आईएएस (IAS) कैसे बने

आईएएस (IAS) भारत की सिविल सेवा का सबसे प्रतिष्ठित पद है, इस पद की गरिमा और शक्ति के आधार पर ही इसके चयन की परीक्षा भी उसी के अनुरूप तय की गयी है, जिससे इस पद पर केवल योग्य व्यक्ति ही पहुंच सके | इस पद पर बहुत से अभ्यर्थी चयनित होना चाहते है, लेकिन पद तक केवल कर्मठ और अनुशासित व्यक्ति ही पहुंच पाते है | आईएएस अधिकारी बनने के लिए बहुत मेहनत और लगन की आवश्यकता  होती है| आप मात्र डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (District Magistrate) तक ही आईएएस को न देखें, भारत जैसे देश में सभी विभाग के प्रशासनिक मुखिया व सचिव ज्यादातर आईएएस ही होते है| कैबिनेट सचिव, भारत सरकार का सचिव, किसी राज्य का सचिव या किसी भी केंद्रीय मंत्रालय का सचिव आईएएस ही होते है|

भारतीय सिविल सेवा में सेलेक्ट होना एक गर्व और गौरव की बात है| यह आपको नौकरी नहीं अपितु सही महीने में देश की सेवा करने का मौका देता है| सिविल सेवा के जरिये 24 सर्विसो के लिए परीक्षा ली जाती है जिसमे आईएफएस (IFS), आईपीएस (IPS), आईआरएस (IRS) जैसे ग्रेड ‘अ’ पद शामिल है| यह एक स्थायी कार्यपालिका का सदस्य है जिसका कोई इलेक्शन नहीं अपितु सिलेक्शन होता है| इसे ही नौकरशाही या bureaucracy कहते है| देश में विकास और संतुलन के लिए शासन और प्रशासन साथ मिलकर कार्य करते है| आज इसी विषय में लम्बी चर्चा करेंगे और जानेगें कि आईएएस बनने के लिए शुरुआत कैसे करे, साथ ही अध्ययन के लिए स्ट्रेटेजी क्या होनी चाहिए| आईएएस का वेतन और योग्यता के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे|

ये भी पढ़े: एसडीएम (SDM) कैसे बने?

आईएएस (IAS) अधिकारी कैसे बने

संघ लोक सेवा आयोग (यू०पी०एस०सी०) सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करता है, इस परीक्षा की प्रकृति और प्रक्रिया को ध्यान से देखा जाए तो यह परीक्षा क्रैक करना ज्यादा कठिन नहीं है, लेकिन इसके लिए आप अपने आपको कितना केंद्रित रख पाते है, यह उस पर निर्भर करता है | यदि आपने अपने जीवन का उद्देश्य आईएएस ही बना रखा है, तो इस पद के लिए आप सबसे योग्य व्यक्ति है | अब आपको आईएएस बनने के लिए इसकी तैयारी स्नातक स्तर से कर देनी चाहिए | इससे आपको इस परीक्षा को क्रैक करने का पर्याप्त समय मिल जायेगा |

सबसे पहले आपको परीक्षा का प्रारूप को समझना होगा | इसके बाद आपको अपने पॉजिटिव और निगेटिव पॉइंट पर ध्यान देना होगा | आपको अपने निगेटिव पॉइंट (Negative Point) को दूर करने के प्रयास शुरू कर देना चाहिए |

ये भी पढ़े: सी.डी.ओ. (CDO) कैसे बने

आयु (Age limit)

सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष, ओबीसी के लिए 35 वर्ष व अन्य आरक्षित वर्ग एससी/एसटी के लिए 37 वर्ष है|

योग्यता (Qualification)

किसी मान्यता प्राप्त संस्था से स्नातक (Graduation) की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है | इसमें डिस्टेंस एजुकेशन भी शामिल है|

परीक्षा प्रारूप (Exam Format)

  • प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination)
  • मुख्य परीक्षा (Main Examination)
  • साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination)

प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्न पत्र इस प्रकार से आता है |

प्रारंभिक परीक्षा प्रारूप (Preliminary Examination Format)

क्र०सं०प्रश्न पत्रअंक
1सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र I (वस्तुनिष्ठ)200
2सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र II (वस्तुनिष्ठ)200

प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो पेपर होते है, प्रत्येक पेपर के लिए 200 अंक निर्धारित रहते है | इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते है, प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई अंक की कटौती की जाती है | इसलिए यदि आपको प्रश्न के सही उत्तर की जानकारी हो तभी आपको उत्तर देना चाहिए क्योंकि अधिकांश एक या दो नंबर कम होने पर अभ्यर्थियों को असफल घोषित कर दिया जाता है | जिससे आपकी सारी मेहनत व्यर्थ हो सकती है |

ये भी पढ़े: सरकारी वकील कैसे बने?

