selective Abortion)

भारत में प्राचीनकाल से ही लड़को की अपेक्षा लड़कियों को महत्व और सम्मान कम दिया जाता रहा है | यहाँ तक कि कन्या भ्रूण हत्या कई शताब्दियों से चला आ रहा है, यदि देखा जाये तो इसके पीछे सिर्फ धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और भावनात्मक कारण ही होते है | हालाँकि वर्तमान समय में लोगो की इस मानसिकता में काफी परिवर्तन हुआ है, परन्तु कुछ परिवारों में लड़कियों के जन्म को लेकर आज भी विभिन्न कारण और मान्यताएं देखनें को मिलती है | जिससे यह आभास होता है, कि लड़की के जन्म से परिवार में कोई खास ख़ुशी नहीं है |     

वर्ष 1979 मेंअल्ट्रासाउंड तकनीक का विकास हुआ और इस तकनीक का लोग गलत प्रयोग करनें लगे | इस नई तकनीक के आने के बाद वर्ष 1990 एक आकलन से यह जानकारी प्राप्त हुई कि लड़की होने की वजह से 10 मिलीयन से ज्यादा कन्या भ्रूणों का गर्भपात हो चुका है। अल्ट्रासाउंड स्कैन जैसी तकनीक के माध्यम से लिंग परीक्षण की जाँच के पश्चात गर्भ में लड़की के भ्रूण को समाप्त करनें की प्रक्रिया को कन्या भ्रूण हत्या कहते है | हालाँकि भारत में कोई भी लिंग परीक्षण करना कानूनन अपराध है |  

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कन्या भ्रूण हत्या कानून क्या है (What Is Sex-Selective Abortion Law)

देश में अल्ट्रासाउंड जैसी नई तकनीक विकसित होनें के बाद कन्या भ्रूण हत्या में काफी इजाफा देखनें को मिला | यदि देखा जाये तो पहले कन्या की हत्या जन्म के बाद की जाती थी परन्तु लिंग परीक्षण की इस नई तकनीक से कन्या की हत्या जन्म से पहले अर्थात माँ के गर्भ में की जानें लगी |  दूसरे शब्दों में कहा जाये तो कन्या की जानकारी होनें पर गर्भपात कर दिया जाता है | 

हालाँकि कुछ समाज सुधारक और संस्थाओं नें मिलकर इसके विरुद्ध आवाज उठाई, जिसके परिणाम स्वरुप जन्म पूर्व निदान कारक तकनीक दुरुपयोग का निषेध एवं विनियमन विधेयक 1991 लोकसभा में प्रस्तुत किया गया। संशोधनों के बाद यह अधिनियम गर्भधारण पूर्व एवं पूर्व निदान कारक तकनीक (भ्रूण लिंग चयन निषेध अधिनियम 1994) के नाम से जाना गया | इस अधिनियम के अंतर्गत कुल 34 धाराएं और 8 अध्याय शामिल किए गए |

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कन्या भ्रूण हत्या से सम्बंधित अधिनियम (Acts Related To Sex-selective Abortion)

भारतीय संसद द्वारा लिंग चयन निषेध और गर्भपात से सम्बंधित अधिनियम बनाये गये है | गर्भ का समापन तथा भ्रूण लिंग चयन निषेध अधिनियम, दो प्रमुख अधिनियम लिंग चयन निषेध और गर्भपात से संबंधित है, जो इस प्रकार है-

एमटीपी एक्ट 1971 (गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम)

भ्रूण हत्या को प्रतिबंधित करनें के उद्देश्य से सर्वप्रथम वर्ष 1971 में राष्ट्रीय स्तर पहल की गयी |  सरकार नें इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए वर्ष 1971 में ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट’ पारित किया | मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 मानवीयता और रजिस्टर्ड डॉक्टरों को गर्भपात का अधिकार भी प्रदान करता है। लिंग चयन प्रतिबंध अधिनियम, 1994 गर्भधारण से पहले या उसके बाद लिंग चयन पर प्रतिबंध लगाता है। यही कानून कन्या भ्रूण हत्या को रोकने अर्थात प्रसव से पूर्व लिंग निर्धारण से सम्बंधित परीक्षण पर भी प्रतिबंध लगाता है। गर्भाधान और प्रसव से पूर्व पहचान करने की तकनीक अधिनियम (पीसीपीएनडीटी) कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध अधिकार प्रदान करता है।

