Digital Personal Data Protection Bill क्या है



आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि Digital Personal Data Protection Bill क्या होता है। हाल ही में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को लागू किया गया है। जिसको जाने के लिए हर व्यक्ति गूगल पर यह सर्च कर रहा है कि आखिर यह बिल क्या है। तो यदि आप का भी यही प्रश्न है तो यह लेख आपको अंत तक जरूर पढ़ना चाहिए।

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तो चलिए बिना समय व्यर्थ किए आगे बढ़ते है और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते है। तो हमारा निवेदन है की आप लेख को अंत तक ज़रूर पढ़े।

जीएसटी बिल क्या होता है ?

Digital Personal Data Protection Bill

DPDP Bill in Hindi: भारत में यह बिल डिजिटल माध्यम से लोगों के पर्सनल डेटा को सुरक्षित रखना के लिए लाया गया है। इसके लागू हो जाने के बाद लोग अपने डेटा कलेक्शन, स्टोरेज और प्रोसेसिंग से जुड़ी जानकारी मांग पाएंगे। यानी उन्हें यह अधिकार मिल जाएगा कि वह कंपनियों से यह पूछ सकेंगे कि वह कौन सा डेटा ले रहे हैं और उनके उस डेटा का कहां पर उपयोग किया हो रहा है।



क्योंकि कुछ सालों में देखा जा रहा है ‌कई कंपनियां लोगों के पर्सनल डेटा को गलत उपयोग कर रही थीं। इस कारण ही डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल को लाया गया है। ताकि कोई भी कंपनी किसी का भी पर्सनल डाटा गलत तरीके से उपयोग ना कर सके।

क्या होता है डिजिटल पर्सनल डेटा?

हाल ही में लोक सेवा आयोग द्वारा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल के नियम को जारी किया गया है। जिसके माध्यम से नागरिकों के पर्सनल डाटा को सुरक्षित रखा जाएगा। यह डाटा वह होता है जो हम ऑनलाइन देते हैं। जब भी हम अपने मोबाइल में कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो उसके लिए हमसे काफी सारे प्रश्न पूछे जाते हैं।

काफी इजाजत मांगते हुए जानकारी ली जाती है। इसके तहत आपको कैमरा, गैलरी और जीपीएस जैसी चीजों के एक्सेस भी देने होते हैं। उसके बाद आप इस ऐप को डाउनलोड कर पाते हैं। ऐप को डाउनलोड करने के कारण हमारा बहुत सारा डाटा दूसरी ओर पहुंच जाता है। जैसे कि आपके कांटेक्ट में किस-किस के नंबर हैं। आपके फोन में कौन सी फोटो और वीडियो है। यहां तक कि जीपीएस की मदद से आपकी मूवमेंट को भी चेक किया जाता है।

अब कुछ एप्लीकेशन लोगो के पर्सनल डाटा को अपने सर्वर पर अपलोड कर लेते हैं और उसको दूसरी कंपनियों को बेच देते हैं। जिससे कि सामने वाले व्यक्ति को काफी ज्यादा नुकसान होता है। इस कारण नागरिकों को इस नुकसान से बचाने के इस नियम को लागू किया है। ताकि सभी लोग अपने पर्सनल डाटा को सुरक्षित रख सकें। आपको बता दें की अगर कोई व्यक्ति Digital Personal Data Protection Bill नियम को तोड़ता है। तो उसे कम से कम 50 करोड़ रुपये और अधिकतम 250 करोड़ रुपए का जुरमाना देना पड़ेगा।

भारत में मौजूदा वक्त में क्या है कानून?

वैसे आपको बता दें की अभी तक देश में ऐसा कोई भी कानून लागू नहीं किया गया है। जो कि नागरिकों के पर्सनल डाटा को सुरक्षित रख सकें। जब से देश में मोबाइल और इंटरनेट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। तभी से इस तरह के कानूनों को जारी करने की बात हो रही है। वहीं पिछले कुछ सालों में डाटा चोरी की लगातार घटनाएं बढ़ती जा रही है। दूसरे देशों में डाटा सेव को लेकर काफी सख्त कानून बनाए जा चुके हैं।

लेकिन अभी तक हमारे देश में नागरिकों के डाटा को सुरक्षित रखने से जुड़ा कोई भी कानून लागू नहीं किया गया था। अब Digital Personal Data Protection Bill के पास हो जाने के बाद यह बिल कंपनियों की जवाबदेही निर्धारित करेगा। जिसके बाद कंपनियां ग्राहकों का डेटा को उपयोग नहीं कर सकेंगी।

ई वे बिल (E Way Bill) क्या है

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल के फायदे

  • यदि कोई व्यक्ति डाटा प्रोटेक्शन बोर्ड के फैसले को लेकर अपील करना चाहता है। तो उसके लिए उन्हें टेलीटेलिकॉम डिस्प्यूट्स सैटेलमेंट और अपीलेट ट्रिब्यूनल द्वारा सुना जाएगा। 
  • इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति बिल के नियमों को तोड़ेंगी। तो उसकी जानकारी सबसे पहले टा प्रोटेक्शन बोर्ड और यूजर्स को दी जाएगी। 
  • Digital Personal Data Protection Bill के माध्यम जो भी कंपनियां यूजर डेटा का इस्तेमाल करती हैं और डेटा को स्टोर करने के लिए किसी थर्ड पार्टी डेटा प्रोसेसर का इस्तेमाल करती हैं। तो उन्हें लोगों के डेटा को सुरक्षित रखना होगा। 
  • आपको बता दें की अगर किसी के पर्सनल डेटा को लेकर कोई फ्रॉड या नियम का उल्लंघन हुआ है तो डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ही पेनाल्टी का फैसला लिया जाएगा। 
  • कोई भी कंपनी यूजर्स के निजी डेटा को भारत के बाहर किसी दूसरे देश में स्टोर नहीं कर सकेंगे। यानी यूजर्स का डेटा अब भारत में ही स्टोर किया जाएगा। 
  • यदि किसी कंपनी ने दो बार से अधिक डेटा प्रोटेक्शन बिल का उल्लंघन किया तो डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड उस कंपनी को ब्लॉक भी कर सकती है।
  • देश का जो भी नागरिक इस नियम को तोड़ता है। तो उन सभी को कम से कम 50 करोड़ रुपये और अधिक से अधिक 250 करोड़ रुपये हो सकती है।

Conclusion

तो आज इस लेख के माध्यम से हमने अपने पाठकों को Digital Personal Data Protection Bill से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। हम उम्मीद करते हैं कि आपने इस लेख के माध्यम से काफी कुछ जानकारी हासिल की होगी। यदि आपको डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल से जुड़ा कोई प्रशन है। तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। हम एवं हमारी टीम सदैव अपने पाठकों की सेवा हेतु तत्पर है।

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