आईटीआर (ITR) क्या होता है ?

जैसा कि आपको ज्ञात होगा आयकर भरना अनिवार्य है, लेकिन इनकम टैक्स भरने के लिए एक सीमा तय की गई है जिस वजह से प्रत्येक व्यक्ति पर आयकर लागू नहीं होता। हालांकि वर्तमान में इनकम टैक्स भरने के लिए गवर्नमेंट के द्वारा ऑनलाइन ऑफिशियल पोर्टल भी बनाया गया है, जिस पर जाकर के आप कुछ आवश्यक प्रक्रिया करके घर बैठे इनकम टैक्स भर सकते हैं।

इसके अलावा इनकम टैक्स भरने के लिए ऑफलाइन तरीका भी है। इनकम टैक्स भरने के लिए कुछ डॉक्यूमेंट की आवश्यकता पड़ती है।‌ देश के प्रत्येक योग्य नागरिक का यह कर्तव्य होता है कि वह समय पर अपना इनकम टैक्स भरे! इसलिए आज हम इस लेख में आपको आईटीआर (ITR) क्या होता है ? ITR का फुल फॉर्म | ऑनलाइन ITR कैसे भरे (हिंदी में) विस्तार से जानेंगे।

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आइटीआर (ITR) का फुल फॉर्म क्या है?

आइटीआर (ITR) का संक्षिप्त नाम “INCOME TAX RETURN” होता है। सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा आपकी सालाना आय पर जो कर वसूला जाता है उसे इनकम टैक्स कहा जाता है।  देश की जनता अगर समय पर अपना इनकम टैक्स भरती हैं, तो उस पैसे का इस्तेमाल गवर्नमेंट देश में इन्फ्राट्रक्चर को डिवेलप करने के लिए करती है, साथ ही देश की जीडीपी को आगे बढ़ाने के लिए करती है।

इनकम टैक्स रिटर्न साल में एक बार भरा जाता है जिसमें आपको एक फॉर्म को भरना होता है। यह फॉर्म ऑनलाइन भी भरा जाता है, ऑफलाइन भी भरा जाता है साथ ही टैक्स सॉफ्टवेयर के द्वारा भी भरा जाता है। इस फॉर्म के अंदर आपको अपनी कुल इनकम, अपना खर्च, अपना इन्वेस्टमेंट और अपने टैक्स की देनदारी के बारे में जानकारी देनी होती है। अगर कोई व्यक्ति समय पर अपना इनकम टैक्स नहीं भरता है तो उसके ऊपर जुर्माना भी लगाया जाता है।

आइटीआर (ITR) क्या है?

  • यह एक प्रकार का फॉर्म होता है जिसके अंदर आपको कुछ जानकारियों को भरना पड़ता है। कई जगह पर इसे इनकम टैक्स फॉर्म भी कहा जाता है। इसे इनकम टैक्स फॉर्म इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें आपको अपनी आय से संबंधित पूरा ब्यौरा देना पड़ता है।
  • जैसे कि इस फॉर्म को भर कर के आपको यह बताना पड़ता है कि आपकी कुल कमाई कितनी है और आप कितना टैक्स दे रहे हैं।
  • यह फॉर्म सीधा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जाता है। कोई व्यक्ति कितना आयकर भरेगा, यह इस बात पर डिपेंड करता है कि वह व्यक्ति कितने पैसे कमाता है अथवा उसकी इनकम कितनी है।
  • आपको बता दें कि अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इस बात की जानकारी होती है कि किसी व्यक्ति ने किसी साल में ज्यादा टैक्स भर दिया है, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उस टैक्स को टैक्स भरने वाले व्यक्ति को रिफंड कर देता है। हालांकि इसके लिए टैक्स भरने वाले व्यक्ति को कंप्लेंट दर्ज करवानी पड़ती है।
  • इनकम टैक्स के कानून के अनुसार देखा जाए तो किसी कंपनी या फिर किसी व्यक्ति को वित्तीय वर्ष की कुल आय को हर साल इनकम टैक्स के तौर पर फाइल करना जरूरी माना जाता है और बता दे कि इनकम टैक्स रिटर्न ब्याज, पूँजीगत बेनिफिट, बिजनेस में बेनिफिट, इनकम सैलरी या फिर दूसरे तरीके से होने वाली कमाई के तौर पर हो सकता है।
  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा व्यक्ति या फिर कंपनी को टैक्स भरने के लिए एक निश्चित समय दिया जाता है और अगर कंपनी या फिर व्यक्ति उस निश्चित समय में इनकम टैक्स रिटर्न को नहीं भरता है तो उसे जुर्माना भी देना पड़ता है।
  • कई बार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा आइटीआर फाइल करने की तारीख को आगे भी बढ़ाया जाता है ताकि जो लोग इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भर सके हैं, वह भी अपना आइटीआर फाइल कर सके।

