Physiotherapist कैसे बने ?



जब शरीर के किसी अंग में छोटी मोटी चोट आती है या फिर किसी हिस्से में खिंचाव या मोच आ जाती है,  तो उस हिस्से में हमें लगातार दर्द का एहसास होता है, तो ऐसी स्तिथि में हमें अक्सर फिजियोथैरेपिस्ट (Physiotherapist) का परामर्श लेने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर नसों में खिंचाव की यह समस्या हमारे अधिक समय तक एक ही स्थान पर बैठने (Work from home)  या खेलने की वजह से भी उत्पन्न हो सकती है।

जिसे नजरअंदाज करने पर यह हमें अत्याधिक दर्द देता है और अगर हम समय रहते इसका इलाज नहीं करवाते हैं तो हमें बड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। नसों में खिंचाव, चोट और अंदरूनी दर्द के लिए फिजियोथैरेपिस्ट के पास जाना ही सबसे उचित उपाय माना जाता है। आप चाहे तो स्वयं भी फिजियोथैरेपिस्ट बन करके अपना अच्छा करियर भी बना सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको फिजियोथैरेपिस्ट (Physiotherapist) कैसे बनें ? इस विषय पर संपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।

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फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) क्या है ?

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हिंदी में भौतिक चिकित्सा पद्धति के नाम से जाना जाने वाला फिजियोथेरेपी ट्रीटमेंट का एक ऐसा तरीका है, जिसके अंतर्गत शरीर की हड्डियों, नसों में होने वाले खिंचाव के कारण हमें अकस्मात होने वाले दर्द से राहत मिलती है।

इस प्रक्रिया में दर्द में राहत प्रदान करने के लिए व्यक्ति से कसरत करवाई जाती है या फिर कुछ ऐसी ट्रीटमेंट दी जाती है, जिसमें बॉडी में ज्यादा चिरफाड करने की आवश्यकता नहीं होती है।

ऐसे विद्यार्थी जो फिजियोथैरेपी का कोर्स कर लेते हैं उन्हें इस कोर्स को कंप्लीट करने के बाद डिग्री प्राप्त हो जाती है और डिग्री मिल जाने के बाद वह अपने नाम के आगे डॉक्टर की उपाधि ले सकते हैं। फिजियोथैरेपी का कोर्स पूरा करने के बाद व्यक्ति को फिजियोथैरेपिस्ट के नाम से जाना जाता है, जो अपना खुद का फिजियोथैरेपी क्लिनिक भी खोल सकते हैं या किसी फिजियोथैरेपी लेबोरेटरी में या फिर क्लीनिक में काम कर सकते हैं।

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फिजियोथैरेपिस्ट (Physiotherapist) किसे कहते हैं?

ऐसे विद्यार्थी जो फिजियोथैरेपी से संबंधित किसी भी प्रकार के कोर्स को पूरा कर लेते हैं और उन्हें उसका सर्टिफिकेट मिल जाता है, तत्पश्चात उन्हें फिजियोथैरेपिस्ट कहा जाता है। एक फिजियोथैरेपिस्ट अपने पास आने वाले पेशेंट का इलाज करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, साथ ही वह पेशेंट को इस बात के लिए भी मोटिवेट करते हैं कि वह जल्दी से उन्हें ठीक कर देंगे। फिजियोथैरेपिस्ट बिना किसी दवाई का इस्तेमाल किए हुए पेसेंट को ठीक करने का काम करता है।

यह सबसे पहले पीड़ित को सांत्वना देते हैं कि उन्हें कुछ भी नहीं होगा और जल्द ही उन्हें उनकी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। फिजियोथैरेपिस्ट बन जाने के बाद व्यक्ति को अपने पास आने वाले विभिन्न प्रकार के मरीजों की प्रॉब्लम को देखना होता है और उसका विश्लेष्ण करके उसकी ट्रीटमेंट करनी होती है।

यही वजह है कि जो भी व्यक्ति फिजियोथैरेपिस्ट बनना चाहते हैं, उनके अंदर सहन करने की शक्ति ज्यादा होनी चाहिए, साथ ही साथ उनके अंदर दूसरों की हेल्प करने की भावना भी होनी चाहिए और अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण होना चाहिए।

फिजियोथेरेपी कितने प्रकार का होता है ?

