मार्शल आर्ट क्या होती है



ब्रूस ली और जैकी चैन जैसे कई प्रसिद्ध मार्शल आर्ट आर्टिस्ट है, जिन्होंने अपने हुनर के दम पर पूरी दुनिया में काफी शोहरत और नाम कमाया। हमारे देश में भी बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता विद्युत जामवाल, अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ जैसे कई लोग हैं जो मार्शल आर्ट के एक्सपर्ट हैं अर्थात जिन्हें अच्छी मार्शल आर्ट की कला आती है।

क्या आप जानते हैं कि आखिर यह जो मार्शल आर्ट है इस शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई और मार्शल आर्ट के कितने प्रकार हैं तथा भारत में प्रसिद्ध मार्शल आर्ट कौन-कौन से हैं। हमें विश्वास है कि अधिकांश लोगों की तरह आपको भी इसके बारे में पता नहीं होगा। इसलिए अगर आप मार्शल आर्ट के बारे में जानना चाहते हैं तो इस पेज पर बने रहिए क्योंकि यहां पर आप मार्शल आर्ट क्या होती है | मार्शल आर्ट कैसे सीखे – नियम व जानकारी हासिल करेंगे।

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मार्शल आर्ट क्या है | Martial Arts in Hindi

मार्शल आर्ट का हिंदी में मतलब युद्ध की कला होता है। इस युद्धकला का प्रयोग व्यक्ति द्वारा स्वयं की अथवा दूसरे व्यक्ति की शारीरिक खतरे से सुरक्षा करने के लिए किया जाता है। मार्शल आर्ट को साइंस के द्वारा भी मान्यता दी गई है और इसमें कला छुपी हुई होती है। इसलिए इसे मार्शल आर्ट का नाम दिया गया है।

अगर आप मार्शल आर्ट सीख जाते हैं तो इसके पश्चात आप कुछ निश्चित अभ्यास विधियों के द्वारा खुद की रक्षा कर सकते हैं या फिर खतरे में पड़े हुए दूसरे व्यक्ति की भी रक्षा कर सकते हैं।

संक्षेप में कहें तो यह एक सेल्फ डिफेंस (आत्म रक्षा) की ट्रेनिंग प्राप्त करने वाली प्रसिद्ध कला है। वर्तमान में चीन के जैकी चैन मार्शल आर्ट के प्रसिद्ध व्यक्ति हैं, साथ ही ब्रूसली का नाम भी मार्शल आर्ट की फील्ड में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है।

मार्शल आर्ट कैसे सीखे ? How to learn Martial Arts in Hindi

अगर आप घर बैठे मार्शल आर्ट सीखना चाहते हैं तो आप यूट्यूब वीडियो का सहारा ले सकते हैं परंतु इस प्रकार से मार्शल आर्ट सीखने के लिए आपको कम से कम 6 महीने से लेकर के 8 महीने तक का समय देना पड़ सकता है। जो कि आपके लिए काफी लंबा समय हो सकता है और लोगों के पास आजकल इतना लंबा समय उपलब्ध नहीं है।

इसलिए बेहतर यही होगा कि आप किसी मार्शल आर्ट ट्रेनिंग एकेडमी को ज्वाइन करें और वहां पर अनुभवी ट्रेनर की देखरेख में ही मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग प्राप्त करें।

मार्शल आर्ट में आपको सारा ध्यान प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर देना होता है और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग आप तभी सही प्रकार से पूरी कर सकते हैं जब आप किसी मार्शल आर्ट ट्रेनिंग अकैडमी में शामिल हो।

मार्शल आर्ट का इतिहास | History of Martial Arts in Hindi

जानकारियों के अनुसार मार्शल आर्ट शब्द की उत्पत्ति 15 वी शताब्दी के आसपास हुई थी, ऐसा कहा जाता है। हालांकि साल 1920 के आसपास में एशिया में चलने वाले युद्ध में इसे शामिल किया गया था।

