बास्केटबॉल के नियम

ओलिंपिक में कई ऐसे खेल शामिल है, जो देखनें में दूसरे खेलो से मिलते-जुलते लगते है | इन्ही में से बास्केटबॉल भी एक है | यह देखनें में लगभग हैंडबॉल से मिलता है, परन्तु असलियत में यह बास्केटबॉल से काफी अलग है और इन दोनों खेलो के नियमों के काफी अन्तर है | हालाँकि बास्केटबॉल खेलनें में काफी सरल है परन्तु इसे खेलनें के लिए आपकी लम्बाई और स्टेमिना काफी अच्छा होना चाहिए |

आपको बता दें, कि बास्केटबॉल (Basketball) की शुरुआत वर्ष 1891 में कनाडा में हुई थी और 1936 के ओलंपिक खेलों में बास्केटबॉल को एक मेडल इवेंट के रूप में शामिल किया गया था | जबकि महिला बास्केटबॉल की शुरुआत 1976 के ओलंपिक से हुई थी। आज हम आपको अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले जानें वाले बास्केटबॉल के बारें में पूरी जानकारी दे रहे है, तो आईये जानते है बास्केटबॉल के नियम, Basketball Game Rules in Hindi.

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बास्केटबॉल का इतिहास (History Of Basketball)

बास्केटबॉल का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है, इस खेल का का आविष्कार वर्ष 1891 में डॉ जेम्स नाइस्मिथ नामक एक कनाडाई चिकित्सक द्वारा किया गया था | डॉ जेम्स को बास्केटबॉल के जनक के रूप में जाना जाता है | डॉ नाइस्मिथ नें अपनी कॉलेज की शिक्षा पूरी करनें के पश्चात उन्होंने मैकगिल के एथलेटिक निदेशक के रूप में सेवा की, इसके बाद वह स्प्रिंगफील्ड में वाईएमसीए ट्रेनिंग स्कूल चले गए। यह बात उस समय की है, जब नाइस्मिथ स्प्रिंगफील्ड वाईएमसीए इंटरनेशनल ट्रेनिंग कॉलेज में शारीरिक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे |

चूँकि सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के कारण छात्रों को आउटडोर गेम खेलने की अनुमति नहीं थी | कड़ाके की ठंड के महीनों के दौरान वाईएमसीए एथलीटों को फिट रखने के लिए उन्हें एक इनडोर गेम तैयार करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद बास्केटबॉल गेम की शुरुआत हुई। नाइस्मिथ के नियमों के अनुसार बास्केटबॉल का पहला खेल 9-9 खिलाड़ियों के बीच खेला गया था |

हालाँकि समय के अनुसार इस खेल के नियमों के करते हुए इसे और भी बेहतर तरीके से पेश किया गया, जिसे आज हम मॉडर्न-डे बास्केटबॉल के रूप में जानते है | भारत में इस खेल को सन् 1950 में खेला गया और इसी वर्ष बास्केटबॉल संघ की स्थापना की गयी थी | वर्तमान में इस खेल का आयोजन विद्यालय और विश्वविधालय स्तर पर किया जाता है | 

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बास्केटबॉल मैदान की माप (Basketball Field Measurement)

जिस मैदान में बास्केटबॉल खेला जाता है उस मैदान को कोर्ट कहा जाता है | यह मैदान आयताकार होता है तथा इसके दोनों ओर पोल लगे होते है, जिसमें 7 मीटर की ऊंचाई पर एक बास्केट लटकी रहती है | कोर्ट के अंदर तीन सर्कल बने होते है, जिनमे एक मध्य में और दो फ्री-थ्रोइंग क्षेत्र में होते है |     

मुख्यतः बास्केट सफ़ेद या नारंगी कलर की होती है, इस बास्केट का अंदरूनी व्यास 45 सेमी० होता है | इस बास्केट की गहराई 40 सेमी० होती है और इस बास्केट को एक धातु के छल्ले से से बांधकर लटकाया जाता है | बास्केट के पीछे लगे जोड़ की माप 6 गुणा 4 फीट होती है |

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बास्केटबॉल खेलनें के नियम (Rules Of Playing Basketball)