बता दे कि फिजियोथेरेपी के कुल  4 प्रकार हैं, जिसके नाम निम्नानुसार है।

  • जिरियाट्रिक फिजिकल थेरेपी |
  • स्पोर्ट्स फिजिकल |
  • ऑर्थोपेडिक फिजियोथैरेपी |
  • पीडियाट्रिक्स फिजिकल थेरेपी |

आइये अब हम आपको इस बात की जानकारी देते हैं कि फिजियोथैरेपिस्ट बनने के लिए आपको कौन से कोर्स करने पड़ते हैं। मुख्य तौर पर देखा जाए तो 3 प्रकार के कोर्स फिजियोथैरेपिस्ट बनने के लिए आप कर सकते हैं, जो निम्नलिखित है।

• डिप्लोमा प्रोग्राम |

• अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम |

• पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम |

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12वीं के बाद फिजियोथैरेपी कोर्स ?

नीचे हम आपको उन कोर्स की डिटेल दे रहे हैं, जो 12वीं कक्षा को पास करने के बाद आप कर सकते हैं। अगर आप 12वीं कक्षा को साइंस के सब्जेक्ट के साथ पास करते हैं, तो यह आपके लिए और भी बेहतर रहेगा।

डिप्लोमा इन फिजियोथेरेपी

यह डिप्लोमा की कैटेगरी में आने वाला कोर्स है, जिसे करने के लिए आपको 2 से 3 साल का समय देना पड़ता है और इसकी कुल फीस ₹10,000 से लेकर के 5 लाख रुपए के आसपास होती है।

बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी

इस कोर्स को करने के लिए आपको 4 साल का समय लगता है और इस कोर्स की कुल लागत ₹100000 से लेकर के ₹5,00000 के आसपास रहती है। यह कोर्स ग्रेजुएशन लेवल के कोर्स की कैटेगरी में आता है।

बीएससी इन फिजियोथेरेपी

ग्रेजुएशन की कैटेगरी में आने वाले इस कोर्स को करने के लिए आपको 3 साल का समय देना पड़ता है और 1 लाख रुपए से लेकर के ₹5,00000 तक की फीस भरनी पड़ती है‌।

बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी

इसे करने के लिए भी आपको 3 साल से लेकर के 5 साल का समय देना पड़ता है और ₹5,00000 तक की राशि आपको भरनी पड़ती है। यह कोर्स भी ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है।

बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस

यह भी ग्रेजुएट लेवल का कोर्स है जिसे करने के लिए आपको ₹7000 से लेकर के ₹2,25000 तक की फीस भरनी पड़ सकती है और टोटल 5 साल का समय आपको इसे करने के लिए देना पड़ता है। बता दे कि इसमें इंटर्नशिप भी शामिल होती है।

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फिजियोथेरेपी के डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन हेतु पात्रता

बता दे कि विद्यार्थियों को 12वीं की एग्जाम पास करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि उन्हें सभी प्रकार के अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा के कोर्स में एडमिशन लेने के लिए यह योग्यता पूरी करनी होती है। इसके अलावा अगर किसी कॉलेज के द्वारा एंट्रेंस एग्जाम ली जाती है, तो उन्हें एंट्रेंस एग्जाम को भी पास करना पड़ता है। हालांकि कुछ कॉलेज ऐसे भी है, जिसमें एंट्रेंस एग्जाम नहीं होती है, उसमे डायरेक्ट एडमिशन भी आप प्राप्त कर सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ जिन विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन प्राप्त करना है, उन्हें ग्रेजुएशन में अच्छे अंक लाने पड़ते हैं, क्योंकि अगर आपके ग्रेजुएशन में अच्छे अंक रहेंगे तब आपको गवर्नमेंट कॉलेज मिलने की संभावना ज्यादा रहेगी। इससे आपको कोर्स को पूरा करने के लिए कम फीस भरनी पड़ेगी।