शुरुआत में इसे युद्ध कला के तौर पर ही अधिकतर लोग जानते थे और इसीलिए मुख्य तौर पर जो लड़ाकू प्रवृत्ति के लोग होते थे, उन्हें ही मार्शल आर्ट सिखाया जाता था। ताकि युद्ध के दरमियान वह सामने वाले विरोधी पर भारी पड़ सके और उसे परास्त कर सके साथ ही अपनी रक्षा भी कर सकें।

हालांकि वर्तमान समय में मार्शल आर्ट को एक्सरसाइज अलग-अलग प्रकार के स्पोर्ट्स और डांस के तौर पर भी पहचाना जाने लगा है।

मार्शल आर्ट के प्रकार | Types of Martial Arts in Hindi

मार्शल आर्ट पर की गई रिसर्च के अनुसार इसके कई प्रकार मौजूद है। दुनियाभर के अलग-अलग इंस्टिट्यूट में और अलग-अलग जगह पर मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाती है अर्थात मार्शल आर्ट सिखाया जाता है। देखा जाए तो मार्शल आर्ट को मुख्य तौर पर 6 प्रकार में बांटा गया है, जिसमें हर मार्शल आर्ट में भी कुछ प्रकार होते हैं।

1: Throwing or Take down Styles

मार्शल आर्ट के इस प्रकार में प्रतियोगिता एक स्थाई अवस्था में आरंभ होता है जिसके अंतर्गत युद्ध के मैदान में टेकडाउन और Throw का इस्तेमाल किया जाता है।

मार्शल आर्ट के इस प्रकार में अधिकतर फेंकने वाली शैली होती है, जिसके अंतर्गत ओवरलैप की महत्वपूर्ण मात्रा होती है परंतु इस प्रकार की शैली में मुख्य फोकस टेकडाउन पर ही होता है। मार्शल आर्ट के इस प्रकार में निम्न प्रकार के मार्शल आर्ट प्रारूप शामिल है।

  • Judo
  • Hapkido
  • Aikido
  • Shuai Jiao

2: Weapons-Based Styles

मार्शल आर्ट के इस प्रकार में हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है जिसके अंतर्गत लकड़ी से निर्मित हुई तलवार का इस्तेमाल होता है। इसमें निम्नलिखित मार्शल आर्ट शामिल होते हैं।

  • Kali
  • Kendo
  • Iaido

3: Striking or Stand-Up Martial Arts Styles

इस प्रकार का मार्शल आर्ट जिस व्यक्ति के द्वारा सीखा जाता है उसे यह बातें सीखने को मिलती है कि कैसे वह अपनी कोहनी, ब्लॉक, किक और घुटने इत्यादि अंगो का इस्तेमाल करके सामने वाले व्यक्ति के हमले से अपना बचाव कर सकता है।

इस प्रकार के मार्शल आर्ट में दूसरी कई शैली भी शामिल होती हैं। स्ट्राइकिंग अथवा स्टैंडअप मार्शल आर्ट स्टाइल में निम्न फॉर्म शामिल होते हैं।

  • Krav Maga
  • Kung-fu
  • Muay Thai
  • Boxing
  • Capoeira
  • Karate
  • KickBoxing
  • Tae Kwon Do
  • Tang Soo Do

4: Grappling or Ground-Fighting Styles

मार्शल आर्ट के इस प्रकार में युद्ध को खत्म करने के लिए सबमिशन होल्ड का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें सामने वाले व्यक्ति से अपना बचाव करते हुए उसे जमीन पर पटकना होता है। ग्राउंड फाइटिंग स्टाइल में निम्न प्रकार के मार्शल आर्ट के प्रारूप होते हैं।

  • Luta Livre
  • Russian Sambo
  • Sumo
  • Brazilian Jiu-Jitsu
  • Catch Wrestling
  • Jujutsu
  • Wrestling

5: Low Impact or Meditative Styles

यह कम प्रभाव वाली शैली होती है और अधिकतर इस प्रकार की शैली की प्रैक्टिस फिटनेस या फिर सांस लेने की तकनीक के लिए की जाती है। इस प्रकार के अंतर्गत निम्नलिखित फॉर्म होते हैं।

  • Baguazhang.
  • Chi Gong-Based Styles.
  • Tai Chi.

