BDO Kaise Bane

दुनिया में पढ़ने वाले सभी अभ्यर्थी एक अच्छा पद प्राप्त करके अपना जीवन सुरक्षित करना चाहते है, इसलिए कोई अभ्यर्थी डॉक्टर, तो कोई वकील (Advocate), तो कुछ अभ्यर्थी बीडीओ (BDO) का पद प्राप्त करना चाहते है | बीडीओ का पद प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को अधिक मेहनत करनी होती है और पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई पूरी करनी होती है | बीडीओ, विकास खंड का अधिकारी (Block Development Officer) होता है, जिसका निर्माण अनेक पंचायतों को मिलाकर किया जाता है, इसके मुख्यालय को सामुदायिक विकास केन्द्र कहते है, विकास खंड और सामुदायिक विकास केंद्रों के सहयोग से जनविकास से सम्बंधित जन कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की जाती है | यह एक सम्मान जनक पद है, जिसमें व्यक्ति को सम्मान के साथ – साथ अच्छी सैलरी भी प्रदान की जाती है | इसलिए यदि आप भी बीडीओ के विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको BDO Kaise Bane, बीडीओ का फुल फॉर्म , योग्यता , वेतन , परीक्षा की तैयारी कैसे करे | इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है | यह पद पर कार्यरत होने के बाद बीडीओ, एक मुख्य विकास अधिकारी के आधीन काम करते है व अपने काम की जानकारी भी CDO (Chief Development Officer) को देते है|

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बीडीओ (BDO) क्या होता है ?

भारत एक बहुत बहुत बड़ा देश है और इसके विकास के लिए सरकार छोटे – छोटे क्षेत्रो का आकलन करके, छोटे खंडो में विकास के कार्य करती है | किसी भी क्षेत्र में वहां के विकास के लिए मुख्य मुख्य अधिकारी होता है जो उस क्षेत्र के विकास व आमजन हित में कार्य को जिले के चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर के अनुसार कराता है | ब्लाक स्तर पर डेवलपमेंट कराने वाले अधिकारी को ही ब्लाक डेवलपमेंट ऑफिसर या बीडीओ कहाँ जाता है |

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बीडीओ का फुल फॉर्म

बीडीओ का फुल फॉर्म “Block Development Officer” होता है और  इसका हिंदी उच्चारण “ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर” होता है । इसके अलावा इसे हिंदी भाषा में खंड विकास अधिकारी अथवा ब्लाक विकास अधिकारी भी कहा जाता है |

बीडीओ अधिकारी कैसे बने ?

ब्लाक डेवलपमेंट ऑफिसर या BDO एक प्रभावशाली पोस्ट है व इसी के साथ ही बीडीओ के साथ कई सारे कर्तव्य भी जुड़े है जिन्हें पूरा करने के लिए बीडीओ ऑफिसर को अधिकार भी दिए गये है | यदि आप बीडीओ अधिकारी बनने चाहते है तो आपको आयोग द्वारा कराए जाने वाली परीक्षा में अपनी पात्रता को सिद्ध करना होगा | यदि आप निम्न बिन्दुओ की शर्त पूरी करते है तो आप अपना BDO Officer बनने का सफ़र यही से शुरू कर सकते :

शैक्षिक योग्यता 

 बीडीओ ऑफिसर बनने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविघालय से मुख्य तौर पर स्नातक (Graduation)  में सफलता प्राप्त करना अनिवार्य है, क्योंकि जिन अभ्यर्थियों ने  ग्रैजुएट में सफलता प्राप्त कर रखी है, वो अभ्यर्थी इस पद के लिए आवेदन कर सकते है | 

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आयु सीमा 

बीडीओ पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होना अनिवार्य है, जिन अभ्यर्थियों की आयु  21 वर्ष  और 40 वर्ष के मध्य है, वो अभ्यर्थी इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमनुसार, ओबीसी को तीन वर्ष तथा एससी, एसटी अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की छूट प्रदान की जाती है |

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

इस पद को प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी को चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करना आवश्यक होता है और परीक्षा राज्य के लोक सेवा आयोग के द्वारा ली जाती है , क्योंकि इन्ही के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है | सबसे पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाती  है, इसके बाद लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर लेने वाले अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए  बुलाया जाता है | परीक्षा हेतु राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया जाता है और उसी आधार पर ऑनलाइन या ऑफलाइन से भर्ती विज्ञापन जारी किया जाता है|

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प्रारंभिक परीक्षा (PRELIMINARY EXAM )

बीडीओ के पद के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाता हैं, जिसमें आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को शामिल होना होता है, जिसमें अभ्यर्थियों को दो पेपर हल करने होते हैं, जिन्हे हल करने के लिए अभ्यर्थियों को दो घंटे का समय दिया जाता है |

