जीएसटी बिल क्या होता है ?



भारत सरकार ने देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लागू करने के लिए संसद से मंजूरी प्राप्त कर ली है | इसके साथ ही राज्य विधानसभाओ ने भी जीएसटी की स्वीकृति दे दी है, जिससे अब 1 जुलाई 2018 के बाद से देश में सभी चीजों पर एक सामान कर लगेगा | ऐसा केवल GST के आने से संभव हुआ है | इससे पहले भारत में जरूरत की चीजों की खरीद पर अलग-अलग कर (Tax) लगाए जाते थे,किन्तु अब GST Bill India में लागू होने से भारत में खरीदी गई हर चीज़ और हर सेवा पर एक सामान ही कर (Tax) देना होगा |

जीएसटी को लागू किये हुए आज दो वर्ष से भी अधिक का समय हो चुका है, किन्तु आज भी बहुत से लोग ऐसे है, जिन्हे GST के बारे ठीक तरह से जानकारी नहीं है | इस लेख में आपको जीएसटी बिल क्या होता है, तथा GST Bill कैसे बनाए इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी जा रही है |

जीएसटी परिषद (काउंसिल) क्या है

जीएसटी क्या है (What is GST)

जीएसटी यानि वस्तु एवं सेवा कर जिसे अंग्रेजी में GST- ‘Good and Services Tax’ कहते है | यह भारत देश का एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है, जिसे वस्तु एवं सेवाओं की आपूर्ति के लिए लागू किया गया है | जीएसटी नियम के अनुसार सभी चीजों और सेवाओं पर एक सामान कर लगाया जायेगा | इसका सीधा मतलब यह होगा कि वैट, एक्साइज़ और सर्विस टैक्स के स्थान पर केवल एक ही कर लागू होगा | देश के आम नागरिको को इसका अधिक फायदा होगा, इससे वह पूरे देश में कही भी किसी तरह का समान खरीदते है, तो उन्हें एक ही तरह की कीमत देनी होगी|

इससे पहले चीजों पर अलग-अलग तरह के कर लगाए जाते है,किन्तु अब आप किसी भी राज्य में रहते हो, आपको हर सामान के लिए एक ही मूल्य चुकाना होगा | उदहारण के तौर पर यदि आप दिल्ली में एक कार खरीदते है, तो दूसरे राज्यों की तुलना में आपको उसकी अलग कीमत देनी पड़ती है, लेकिन जीएसटी के आने से आम नागरिक को उचित मूल्य पर चीजे मिल जाया करेंगी|

जीएसटी बिल पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (GST Bill Registration Documents Required)

जीएसटी बिल या चालान क्या होता है (What is GST Bill or Challan)

जीएसटी बिल को हम जीएसटी चालान (GST Bill or Challan) भी कहते है | जीएसटी बिल एक ऐसा दस्तावेज होता है, जिसमें क्रेता अर्थात ग्राहक द्वारा ख़रीदे गये सामान और पैसे के लेनदेन से सम्बंधित विवरण दर्ज होता है|  इस बिल में ग्राहक द्वारा ख़रीदे गये उत्पाद या सामान का नाम, सामान की मात्रा, क्रेता और विक्रेता (Seller) का विवरण के साथ ही बिक्री की शर्तें, उत्पाद का रेट अर्थात दर और छूट (Discount) आदि से सम्बंधित जानकारी का विवरण दर्ज होता है |      

जब किसी ग्राहक द्वारा किसी उत्पाद की खरीद की जाती है, तो इस टैक्स प्रणाली के अंतर्गत खरीददार की जानकारी के लिए इस बिल को एक दस्तावेज के रूप में दिया जाता है। इस बिल में ग्राहक द्वारा ख़रीदे गये सभी प्रकार के उत्पादों के विवरण के साथ ही ग्राहक द्वारा ख़रीदे गये सामान पर लगाये गये टैक्स और दर की जानकारी दर्ज होती है, जिसे वस्तु एवं सेवा बिल अर्थात जीएसटी बिल कहा जाता है।       

जीएसटी बिल में दर्ज जानकारियों का विवरण (Information Included in GST Bill)