ईएएस मुख्य परीक्षा (IAS Main Examination)

आईएएस प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा में भाग लेने के लिए अधिसूचना जारी की जाती है, जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा को उत्तीर्ण कर लेते है, वह ही इस परीक्षा में भाग ले सकते है |

क्र०सं०प्रश्न पत्रअंक
1.सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –I)250
2.सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –II)250
3.सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –III)250
4.सामान्य अध्ययन  (प्रश्नपत्र –IV)250
5.वैकल्पिक विषय (प्रश्नपत्र –I)250
6.वैकल्पिक विषय (प्रश्नपत्र –II)250
7.निबंध लेखन250
8.अंग्रेज़ी (अनिवार्य)300
9.भारतीय भाषा (अनिवार्य)300

नोट : अंग्रेज़ी (अनिवार्य), भारतीय भाषा (अनिवार्य) में प्राप्त किये गए अंकों को चयन की मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाता है |

इस परीक्षा में कुल नौ प्रश्न पत्र होते है, यह सभी निबंधनात्मक होते है | प्रत्येक पेपर में आपको दिए गए टॉपिक को सही ढंग से समझाते हुए लिखना होता है |

ये भी पढ़े: जज (JUDGE) कैसे बने?

साक्षात्कार (Interview)

मुख्य परीक्षा के बाद आयोग के द्वारा साक्षात्कार का आयोजन किया जाता है, जिन अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किया जाता है, वह साक्षात्कार में भाग ले सकते है |

परीक्षा का नामअंक
साक्षात्कार275
सैलरी (Salary)

एक आईएएस को लगभग 56100 से 250000 रुपये प्रतिमाह का वेतन प्रदान किया जाता है |

आवास (Accommodation)

एक आईएस को तैनाती के साथ जिले या राज्य में जहाँ पर पोस्टिंग होती है, वहां के प्रतिबंधित क्षेत्र में डुप्लेक्स बंगला प्रदान किया जाता है | जिला/आयुक्त या मुख्यालय में पोस्टिंग होने पर भी उसे यह लाभ दिया जाता है |

परिवहन (Transportation)

एक आईएएस अधिकारी को आने- जाने के लिए कम से कम 1 एवं अधिकतम 3 सरकारी वाहन चालक सहित प्रदान किये जाते है | वाहन का ईंधन एवं रखरखाव सरकार के द्वारा वहन किया जाता है |

ये भी पढ़े: ग्राम विकास अधिकारी (VDO) कैसे बने?

आईएएस कार्य (IAS Work)

  • एक आईएएस के रूप में राजस्व से सम्बंधित कार्य करने होते है, जैसे राजस्व का संग्रह इत्यादि |
  • जिले में कानून और व्यवस्था बनाये रखना |
  • एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करना होता है |
  • एक आईएएस को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) या जिला विकास आयुक्त के रूप में कार्य करना होता है |
  • जिले में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करवाना |
  • नीतियों की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण करने के लिए यात्रा करना इत्यादि |
  • वित्तीय मामलों को मानदंडों के अनुसार सार्वजनिक निधियों में व्यय करने की जाँच करना |
  • सरकार की नीति बनाने में संयुक्त सचिव, उप सचिव के रूप में सलाह देना और नीतियों को अंतिम आकार देना |
  • सरकार के दैनिक मामलों को संभालने का उत्तरदायित्व निभाना |

आईएएस अधिकारी के पद (IAS Officer’s Post)

  • एसडीओ / एसडीएम / संयुक्त कलेक्टर / मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ)
  • जिला मजिस्ट्रेट / जिला कलेक्टर / डिप्टी कमिश्नर
  • विभागीय आयुक्त
  • सदस्य बोर्ड ऑफ राजस्व
  • राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष

आईएएस के अधिकार (IAS Rights)

आईएएस अधिकारी एक जिले या विभाग का प्रमुख होता है, विभाग में होने वाले प्रत्येक कार्य के लिए वह उत्तरदायी होता है, वह अपने अधिनिष्ठ कर्मचारियों को दिशा- निर्देश देता है, यदि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पायी जाती है, तो वह कर्मचारियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही करता है | वह कर्मचारियों को निलंबित कर सकता है और यदि कोई कर्मचारी क़ानून के विरुद्ध कार्य करता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकता है और शासन से बर्खास्त करने की सिफारिश कर सकता है |

आईएएस के निलम्बन की शक्ति केवल राष्ट्रपति (The President) के पास है, अन्य कोई भी शासनिक द्वारा यह कार्य नहीं किया जा सकता| एक बार इंदिरा गाँधी ने अजित जोगी से कहा था कि देश में पॉवर सिर्फ जिले में डीएम , राज्य में सीएम और केंद्र में पीएम के ही पास है|

ये भी पढ़े: पीसीएस (PCS) अधिकारी कैसे बने