आइटीआर (ITR) किसे फाइल करना होता है?

  • इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 139(1) के तहत जिस व्यक्ति की सालाना इनकम 2.5 लाख से ज्यादा है उसे इनकम टैक्स भरना जरूरी होता है।
  • इंडिया में जितनी भी कम्पनियां कार्यरत हैं फिर चाहे वह गवर्नमेंट हो या फिर प्राइवेट हो, उन्हें भी इनकम टैक्स भरना पड़ता है। उन्हें कितना इनकम टैक्स भरना पड़ेगा यह उनके सालाना लाभ के ऊपर डिपेंड करता है।
  • ऐसे लोग जिनकी उम्र 60 साल से कम है और जिनकी सालाना इनकम ₹3 लाख से ज्यादा है, उन्हें भी आईटीआर को भरना पड़ता है।
  • जिनकी उम्र 60 साल से लेकर के 80 साल के बीच है और अगर उनकी सालाना इनकम ₹3,00000 से ज्यादा है, तो भी उन्हें इनकम टैक्स भरना पड़ता है।
  • जिन लोगों की उम्र 80 साल से अधिक है और उनकी साल की इनकम 10 लाख से ज्यादा है, उन्हें भी इनकम टैक्स फाइल करना पड़ता है।
  • कोई व्यक्ति अगर इंडिया का निवासी है और वह विदेश में कोई बिजनेस करता है, तो भी उसे इनकम टैक्स भरना पड़ेगा।
  • व्यक्ति द्वारा एजीआरबी किसी भी प्रकार का लोन लिया गया है अथवा वीजा के लिए अप्लाई किया गया है, तो भी आईटीआर फाइल करना पड़ेगा।
  • अगर किसी व्यक्ति की कमाई किसी रिसर्च इंस्टीट्यूट, स्कूल, मेडिकल सेंटर, नॉन गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी से होती है तो भी उसे आईटीआर भरना पड़ेगा।
  • अगर कोई एन आर आई है परंतु उसकी कमाई इंडिया से होती है तो भी उसे आइटीआर भरना पड़ेगा।

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आईटीआर फाइल करने हेतु दस्तावेज क्या है?

इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन भरने के लिए आपको नीचे दिए गए दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी।

बैंक खाता पासबुक |

PPF खाता पासबुक |

• सैलरी स्लिप |

आधार कार्ड |

पैन कार्ड |

• फॉर्म -16 |

• फॉर्म-16ए |

• फॉर्म-16बी |

• फॉर्म-16सी |

• फॉर्म- 26AS |

ईमेल आईडी |

• फोन नंबर |

आईटीआर फॉर्म के प्रकार क्या है?