प्रत्येक ग्राहक को किसी भी दुकान या विक्रेता से सामान खरीदनें के पश्चात अपनी खरीद का बिल अनिवार्य रूप से प्राप्त करना चाहिए| क्योंकि इसी बिल के माध्यम से हमें इस बात की जानकारी होती है, कि हमारे द्वारा ख़रीदे गये सामान पर विक्रेता द्वारा किस दर से टैक्स या कर लिया गया है|  दरअसल यह बिल, टैक्स चार्ज करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट पर खर्च करने के लिए जारी किया जाता है। एक वास्तविक या एक्चुअल टैक्स बिल में शामिल होने वाली जानकारियों का विवरण इस प्रकार है-

  • बिल संख्या (CPN Number)
  • बिल जारी करने की तिथि |
  • ग्राहक या खरीददार का नाम |
  • शिपिंग और बिलिंग पता |
  • ग्राहक और करदाता का जीएसटीआईएन (GSTIN)
  • आपूर्ति का स्थान |
  • एचएसएन या एसएसी कोड (HSN / SAC Code)
  • उत्पाद की मात्रा |
  • टैक्स योग्य मूल्य और छूट |
  • टैक्स की दर और धनराशि ( CGST/ SGST/IGST)
  • आपूर्ति करनें वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर |

यदि ग्राहक पंजीकृत (Registerd) नहीं है और उत्पाद या सामान 50 हजार (Fifty Thousands) रुपये से अधिक है, तो बिल में इन बातों का शामिल होना आवश्यक है-

  • ग्राहक का नाम और पता |
  • वितरक का पता |
  • राज्य का नाम और राज्य कोड |

जीएसटी बिल का प्रारूप (Format of GST Bill)

जब ग्राहक द्वारा किसी वस्तु की खरीद की जाती है, तो जीएसटी के अंतर्गत विक्रेता (Seller) द्वारा क्रेता (Buyer) को एक बिल दिया जाता है, जिसे जीएसटी बिल के नाम से जाना जाता है | जीएसटी बिल का फॉर्मेट इस प्रकार है-

जीएसटी बिल कैसे बनाये (How to Generate GST Bill) ?

वर्तमान समय में जीएसटी अर्थात वस्तु और सेवा कर बिल बहुत आसान हो गया है, क्योंकि मार्केट में यह बिल बनानें के लिए विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर उपलब्ध है। जिसकी सहायता से आप बिना किसी समस्या के यह बिल बड़ी सरलता से बना सकते है | आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि जीएसटी बिल तभी जारी किया जाना चाहिए, जब कोई व्यवसाय या जीएसटी पंजीकरण वाला व्यक्ति ग्राहक को सामान या सेवाओं की आपूर्ति करता है। जीएसटी नियमों के अनुसार, आपूर्ति का मूल्य 200 रुपये से अधिक होने पर आपूर्तिकर्ताओं को अनिवार्य रूप से जीएसटी बिल प्रदान करना आवश्यक है। आप LEDGERS सॉफ्टवेयर का उपयोग करके आसानी से GST बिल बना सकते हैं, इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है-

1. बिल बनाएँ – सॉफ्टवेयर ओपन कर टॉप मेन्यू में बिल आप्शन सेलेक्ट करे | इस बिल में उस ब्रांच को सेलेक्ट करे जहां से जीएसटी बिल जारी किया किया जा रहा है| यदि उनकी कोई दूसरी ब्रांच नही है, तो आपको यह आप्शन शो नहीं होगा|

2. बिल डेट और पेमेंट डेट सेलेक्ट करे – इस आप्शन के अंतर्गत आपको बिल बनानें और उसका भुगतान करनें की डेट सेलेक्ट करनी होगी|

3. ग्राहक अर्थात क्रेता सेलेक्ट करें – इस आप्शन में आपको कस्टमर सेलेक्ट करना होगा, हालाँकि इस लेजर में ग्राहकों की सूची पहले से ही शो होती है| लेकिन यदि कोई नया कस्टमर है, तो इसके लिए कस्टमर एड आप्शन का यूज़ कर उन्हें जोड़ना होगा |

4. वेरीफाई प्लेस ऑफ़ सप्लाई – इस आप्शन में आपको सामान भेजने का पता के बारें में जानकारी दर्ज करनी होगी, क्योंकि आपूर्ति के स्थान के आधार पर ही IGST या CGST और SGST का निर्धारण होता है| यदि किसी ग्राहक से पते से सम्बंधित विवरण उपलब्ध नही है, तो तो आपूर्ति का स्थान आपूर्तिकर्ता राज्य होगा |