पेपर विषय अंक प्रश्न स० 
पेपर -1 जनरल स्टडीज 200 150 प्रश्न
पेपर -2 सीएसएटी 200 100 प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा पेपर 1 के पाठ्यक्रम: जनरल स्टडीज
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व तथा वर्तमान की घटनाओं के बारें में अच्छी से जानकारी प्राप्त कर लें | 
  • भारतीय इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के विषय में जानकारी ले लें |
  • भारतीय और विश्व भूगोल के अंतर्गत  भारत की भौतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल और विश्व से सम्बंधित जानकारी होनी आवश्यक है | 
  • भारतीय राजनीति और प्रशासन – संघटन, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकार मुद्दे, आदि के बारे में जान ले |
  • आर्थिक और सामाजिक विकास-सतत विकास, गरीबी, समावेश, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल आदि का ज्ञान होना चाहिए | 
  • पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे – जिन्हें विषय विशेषज्ञता और जलवायु परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होती है |  
  • सामान्य विज्ञान के बारे में |
प्रारंभिक परीक्षा पेपर 2 का पाठ्यक्रम: सीएसएटी
  • सामान्य मानसिक क्षमता से सम्बंधित प्रश्न |
  • तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता से सम्बंधित प्रश्न |
  • निर्णय लेने और समस्या सुलझाना |
  • संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल |
  • कक्षा दस के स्तर तक प्राथमिक गणित |
  • सामान्य अंग्रेजी कक्षा दस स्तर तक |
  • सामान्य हिंदी से कक्षा दस के स्तर तक |

मुख्य परीक्षा (MAIN EXAM )

प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर लेने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल किया जाता है,  इस परीक्षा में चार अनिवार्य प्रश्नपत्र पूछे जाते है, इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी द्वारा चुनें गये दो वैकल्पिक विषयों के चार प्रश्नपत्र कराये जाएंगे , अनिवार्य प्रश्नपत्रों में सामान्य हिंदी, निबंध के लिए 150-150 अंकों में दो प्रश्नपत्र और सामान्य अध्ययन के दो प्रश्नपत्र 200-200 अंकों  के कराये जाएंगे |

मुख्य परीक्षा सामान्य अध्ययन, पेपर- I
  • भारत का इतिहास – प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक के विषय में |
  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और भारतीय संस्कृति |
  • भारतीय संदर्भ में जनसंख्या, पर्यावरण और शहरीकरण |
  • विश्व भूगोल, भारत की भूगोल और इसके प्राकृतिक संसाधन |
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं |
  • भारतीय कृषि, व्यापार और वाणिज्य |
  • यू.पी. के विशिष्ट ज्ञान शिक्षा, संस्कृति, कृषि, व्यापार वाणिज्य, जीवन शैली और सामाजिक सीमा शुल्क आदि के विषय में ज्ञान होना आवश्यक है |
मुख्य परीक्षा सामान्य अध्ययन, पेपर – II
  • भारतीय राजनीति |
  • भारतीय अर्थव्यवस्था |
  • सामान्य विज्ञान (विज्ञान सहित भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका) |
  • सामान्य मानसिक क्षमता |
  • सांख्यिकीय विश्लेषण, आलेख और आरेख |

साक्षात्कार (Interview)

जो अभ्यर्थी दोनों परीक्षाओं में  सफलता प्राप्त कर लेते हैं, तो उन अभ्यर्थियों को अंतिम चरण में साक्षात्कार के लिए  बुलाया जाता है, जिसमें अभ्यर्थी से योग्यता और तर्क शक्ति जैसे प्रश्न पूछे जाते है,  इसके बाद आपके प्रदर्शन के अनुसार आपको इस पद के लिए नियुक्त किया जाएगा,  इसके पश्चात लोक सेवा आयोग द्वारा एक मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी जाती है, जिसके आधार पर चयनित अभ्यर्थी को खंड विकास अधिकारी पद पर नियुक्त किया जाता है ।

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बीडीओ ऑफिसर का वेतन (Salary of BDO)

बीडीओ अर्थात खंड विकास अधिकारी को प्रतिमाह 9300/- से 34,800/- रुपये तक वेतन प्रदान किया जाता  है | एक बीडीओ अधिकारी को वेतनमान के अलावा भी राज्य सरकार द्वारा अन्य सुविधाए या Allowances दी जाती है :-

इसके अलावा बीडीओ को फ़ोन का बिल, बिजली का बिल व शिक्षा के लिए भी भत्ता मुहैया कराया जाता है |

Promotion OR पदोन्नति का अवसर

साथ ही करियर में उन्नति के अवसर भी निर्धारित अन्तराल व कार्य शैली के आधार पर दिया जाता है | यदि आपका रिकॉर्ड सर्विस बुक में अच्छा है तो आपको पदोन्नति सही समय पर प्राप्त होगी जिसके साथ आप वरिष्ठ पदों को धारण करेगे और देश के विकास में अपना सहयोग पहले से ज्यादा दे सकेगे |

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