6: Hybrid Fighting Styles

वर्तमान समय में मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के द्वारा विभिन्न प्रकार के मिक्स मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग लोगों को दी जा रही है। इस प्रकार से इस प्रकार की जो ट्रेनिंग दी जाती है उसे हाइब्रिड फाइटिंग स्टाइल कहा जाता है जिसके फॉर्म निम्नानुसार है।

  • MMA.
  • Jeet Kune Do.
  • Ninjutsu.
  • Shootfighting.

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भारत के 10 मार्शल आर्ट | Top 10 Martial Arts in Hindi

हमारे देश में मार्शल आर्ट के कई लोकप्रिय प्रकार हैं और कई प्रकार के मार्शल आर्ट सिखाएं भी जाते हैं। भारत ही वह देश है जिसे मार्शल आर्ट का जनक देश कहा जाता है परंतु दुनिया के अधिकतर लोग इस बात को नहीं मानते हैं। हम यहां पर हमारे देश में लोकप्रिय 10 मार्शल आर्ट की जानकारी आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

1: Pari-Khanda

बिहार के राजपूतों के द्वारा इस मार्शल आर्ट की खोज की गई थी जिसके अंतर्गत तलवार और ढाल का इस्तेमाल करके विरोधी व्यक्ति के साथ युद्ध किया जाता था।

वर्तमान के समय में बिहार के कई इलाके अभी भी है। जहां पर इस कला का इस्तेमाल अलग-अलग चरणों में और तकनीक के तौर पर किया जाता है।

2: Silambam

इस प्रकार के मार्शल आर्ट को अलग-अलग राजाओं के द्वारा प्रोत्साहन दिया गया और इसीलिए अलग अलग ऐसे कई शिष्य हुए जिन्होंने इस मार्शल आर्ट को सीखा और इसमें निपुणता हासिल की।

आपातकाल की अवस्था में अपनी स्वयं की रक्षा करने के लिए के लिए इस प्रकार के मार्शल आर्ट को सबसे बढ़िया मार्शल आर्ट माना जाता है। मलेशिया में रहने वाला बच्चा बच्चा इस मार्शल आर्ट से परिचित है।

3: Thang Ta and Sarit Sarak

इस वाले मार्शल आर्ट का उल्लेख 17वीं शताब्दी के आसपास में मिलता है। 17 वीं शताब्दी के आसपास के दरमियान अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए मणिपुर के राजाओं के द्वारा इस मार्शल आर्ट का इस्तेमाल सफलतापूर्वक किया गया था।

बाद में जब अंग्रेजों का राज मणिपुर के अलग-अलग इलाके में हो गया और उन्होंने इस पर प्रतिबंध लगा दिया। परंतु देश आजाद होने के बाद फिर से इस प्रकार के मार्शल आर्ट को सिखाया जाने लगा। इस प्रकार के मार्शल आर्ट में तलवार और भाले का इस्तेमाल होता है‌।

4: Kalaripayattu

इस प्रकार का मार्शल आर्ट केरल में सबसे अधिक लोकप्रिय है और शायद यही वह मार्शल आर्ट है जिसे दुनिया का पहला मार्शल आर्ट कहां जा सकता है।

इस मार्शल आर्ट के जनक के तौर पर भगवान परशुराम जी को श्रेय दिया जाता है। भारत के पड़ोसी देश चाइना में पांचवी शताब्दी के आसपास भारत के 1 राजघराने में पैदा हुए बौद्ध भिक्षु बनकर इस मार्शल आर्ट को किसी व्यक्ति ने चाइना में लेकर के गए।

