शतरंज कैसे खेला जाता है



मनुष्य के जीवन में खेल का बहुत अधिक महत्व है | यदि हम शतरंज के खेल की बात करे तो यह बहुत ही पॉपुलर और पुराना खेल है | आपनें टीवी पर फिल्मों में शतरंज के खेल को अवश्य देखा होगा | यह एक ऐसा खेल है, जो काफी लम्बा चलता है | शतरंज (चैस) दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाने वाला एक बौद्धिक एवं मनोरंजक खेल है |  ऐसे में आपने भी सोचा होगा और आपका भी मन हुआ होगा कि क्यों ना हम भी शतरंज के खेल को एक बार खेल कर देखें |

लेकिन इसके नियम और खेलने की रणनीति की सही जानकारी ना होने के कारण हम इस खेल को खेल पाने में इतना उत्साह नहीं ले पाते हैं | इसी को देखते हुए आज हम आपके लिए शतरंज कैसे खेला जाता है ? शतरंज खेल के नियम की जानकारी के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दे रहे है |

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शतरंज खेल का इतिहास (History of Chess Game) 

शतरंज किसनें बनाया और इसकी शुरुआत किस देश में हुई, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है |  लेकिन कहा जाता है कि, आज से लगभग दो हजार वर्ष पहले चेस के जैसा खेल लोग खेला करते थे | 280-550 ई० में जब गुप्त साम्राज्य था, तब इस तरह के खेल की शुरुवात हुई थी | इसके बाद 1200 दशक के आसपास साउथ यूरोप में शतरंज के खेल की शुरुवात हुई, जिसमें 1475 के आस पास इस खेल में बड़े बदलाव किये गए, जिसे आज हम खेलते है, इस खेल को बदलाव के साथ स्पेन एवं इटली में अपनाया गया | 

शतरंज खेल की जानकारी 

शतरंज का खेल दो लोगो के बीच एक दूसरे के विरोध में खेला जानें वाला खेल है | शतरंज अर्थात चेस बोर्ड में कुल 64 वर्गाकार खाने होते है, जो सफ़ेद और काले रंग के होते है | प्रत्येक खिलाडी के पास 16-16 गोटियाँ होती है, इनमें हर एक टीम के पास 1 राजा, 1 रानी, 2 हाथी, 2 घोड़े, 2 ऊँठ एवं 8 प्यादे होते है | इस खेल में यही टारगेट होता है, कि सामने वाले खिलाड़ी को किस तरह से शह और मात (चेकमेट) दिया जा सके | शह और मात एक ऐसी स्थिति होती है, जब कोई राजा की जगह पर कब्ज़ा कर ले, और उस कब्जे से उसे कोई निकाल न सके | 

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खेल की शुरुआत और उसके नियम

खेल शुरू करनें से पहले सभी गोटियों को चेसबोर्ड पर उनके निर्धारित स्थान पर रखा जाता है | एक खिलाड़ी काले रंग की तथा दूसरा सफ़ेद गोटी लेता है | चेसबोर्ड में हाथियों को दोनों कोने में रखते है, फिर उसके बगल वाले खानें में दोनों कोने में घोड़े रखते है, फिर उसके बाजु में दोनों साइड ऊँठ रखते है, फिर बायीं तरफ राजा और दाहिनी तरफ रानी रखते है | इनके सामने की लाइन में 8 प्यादे रखे जाते है | जो खिलाडी सफ़ेद गोटी लेता है, वह पहली चाल चलता है |

गोटियाँ चलनें की जानकारी 

1.राजा

शतरंज के इस खेल में राजा ही सबसे महत्वपूर्ण मोहरा है | राजा इस खेल का मुख्य होता है, इस खेल में राजा को बचाना होता है अर्थात राजा को बचाने के लिए ही यह खेल खेला जाता है | राजा सबसे अहम् होनें के बावजूद सबसे कमजोर होता है, क्योंकि राजा सिर्फ एक कदम, किसी भी दिशा में उपर, नीचे, आजू, बाजु या तिरछे चल सकता है |

2.वजीर 

वजीर जिसे रानी भी कहते है | शतरंज के इस खेल में वजीर सबसे ताकतवर होता है, क्योंकि यह किसी भी दिशा में, तिरछा, सीधा, आगे, पीछे कितने भी वर्ग चल सकता है |