  • अंतर्राष्ट्रीय खेलों में एक बास्केटबॉल कोर्ट 28 X 15 मीटर का होता है।
  • एक टीम में 12 खिलाड़ी शामिल होते हैं परन्तु एक समय में कोर्ट पर सिर्फ 5 खिलाड़ी ही उपस्थित रहते हैं।
  • इस खेल में बॉल को टैप करके, लुढ़का कर, खिलाड़ियों के बीच पास कर अथवा दौड़कर बॉल को उछालकर बास्केट तक पहुंचाया जाता है।
  • खेल के दौरान यदि कोई खिलाड़ी बॉल को बिना पास किये हुए दो कदम से अधिक जाता है, तो उसे ट्रैवलिंग फ़ाउल दिया जाता है। 
  • बास्केट बॉल का कोर्ट के अंदर रहना अत्यंत आवश्यक है। वह टीम जो बॉल को सीमा से बाहर जाने से पहले स्पर्श करती है, उससे गेंद का अधिकार छिन जाता है।
  • यदि बॉल सीमा रेखा को छू लेती है या सीमा रेखा से बाहर चली जाती है, तो वह बॉल सीमा से बाहर तब मानी जाती है |  
  • खेल के दौरान यदि कोई गलती हो जाती है, तो वह बॉल डेड बॉल कहलाती है | इस दौरान रेफरी द्वारा गाढ़ी को रोक दिया जाता है |  

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गेंद से सम्बंधित जानकारी (Boll Related Information)

गेंद का बाहरी भाग चमड़े का बना होता है जबकि इसके अन्दर एक रबड़ का एक ब्लेडर होता है | इस बॉल का भार लगभग 600 ग्राम से 650 ग्राम के बीच होता है तथा इस गेंद की परिधि 75 से.मी से 78 से.मी तक होती है | यदि हम बॉल में हवा के दबाव की बात करे तो इसे लकड़ी के तल पर 6 फीट की ऊंचाई से गिराने पर गेंद की उछाल 4 फीट 8 इंच होनी चाहिए |

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बास्केटबॉल खेलनें से सम्बंधित जानकारी (Information Related To Playing Basketball)

1.खिलाडियों की संख्या (Number of Players)

बास्केटबॉल की प्रत्येक टीम में 5-5  खिलाड़ी होते हैं | इस खेल की समय अवधि 50 मिनट होती है, जिसमें से बीस-बीस मिनट की दो पारियाँ तथा 10 मिनट का रेस्ट होता है।

2.पास देना (Give A Pass)

गेम के दौरान जब गेंद को एक खिलाड़ी से दूसरे खिलाड़ी तक पहुचायी जाती है, तो इसे पास देना कहते है | 

3.ड्रिबल (Dribble)

जब बॉल को उंगलियों द्वारा जमीन पर उछालते हुए आगे की ओर बढ़ाया जाता है, तो उसे ड्रिबल कहते है | बॉल को नीचा रखकर घुटने तथा शरीर के ऊपरी भाग को झुकाकर ड्रिबल किया जाता है |

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4.शॉट लगाना (To Shot)

जब किसी खिलाड़ी द्वारा बॉल को बास्केट में डालने के लिए फेंकता है, तो इसे शॉट लगाना कहते है | जब कोई खिलाड़ी कोर्ट के किसी भी हिस्से से शॉट मारकर बाल को रिंग में डालनें में सफल हो जाता है, तो उसे टीम को तीन अंक प्राप्त होते है | 

5.बॉल को रोकना  (Stop The Ball)

खेल के दौरान बॉल को उचित ढंग से रोकना और उसे अपनें अपने नियंत्रण में करना एक मुख्य तकनीक है | हालाँकि बॉल को रोकना इस बात पर करता है कि अन्य खिलाड़ी ने दूसरे खिलाड़ी को बॉल किस प्रकार से फेंककर दी है | 

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6.फ्री थ्रो (Free Throw)

फ़ाउल के दौरान विपक्षी टीम को फ्री-थ्रो दिया जाता है | जब कोई प्लेयर फ्री-थ्रो लेता है,तो वह थ्रो-रेखा के पास खड़ा होता है | जबकि दूसरी टीम के 2 खिलाड़ी बास्केट के पास खड़े होते है और अन्य खिलाड़ी किसी भी पोजीशन में रह सकते है |

7.खेल की अवधि (Time Of Game)

बास्केटबॉल खेल की समय अवधि 20-20 मिनट के दो भांगों की होती है | इसमें 10 मिनट का समय रेस्ट के लिए दिया जाता है |

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यहाँ आपको बास्केटबॉल (Basketball) के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई है | यदि आपको इससे सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप www.hindiraj.com पर विजिट कर सकते है | इसके साथ अपने विचार या सुझाव अथवा प्रश्न कमेंट बॉक्स के माध्यम से पूंछ सकते है | हम आपके सुझावों का हमे इन्तजार है |

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