चीन में जाने के बाद वहां पर शावोलीन नाम के मंदिर में इस मार्शल आर्ट को सिखाने के लिए जगह का चयन किया गया और इस प्रकार से इसी सदी के दरमियान कराटे, जूडो और कुंग फू जैसे मार्शल आर्ट पैदा हुए। इसीलिए कलारी पयट्टू को अलग-अलग प्रकार के मार्शल आर्ट का जनक माना जाता है।

5: Thoda

Thoda हिमाचल प्रदेश से उत्पन्न धनुर्विद्या का रुप है। इसमें लकड़ी के तीर और धनुष का उपयोग किया जाता है। यह Martial Arts खेल और संस्कृति का मिश्रित रुप है। यह Martial Arts खिलाड़ी के तीरंदाजी और निशानेबाजी पर निर्भर करता है। अब यह सिर्फ खेल बनकर रह गया है।

6: Gatka

इस प्रकार के मार्शल आर्ट में हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है और देश के पंजाब राज्य के सिख समुदाय के साथ इसका गहरा संबंध है।

गटका में तलवार, कृपाण और कटार इत्यादि खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल होता है और पंजाब में अक्सर आयोजित होने वाले मेले में इसका प्रदर्शन किया जाता है साथ ही नामधारी सिख इस प्रकार का हथियार साथ में लेकर के चलते हैं।

7: Lathi

पंजाब, बंगाल और उत्तर प्रदेश तथा बिहार से पैदा हुआ लाठी एक प्रकार का स्पेशल मार्शल आर्ट है। इस प्रकार के मार्शल आर्ट में 6 से 8 फुट की बांस की लाठी का इस्तेमाल किया जाता है।

इस प्रकार के मार्शल आर्ट को कर्तव्य वाला मार्शल आर्ट कहा जाता है, क्योंकि इसमें लाठी का इस्तेमाल करके विभिन्न प्रकार के करतब भी दिखाए जाते हैं।

8: Inbuan Wrestling

इसे कुश्ती वाला मार्शल आर्ट कहां जाता है, जिसके नियम काफी कठोर होते हैं। जैसे कि इस नियम के तहत किसी भी खिलाड़ी का पैर सर्कल के बाहर नहीं निकलना चाहिए।

कहा जाता है कि इस मार्शल आर्ट की शुरुआत साल 1750 में की गई थी। हालांकि किसने इसकी शुरुआत की थी, इसके बारे में सटीक तौर पर कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

9: Kuttu Varisai

इसका मतलब खाली हाथ से सामना करना होता है। इस प्रकार के मार्शल आर्ट में हाथों और पैरों का इस्तेमाल करके अपनी खुद की रक्षा की जाती है अथवा किसी अन्य व्यक्ति की सुरक्षा की जाती है। इसके अभ्यास में योगा, जिमनास्टिक और सांस लेने की कसरत की जाती है।

10. Musti Yuddha

इसमें हाथों में कोई भी हथियार नहीं लिया जाता है और अपना हाथ खाली रखते हुए कोहनी, घुटने या फिर धूसे इत्यादि का इस्तेमाल किया जाता है। साल 1960 के बाद में इस प्रकार का मार्शल आर्ट लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।

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मार्शल आर्ट सीखने के लिए बेस्ट यूट्यूब चैनल

वर्तमान के समय में यूट्यूब पर कई चीजें बताई और सिखाई जा रही है। यूट्यूब पर कुछ बेस्ट मार्शल आर्ट चैनल भी मौजूद है जहां से आप बिल्कुल फ्री में मार्शल आर्ट किस प्रकार से सीखा जाता है।

अथवा मार्शल आर्ट कैसे सीखते हैं और मार्शल आर्ट की बारीकियां क्या है के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नीचे कुछ बेस्ट मार्शल आर्ट यूट्यूब चैनल की लिस्ट आपके सामने प्रस्तुत की गई है।