3.हाथी 

हाथी अपनी इच्छा अनुसार कितने भी वर्ग चल सकता है, परन्तु यह सिर्फ खड़ा या आड़ा चल सकता है, परन्तु यह तिरछा नहीं चल सकता |  हाथी एक खिलाड़ी के पास 2 होते है, यह दोनों मिलकर काम करते है, और एक दूसरे की रक्षा करते है |

4.ऊँट 

शतरंज के इस खेल में ऊँट भी अपनी इच्छा अनुसार कितने भी वर्ग चल सकता है, परन्तु यह सिर्फ तिरछा ही चलता है | एक खिलाडी के पास दो ऊँट होते है और यह दोनों मिलकर काम करते है |

5.घोड़ा

इस खेल में घोड़े की चाल सबसे अलग होती है, क्योंकि घोड़ा ही चाल सभी से बहुत ही अलग होती है | यह किसी एक दिशा में ढाई घर चलता है (जैसे L आकार होता है) | घोड़ा एक अकेला ऐसा पीस है जो किसी अन्य पीस के उपर से चाल चल सकता है | जिसे बोलचाल की भाषा में ढाई कदम भी कहा जाता है | यह भी शतरंज के खेल में एक तरफ दो होते है |

6.प्यादा

शतरंज के इस खेल में प्रत्येक खिलाडी के पास 8 प्यादे होते है | प्यादा एक सैनिक की तरह कार्य करते है | यह एक कदम आगे चलते है, लेकिन किसी अन्य गोटी को तिरछा होकर मारते है | प्यादा एक समय में एक ही वर्ग चलता है, सिर्फ पहली चाल में यह खिलाडी की इच्छानुसार 2 वर्ग चल सकता है, परन्तु यह पीछे नहीं चल सकता है, न ही मार सकता है | यदि प्यादे के सामने कोई आ जाये तो इसे पीछे नहीं हटाया जा सकता है, न ही सामने वाले को सीधे मार सकता है |

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शतरंज खेल के अन्य महत्वपूर्ण नियम 

कैसलिंग 

शतरंज के खेल में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण नियम है, इसमें आप 2 चीजें एक साथ कर सकते है | पहला यह कि राजा को बचानें के साथ ही हाथी को कार्नर से हटा कर बीच खेल में ला सकते है | इसमें खिलाड़ी अपने राजा को एक वर्ग की जगह 2 वर्ग चला सकता है, साथ ही हाथी को राजा के किनारे रख सकते है,  कैसलिंग के लिए स्थितियां इस प्रकार है –

  • खेल में कैसलिंग राजा द्वारा सिर्फ एक बार कर सकते है |
  • यह राजा की पहली चाल होनी चाहिए साथ ही हाथी की भी यह पहली चाल होनी चाहिए |
  • राजा और हाथी के बीच कोई भी गोटी नहीं होनी चहिये |
  • राजा के उपर शह या मात नहीं होना चाहिए |

टाई (ड्रा)  

यदि खेल में कोई विजेता नहीं निकल पाता है, तो ऐसी स्थिति में खेल ड्रा हो जाता है | ड्रा होने के पांच कारण हो सकते है, जो इस प्रकार है –

  • दोनों खिलाड़ी खेल बंद करनें के लिए सहमत हो |
  • जब बोर्ड में शह और मात के लिए कोई गोटी न शेष बची हो |
  • कोई खिलाड़ी उस स्थिती में ड्रा बोल सकता है, जब लगातार तीन बार एक सी स्थिती बन जाती है |
  • यदि कोई खिलाड़ी चाल चलता है, लेकिन उसके राजा को शह और मात नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उसके पास कोई और चाल चलने के लिए जगह नहीं है |

यहाँ आपको शतरंज कैसे खेला जाता है, इसकी जानकारी से अवगत कराया गया है |  अब आशा है कि आप इस जानकारी से संतुष्ट होंगे, यदि आप इससे संबंधित अन्य किसी जानकारी को प्राप्त करना चाहते है तो कमेंट करके अपना सुझाव दे, आपकी प्रतिक्रिया का जल्द ही उत्तर देने का प्रयास किया जायेगा | अधिक जानकारी के लिए hindiraj.com पोर्टल पर विजिट करते रहे |

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