फिजियोथेरेपी के स्नातक प्रोग्राम में एडमिशन हेतु पात्रता

जो विद्यार्थी बैचलर इन फिजियोथैरेपी के ग्रेजुएशन लेवल के प्रोग्राम में एडमिशन प्राप्त करने के इच्छुक हैं, उन्हें 12वीं क्लास को कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पास करना जरूरी है, साथ ही यह भी आवश्यक है कि उन्होंने 12वीं क्लास में साइंस स्ट्रीम ली हो और उसमें उन्होंने बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे सब्जेक्ट लिए हो। इसके अलावा जिस प्रकार फिजियोथैरेपी के डिप्लोमा प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देनी पड़ सकती है, उसी प्रकार आपको फिजियो थेरेपी के ग्रेजुएशन लेवल के प्रोग्राम में एडमिशन प्राप्त करने के लिए भी एंट्रेंस एग्जाम देनी पड़ सकती है।

नीचे उन एंट्रेंस एग्जाम के नाम हमने आपको दिए है, जो फिजियोथैरेपी के डिप्लोमा या फिर ग्रेजुएशन लेवल के प्रोग्राम में एडमिशन पाने के लिए आपको देनी पड़ सकती है।

• कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET)

• GGSIPU CET

पोस्ट ग्रेजुएट फिजियोथेरेपी कोर्स

नीचे हम आपको उन कोर्स की डिटेल दे रहे हैं, जो ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद आप कर सकते हैं।

मास्टर इन फिजियोथेरेपी

यह पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री प्रोग्राम है। इसे करने के लिए 2 साल का समय लगता है और इसकी टोटल फीस ₹200000 से लेकर के ₹700000 के आसपास में होती है।

एमएससी इन फिजियोथेरेपी

यह भी पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री प्रोग्राम है और इसे भी करने के लिए आपको 2 साल का समय देना पड़ता है और इसकी फीस की बात करें तो इसके पूरे कोर्स की फीस ₹35000 से लेकर के ₹250000 के आसपास में होती है।

मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी

पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री प्रोग्राम की कैटेगरी में आने वाले इस कोर्स को करने के लिए आपको टोटल ₹30,000 से लेकर के 5,00000 तक की राशि चुकानी पड़ती है और यह 2 साल का कोर्स होता है।

एमडी इन फिजियोथेरेपी

यह टोटल 3 साल का पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री प्रोग्राम है जिसे करने के लिए आपको ₹10,00000 से लेकर के 25,00000 रुपए तक की फीस भरनी पड़ती है।

मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी इन स्पोर्ट फिजियोथेरेपी

यह भी पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री प्रोग्राम है जिसे करने के लिए आपको 2 साल में ₹200000 से लेकर के 700000 रुपए तक की फीस भरनी पड़ती है।

पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट फिजियोथेरेपी

यह 1 साल का पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम है, जिसे करने हेतु कुल व्यय ₹80000 से लेकर के ₹850000 तक का होता है।

पीएचडी इन फिजियोथेरेपी

यह एक डॉक्टरेट डिग्री है जिसे करने के लिए 2 साल का समय लगता है और इसकी फीस ₹5000 से लेकर के 25 लाख के आसपास होती है।

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फिजियोथेरेपी के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन हेतु पात्रता

  • मास्टर इन फिजियोथैरेपी कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने के लिए आपको बीपीटी यानी की बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी की डिग्री को कम से कम 50% अंकों के साथ पास करना आवश्यक है। इसके बाद आपको ऑल इंडिया पोस्ट ग्रैजुएट फिजियोथैरेपी एंट्रेंस टेस्ट, सीईटी फॉर मास्टर कोर्स, JIPMER जैसे एंट्रेंस एग्जाम में शामिल होना पड़ता है और इसे पास करना पड़ता है। उसके बाद आपको मास्टर ऑफ फिजियोथैरेपी के कोर्स में एडमिशन मिलता है।
  • यहां पर आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी के कोर्स में एडमिशन पाने के लिए आपको फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में निम्नतम  6 महीने की इंटर्नशिप भी करनी होती है। वही अगर कोई विद्यार्थी डॉक्टरेल प्रोग्राम में एडमिशन पाना चाहता है तो उसे पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री में भी अच्छे अंक लाने का प्रयास करना चाहिए, साथ ही साथ एंट्रेंस एग्जाम को भी अच्छे अंकों के साथ पास करना चाहिए।
  • इससे गवर्नमेंट कॉलेज उसे मिल सकता है, ताकि उसे कोर्स को करने के लिए कम फीस भरनी पड़े। हालांकि कुछ कॉलेज अच्छे विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी ऑफर करते हैं। ऐसे में अगर आप का प्रदर्शन बेहतर है तो आपको स्कॉलरशिप भी मिल सकती है, जो पढ़ाई करने में आपके लिए सहायक साबित हो सकती है।