5. आपूर्ति की गई वस्तुओं या सेवाओं का विवरण – एक बार जब ग्राहक का चयन हो जाता है और आपूर्ति का स्थान निर्धारित हो जाता है, तो ड्रॉप-डाउन सूची से आपूर्ति की गई वस्तुओं या सेवाओं का चयन करें। यदि आपूर्ति की गई वस्तुएं या सेवाएं ड्रॉप-डाउन में उपलब्ध नहीं हैं, तो आप सामान और सेवा मेनू से आइटम जोड़ सकते हैं।

एक बार सामान या सेवाओं का चयन हो जाने के बाद, आइटम के लिए लागू दर, मात्रा, छूट, IGST या CGST और SGST ऑटो-पॉप्युलेट हो जाएंगे। अंतिम कर योग्य मूल्य की गणना करने के लिए यदि कोई हो तो आप छूट को अपडेट कर सकते हैं। यदि डेटा स्वीकार्य है, तो चालान में आइटम जोड़ने के लिए चेक मार्क पर क्लिक करें।

6. जीएसटी बिल जनरेट करे – सभी प्रकार के विवरण दर्ज करनें के पश्चात अब आप जीएसटी बिल जनरेट कर सकते है | इसके लिए आपको क्रिएट इनवॉयस (Create Invoice) पर क्लिक करना होगा | जीएसटी बिल जनरेट होने के पश्चात आप इसे पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते है |   

ऑनलाइन जीएसटी बिल (Online GST Bill)

वर्तमान समय में लगभग सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से सम्पादित किये जा रहे है | यहाँ तक कि आप यह जीएसटी बिल भी ऑनलाइन माध्यम से क्रिएट कर सकते है | आज लोगो के लिए गूगल एक ऐसा माध्यम बन चुका है, जहाँ लगभग सभी प्रकार की जानकारियां और सॉफ्टवेयर बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध है | कहनें का आशय यह है, कि गूगल पर उपलब्ध सॉफ्टवेयर की सहायता से आप ऑनलाइन बिल जनरेट कर सकते है | 

जीएसटी के प्रकार (Types of GST)

  • केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर – CGST ‘Central Goods and Service Tax’
  • राज्य वस्तु एवं सेवा कर – SGST ‘State Goods and Service Tax’
  • एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर – IGST ‘Integrated Goods and Service Tax’

CGST, SGST:- यदि किसी चीज का निर्माण एक राज्य में किया जा रहा है, और उसे केवल उसी राज्य में बेचा जाता है | तब उस वस्तु पर केवल CGST और SGST कर ही लगाया जायेगा | इसका अर्थ यह होगा कि वस्तु पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा एक सामान कर लगाया जायेगा |

आईजीएसटी के अनुसार यदि किसी वस्तु का निर्माण एक राज्य में हो रहा है, और उस वस्तु को बेचने के लिए दूसरे राज्य में भेजा जा रहा है, तो इस स्थिति में उस वस्तु पर IGST लगता है | यह कर केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है |

जीएसटी के फायदे (GST Benefits)

  • भारतीय संविधान के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार सभी वस्तुओ एवं सेवाओं पर अपने हिसाब से कर (Tax) लगा सकती है |
  • यदि एक राज्य में स्थिति कारखाना वस्तु का निर्माण कर उसे दूसरे राज्य में बेचने के लिए भेजता है, तो उसे दोनों ही राज्यों को कई तरह के टैक्स का भुगतान करना होता है, जिससे उस प्रोडक्ट की कीमत काफी बढ़ जाती थी | GST के लागू होने से प्रोडक्ट की कीमत सामान्य रहेगी |
  • National Council of Applied Research के मुताबिक GST के आने से देश की GDP में एक से पौने दो फीसदी का उछाल हो सकता है |
  • GST के लागू होने से एक आम नागरिक देश के किसी भी हिस्से में एक ही कीमत पर किसी भी वस्तु को खरीद सकता है, जीएसटी टैक्स सेल के अंतर्गत आने वाले सभी उत्पाद में यह लाभ प्राप्त होता है |
  • GST के प्रवेश ने अर्थव्यवस्था में टैक्स की ट्रैकिंग को पहले से बेहतर बना दिया है |
  • यह जीएसटी का भुगतान डिजिटल पद्धति पर कार्य करता है, इसलिए वस्तु एवं सेवाओं पर लगने वाले टैक्स का भुगतान करने वाला उपभोक्ता रकम से हमेशा जानकर रहेगा |
  • इससे पहले नागरिको को कई तरह के करो का भुगतान करना पड़ता था, किन्तु अब उन्हें कई करो को भरने की चिंता नहीं करनी होगी, उन्हें अब बस एक ही टैक्स का भुगतान करना होगा |
  • GST के अंतर्गत आने वाली वस्तुओ को खरीदना पहले से काफी सस्ता होगा |
  • आप जितनी बार भी वस्तु एवं सेवाओं को खरीदते है, उन सभी वस्तुओ से प्राप्त रसीद से उन सभी पर लगने वाले कर को आसानी से देख सकते है|
  • जीएसटी ने ऑनलाइन प्रक्रिया को काफी सरल और आसान कर दिया है |
  • वर्तमान समय में जीएसटी के लागू होने से कोई भी व्यापारी आसानी से व्यापार में प्रवेश कर सकता है |
  • GST प्रणाली ने प्रत्येक छोटे, बड़े व्यवसायों में लेन देन के रिकॉर्ड को आसान बना दिया है |
  • प्रत्येक छोटा व्यापार जिसकी वार्षिक आय 40 लाख से 75 लाख तक होगी | उन्हें जीएसटी के माध्यम से कम दरों का भुगतान करना होगा |