केंद्र सरकार द्वारा प्रसव पूर्व परीक्षण तकनीक (विनियम एवं दुरुपयोग निवारण) अधिनियम, 1994 बनाया गया। जिसे वर्ष 2003 में संशोधित कर गर्भधारण पूर्व और प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 [The Pre-conception and Pre-natal Diagnostic Technique (Prohibition of Sex Selection) Act 1994 (PC & PNDT Act)]  कहा गया |

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गर्भपात से संबंधित धाराएँ (Clauses Related To Abortion)

भारतीय दंड संहिता की धाराएं 312 से लेकर 314 तक गर्भपात से संबंधित अपराधों का उल्लेख किया गया हैं। इसके अंतर्गत गर्भवती स्त्री का लीगल तरीके से गर्भपात कुछ विशेष परिस्थितियों में करवाया जा सकता है | हालाँकि यह प्रावधान कुछ परिस्थितियों में लागू नहीं होते हैं।

  • यदि गर्भ के कारण महिला का जीवन खतरे में हो |
  • यदि महिला मानसिक या शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं है |
  • यदि बलात्कार के कारण गर्भ ठहरा हो |
  • बच्चे के अपाहिज या विकलांग पैदा होने की स्थिति में |
  • महिला या पुरुष द्वारा अपनाया गया कोई भी परिवार नियोजन का साधन असफल होनें की स्थिति में |

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धारा 313

भारतीय दंड संहिता की धारा 313 के अंतर्गत स्त्री की बिना सहमति के गर्भपात करानें के सम्बन्ध में कहा गया है | इस प्रकार असहमति से गर्भपात करवाने वाले को आजीवन कारावास या जुर्माने का प्राविधान है |

धारा 314

धारा 314 के अंतर्गत, गर्भपात करानें के उद्देश्य से किये गये कार्यों द्वारा यदि स्त्री की मृत्यु ही जाती है, तो 10 वर्ष की कैद के साथ-साथ जुर्मानें का प्राविधान है | 

धारा 315

धारा 315 के अंतर्गत, बच्चे को जीवित जन्म होने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य से सम्बन्धित यदि कोई अपराध होता है, तो इस प्रकार के कार्य करने वाले को 10 वर्ष की सजा या जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किये जानें का प्राविधान किया गया है |

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कन्या भ्रूण हत्या स्लोगन (KanyaBhrunHatya Slogans)

1.भ्रूण हत्या एक पाप है,

मानव जाति के लिए अभिशाप है।

कैसे कर लेते हो तुम ऐसा पाप,

बेटी के जीवन को अपनाकर बनो एक जिम्मेदार बाप।

2.क्यों करते हो तकनीकी तरक्की का दुरुपयोग,

लिंग निर्धारण के लिए अल्ट्रासाउंड का भूल कर भी ना करो उपयोग।

आओ मिलाएं हाथ और हुंकार भरे,

कन्या भ्रूण हत्या का एक साथ बहिस्कार करें|

3.कन्या भ्रूण हत्या पर ये जो तुमने मौन साधा है,

देश के तरक्की में यही सबसे बड़ी बाधा है।

बेटा-बेटी में तुम फर्क ना पालो,

बेटी भी है बेटे के समान इसे भी तुम वैसे ही संभालो।

4.बेटी के जीवन का करो तुम सम्मान,

ईश्वर के इस तोहफे का ना करो अपमान।

आओ घर-घर ये अलख जगायें,

कन्या-संतान को गले लगायें|

5.कन्या धन को यू ना गवाओ,

भ्रूण हत्या करके इनके जीवन को ना मिटाओ।

क्या बेटी होना इतना बड़ा पाप हो गया,

जो इसे भ्रूण हत्या जैसा अभिशाप लग गया।

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यहाँ आपको कन्या भ्रूण हत्या (Sex-Selective Abortion) कानून से सम्बन्धित जानकारी प्रदान कराई गई है | यदि आप इससे रिलेटेड अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप  www.hindiraj.com पर विजिट करे | इसके साथ अपने विचार या सुझाव कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे सकते है | हमे आपके सुझावों का इन्तजार है | आपकी प्रतिक्रिया का शीघ्र उत्तर दिया जायेगा |

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