फिजियोथेरेपी कोर्स के बाद करियर स्कोप

बता दे कि जो विद्यार्थी फिजियोथेरेपी का कोर्स करके फिजियोथैरेपिस्ट बन जाते हैं, उसके बाद वह गवर्नमेंट या फिर प्राइवेट सेक्टर में काम करने के लिए योग्य हो जाते हैं। कई विद्यार्थी तो ऐसे हैं जो अपना खुद का फिजियोथैरेपिस्ट क्लीनिक भी खोल लेते हैं और उसके जरिए अपनी कमाई करते हैं, वहीं कई लोग दूसरी फिजियोथैरेपिस्ट क्लीनिक में काम करते हैं और सैलरी के आधार पर नौकरी करते हैं। इसमें एक्सपीरियंस बढ़ने के बाद आप चाहे तो विदेशो में जा कर के काम करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

फिजियोथैरेपी कोर्स के बाद नौकरी कहां मिलेगी ?

फिजियो थेरेपी का कोर्स करने के बाद आपको निम्न फील्ड में नौकरी मिलने की अपार संभावनाएं होती हैं।

  • स्पोर्ट्स क्लब |
  • ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट्स |
  • डिफेंस मेडिकल ऑर्गेनाइजेशन |
  • फार्मा इंडस्ट्री |
  • रिहैबिलिटेशन सेंटर |
  • कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी |
  • जिम एंड फिटनेस सेंटर |
  • स्कूल फॉर फिजिकली डिसेबल्ड एंड मेंटली रिटार्डेड चिल्ड्रन |
  • हेल्थ इंस्टीट्यूसन |

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फिजियोथेरेपी कोर्स के बाद कौन से पद पर नौकरी मिलेगी ?

फिजियो थेरेपी का कोर्स पूरा करने के बाद और सर्टिफिकेट प्राप्त हो जाने के बाद आपको निम्न पदों पर नौकरी मिल सकती है।

  • रिसर्चर |
  • प्राइवेट प्रैक्टिशनर |
  • रिहैबिलेशन स्पेशलिस्ट |
  • कंसल्टेंट |
  • सेल्फ एम्प्लॉयड प्राइवेट फिजियोथेरेपिस्ट |
  • रिसर्च असिस्टेंट |
  • फिजियोथेरेपिस्ट |
  • असिस्टेंट फिजियोथेरेपिस्ट |
  • स्पोर्ट्स फिजियो रिहैबिलिटेटर |

फिजियोथेरेपी के कोर्स हेतु इंडिया के टॉप कॉलेज की लिस्ट

  • अपोलो फिजियोथेरेपी कॉलेज, हैदराबाद |
  • जेएसएस कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी, मैसूर |
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई |
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, जालंधर |
  • इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च, पटना |
  • अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर |
  • असम डाउनटाउन यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी |
  • स्वामी विवेकानन्द यूनिवर्सिटी, कोलकाता |

फिजियोथेरेपी कोर्स करने के बाद सैलरी

फिजियो थेरेपी का कोर्स पूरा करने के बाद कहीं पर भी नौकरी लगने पर 15000 से ₹20000 तक की सैलरी महीने में एक्सेप्ट कर सकते हैं और जब काम करते करते उन्हें इस फील्ड में एक्सपीरियंस हासिल हो जाए, तब वह अपनी सैलरी बढ़ाने के लिए अपनी कंपनी के एचआर से कह सकते हैं अथवा एचचार खुद ही एक्सपीरियंस बढ़ने पर आपकी सैलरी बढ़ाता है।

इंडिया में कुछ ऐसे भी अनुभवी फिजियोथैरेपिस्ट है, जो एक्सपीरियंस प्राप्त कर लेने के बाद महिने में ₹70,000 से लेकर के ₹8,0000 तक कमाते हैं। स्पोर्ट्स एक ऐसी फील्ड है जहां पर फिजियोथैरेपिस्ट की काफी डिमांड है। इसलिए अगर आप इस फील्ड में एंटर कर जाते हैं तो आपकी कमाई अच्छी होगी, साथ ही बड़े-बड़े लोगों से आपकी जान पहचान भी होगी।

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