जीएसटी के नुकसान (GST Disadvantages)

  • GST के पूर्ण रूप से संचालन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ेगी, जिसके लिए अभी सभी राज्यों में जरूरी ढाँचे की कमी है |
  • वह कंपनिया जो अपने राज्य में कारोबार कर रही है, उन्हें उन सभी राज्यों में रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां वह व्यापार करना चाहती है | यह प्रक्रिया थोड़ी जटिलता पैदा करती है, पहले की प्रणाली में यह जरूरी नहीं था |
  • वह वस्तुए जिन्हे लाखो लोगो द्वारा दैनिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जिनमे प्रीमियम हेल्थ केयर, बीमा रिनुअल करियर सेवाएं आदि शामिल है, उनके महंगा होने की संभावना हो सकती है |
  • अभी तक पेट्रोल और पेट्रोलियम उत्पादों को GST से बाहर रखा गया है |

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जीएसटी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया (GST Online Registration)

  • सर्वप्रथम आपको जीएसटी पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://www.gst.gov.in/ पर जाना होता है |
  • आपके सामने वेबसाइट का Home Page खुल कर आ जाता है |
  • इस होम पेज में आपको Taxpayers के नीचे दिए गए Register Now के विकल्प पर क्लिक करना होता है |
  • आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल कर आ जाता है |
  • इस फॉर्म में आपको पूछी गई सभी जानकारियों जैसे :- नाम, राज्य, जिला, व्यापार का नाम, पैन नंबर, Email और मोबाइल नंबर आदि जानकारियों को ठीक तरह से भरना होता है | 
  • Email और मोबाइल नंबर पर एक OTP आता है |
  • इस OTP को आपको दर्ज करना होता है |
  • इसके बाद आपको टेंपरेरी रेफरेंस नंबर प्राप्त हो जाता है, आप इस नंबर को सेव करके सुरक्षित रख ले |
  • इसके बाद आपको जीएसटी के पोर्टल पर जाकर Register Now के विकल्प पर क्लिक करना होता है |
  • अब आप एक नए पेज पर पहुंच जाते है, इस पेज में आपको टेंपररी नंबर सिलेक्ट करना होता है |
  • इसके बाद रिफरेंस नंबर PRN नंबर डाल कर आगे बढ़ जाए |
  • आपके मोबाइल नंबर पर OTP आएगा इसे रजिस्टर ईमेल और मोबाइल नंबर वाले बॉक्स में डालकर आगे बढ़ जाए |
  • आपके सामने एक स्टेटस एप्लीकेशन  दिखाई देगी, इसमें आपको एडिट आइकन के विकल्प पर क्लिक करना होता है |
  • इसके बाद आपको संबंधित दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करना होगा |
  • सभी जानकारियों को भरने के बाद आपको वेरिफिकेशन पर क्लिक करना होता है |
  • आपके मोबाइल नंबर पर एक मेसेज आता है, यह आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन सक्सेजफुल का मेसेज होता है |
  • इस तरह से आपका सफलतापूर्वक GST में पंजीकरण हो जाता है |

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