जब आप इनकम टैक्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करते हैं तो आपको वहां पर तरह तरह के फॉर्म दिखाई देते हैं जिनका इस्तेमाल जिस व्यक्ति की जैसी इनकम होती है वैसे ही वह करता है।

बता दें कि साल 2019 से 2020 में आइटीआर 1 से लेकर के ITR-7 इस प्रकार के फॉर्म उपलब्ध थे, जिसमें कुछ जानकारियों को मांगा जाता है। इसलिए आपकी जो आवश्यकता हो, आपको उसी फॉर्म का सिलेक्शन करना है।

ITR-1

जो लोग ब्याज, सैलरी, पेंशन जैसे तरीकों से आय अर्जित करते हैं उनके द्वारा इस फॉर्म को भरा जाता है। इस फॉर्म को भरने के लिए 50 लाख तक की इनकम वाले ही एलिजिबल होते हैं‌।

ITR-2

ऐसी अविभाजित हिंदू फैमिली जिन्हें बिजनेस या फिर दूसरे प्रोफेशन से कोई बेनिफिट नहीं होता है, वह इस फॉर्म को भरते हैं।

ITR-3

ऐसी हिंदू अविभाजित फैमिली जो बिजनेस से पैसा कमाते हैं या फिर अन्य जरिए से आय कमाते हैं वह इस फॉर्म को भरते हैं।

ITR-4

जिनकी इनकम बिजनेस से या फिर प्रोफेशन से तय नहीं होती है, वह इसे भरते हैं।

ITR-5

यह फॉर्म अधिकतर व्यक्तियों के लिए उपलब्ध होता।

ITR-6

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 11 के तहत जो कंपनी छूट का दावा नहीं करती है, वह इस फॉर्म का इस्तेमाल करती है।

ITR-7

जो लोग धारा 139(4A), धारा 139(4B), धारा 139(4C), धारा 139(4D), धारा 139 (4E) या 139 (4F) के अंतर्गत रिटर्न फाइल करते हैं, उनके लिए यह फॉर्म आवश्यक होता है।

ऑनलाइन आइटीआर (ITR) फाइल कैसे करें?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा एक लिंक ई-फाइलिंग सॉफ्टवेयर को तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न टाइप के फॉर्म को फाइल करने की सर्विस प्राप्त होती है।

इसमें व्यक्ति बिना किसी एक्सेल के या फिर बिना जावा सॉफ्टवेयर को डाउनलोड किए हुए आसानी से आइटीआर 1 और आइटीआर 4 को ऑनलाइन भर सकते हैं, जिसकी प्रक्रिया नीचे आपके सामने प्रस्तुत की जा रही है।

  • आइटीआर फाइल करने के लिए आपको इनकम टैक्स की ऑफिशल वेबसाइट पर चले जाना है। इसका लिंक नीचे दिया जा रहा है। लिंक पर क्लिक करके वेबसाइट के होम पेज पर पहुंचने के बाद आपको आपको अपना रजिस्ट्रेशन कर लेना है। अगर आप पहले से ही अपना अकाउंट बना करके रखे हैं तो आपको लॉगिन हो जाना है। वेबसाइट लिंक:https://eportal.incometax.gov.in/iec/foservices/#/login
  • लॉगिन हो जाने के बाद आपको अपने खाते पर चले जाना है और उसके बाद आपको Assesment साल का सिलेक्शन करना है और उसके बाद आपको prepare and submit online वाली बटन को दबाना है।
  • अगर इसके पहले भी आपने ऑनलाइन आइटीआर भरा हुआ है तो आपको इंफॉर्मेशन को सिलेक्ट करने का ऑप्शन प्राप्त होता है। इसके लिए उन जानकारियों को आपको सिलेक्ट कर लेना है और Continue बटन को दबाना है।
  • अब आपकी स्क्रीन पर फॉर्म का पेज ओपन हो करके आएगा। इस फॉर्म के अंदर आपको ‘general information‘, ‘income details‘, ‘tax details‘ ‘taxes paid and verification‘ and और itr के रूप में ’80G’ को भरना है।
  • इसके पश्चात आप चाहे ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन करवा सकते हैं या फिर इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के जरिए वेरिफिकेशन करवा सकते हैं या फिर आप ई-फाइलिंग करने की तारीख से लेकर के 120 दिन के अंदर ITR V का प्रिंट आउट निकाल कर के सिग्नेचर करके बेंगलुरु में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भेज सकते हैं और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
  • जब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से आपका आइटीआर फाइल हो जाता है तो उसके बाद आपको एक रिसिप्ट रजिस्टर्ड मेल के जरिए प्राप्त होती है और आपके द्वारा आईटीआर का वेरिफिकेशन हो जाने के पश्चात इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसकी प्रोसेस को चालू कर देता है और इसकी जानकारी आपको आपके फोन पर या फिर आपकी ईमेल आईडी पर एसएमएस के द्वारा मिलती है।
  • बता दें कि इंडियन गवर्नमेंट के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा आप दूसरी प्राइवेट सेक्टर की वेबसाइट से भी इनकम टैक्स रिटर्न को ऑनलाइन फाइल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको कुछ चार्ज देना पड़ सकता है।

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आइटीआर (ITR) स्टेटस को ऑनलाइन कैसे चेक करें?

अगर आपने आइटीआर भर दिया है और आप उसके स्टेटस को ऑनलाइन देखना चाहते हैं तो नीचे इसका तरीका दिया गया है।

  • आइटीआर स्टेटस को ऑनलाइन चेक करने के लिए आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट पर चले जाना है और services वाले टैब के अंतर्गत आपको
  • ‘itr status’ वाले ऑप्शन को ढूंढना है और प्राप्त होने पर उसके ऊपर क्लिक करना है।
  • अब आपकी स्क्रीन पर एक पेज ओपन होगा। इसमें आपको निश्चित जगह में अपने पैन कार्ड नंबर को डालना है, उसके बाद आइटीआर एक्नॉलेजमेंट नंबर को डालना है और फिर कैप्चा कोड को डालना है।
  • अब आपको SUBMIT बटन पर क्लिक कर देना है। इसके तुरंत बाद आपकी स्क्रीन पर आइटीआर स्टेटस आ जाएगा।

आइटीआर (ITR) फॉर्म कैसे डाउनलोड करें?

  • आइटीआर फॉर्म को अगर आप डाउनलोड करने के इच्छुक हैं तो इसके लिए आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट के होम पेज पर चले जाना है।
  • होम पेज पर पहुंचने के बाद आपको  ‘FORM/DOWNLOADS’ वाले ऑप्शन को ढूंढना है और मिल जाने पर इसके ऊपर क्लिक कर देना है।
  • अब DROPDOWN-MENU में से आपको  ‘INCOME TAX RETURNS’ वाले ऑप्शन का सिलेक्शन करना है।
  • अब आपको यहां पर आइटीआर फॉर्म को डाउनलोड करने का ऑप्शन प्राप्त होगा, जिस पर डबल क्लिक करके आप फॉर्म को ओपन कर सकते हैं और उसे डाउनलोड कर सकते हैं।

आइटीआर (ITR) भरने के फायदे क्या है?

  • गवर्नमेंट के द्वारा इनकम टैक्स रिटर्न को भरने के लिए हर साल 31 मार्च का दिन तय किया जाता है अर्थात 31 मार्च के पहले लोगों को अपना इनकम टैक्स भर देना पड़ता है। हालांकि कुछ कंडीशन में इस डेट को आगे भी बढ़ाया जा सकता है और बढाया भी गया है।
  • अगर कोई व्यक्ति निश्चित डेट से एक दो महीने पहले ही अपने इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल कर देता है, तो इससे वह अपने वर्क को काफी जल्दी पूरा कर सकता हैं, क्योंकि इनकम टैक्स फाइल करने की तारीख जब नजदीक आती है, तब वेबसाइट पर काफी लोड होता है।
  • ऐसे में अगर आप पहले ही इनकम टैक्स भर देते हैं तो आपको वेबसाइट से संबंधित दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। समय पर अगर आप अपने इनकम टैक्स को नहीं भरते हैं तो आपको हर दिन पर जुर्माना देना पड़ता है।
  • और यह जुर्माना तब तक लगता है जब तक आप इनकम टैक्स नहीं भर देते हैं। इसलिए अगर आप समयानुसार इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो आप जुर्माने को भरने से बच जाते हैं।
  • साथ ही ऐसा करके आप सही प्रकार से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सभी वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड को रख सकते हैं।

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