  • मास्टर वोंग यूट्यूब चैनल |
  • कुंग फु एंड ताई ची सेंटर्स डब्ल्यू/जेक  मेस |
  • एमएमए फाइटिंग ऑन एसबीएन |
  • द मॉडर्न मार्शल आर्टिस्ट |
  • एमएटी के-मार्शल आर्ट्स |
  • वर्ल्ड ऑफ मार्शल आर्ट्स टेलीविज़न |
  • मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स न्यूज़ |
  • प्रैक्टिकल कॉम्बैट मार्शल आर्ट्स |
  • आयरन ड्रैगन मार्शल आर्ट्स अकाडेमी एंड फिटनेस |

बेस्ट मार्शल आर्ट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट

देश में मार्शल आर्ट, मार्शल आर्ट सेंटर अथवा मार्शल आर्ट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में सिखाया जाता है। इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप गूगल पर Martial Art class near me सर्च कर सकते हैं जिसके बाद आपको अपने घर के पास में मौजूद अलग-अलग मार्शल आर्ट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के नाम दिखाई देंगे, जिनमें आप एडमिशन ले सकते हैं और मार्शल आर्ट सीखना शुरू कर सकते हैं।

इसके अलावा देश में ऐसे कई बेस्ट मार्शल आर्ट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट है, जहां से आप मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ले सकते हैं। नीचे कुछ ऐसे ही मार्शल आर्ट एकेडमी की लिस्ट आपको दी जा रही है।

  • Kalarikendram Noida, Noida, Utter Pradesh.
  • Bjj India, New Delhi.
  • Mixed Martial Arts MMA Classes, New Delhi, Delhi.
  • Karate Mixed Martial Arts – MMA and Kickboxing Classes, New Delhi, Delhi.
  • UFCA – Ultimate Fitness and Combat Academy, New Delhi, Delhi.
  • Warrior’s Cove Mixed Martial Arts Gurugram, Haryana.
  • Indian School of Martial Arts, Ashram in Arayoor, Kerala.
  • Shaolin Temple, Noida, Utter Pradesh.
  • Contact Combat India, New Delhi, Delhi.
  • Shri Ram Martial Arts School of India, Jaipur, Rajasthan.

मार्शल आर्ट सीखने के बाद कैरियर स्कोप

सही प्रकार से मार्शल आर्ट सीख जाने के पश्चात आपके सामने बेहतरीन कैरियर के ऑप्शन आते हैं जो कि नीचे बताए जा रहे हैं।

  • सही प्रकार से मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग प्राप्त करने के पश्चात आप चाहे तो मार्शल आर्टिस्ट के तौर पर गवर्नमेंट नौकरी पाने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं और अपने प्रयास के दम पर आप सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
  •  मार्शल आर्ट सीखने के पश्चात आप यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूल में इंस्ट्रक्टर की पोस्ट भी प्राप्त कर सकते हैं और शुरुआत में ही अच्छी सैलरी पाने के हकदार बन सकते है।
  • मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग प्राप्त किए हुए लोगों को विभिन्न सिक्योरिटी एजेंसी में नौकरी प्राप्त हो जाती है।
  • आप किसी व्यक्ति के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के तौर पर भी नौकरी पाने के लिए प्रयास कर सकते हैं। इस काम के अंतर्गत आपको उस व्यक्ति की बॉडी की सुरक्षा करनी होती है।
  • आप चाहे तो मार्शल आर्ट सीखने के बाद अपना खुद का मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर भी खोल सकते हैं और वहां पर विद्यार्थियों को या फिर लोगों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देकर के अच्छे पैसे हर महीने कमा सकते हैं।
  •  मार्शल आर्ट सीखने के लिए किसी भी प्रकार की उम्र की सीमा तय नहीं होती है। आपके अंदर बस मार्शल आर्ट सीखने की प्रबल इच्छा होनी चाहिए और आपके पास मार्शल आर्ट सीखने के लिए समय होना चाहिए।
  • मार्शल आर्ट सीखने के बाद आप अपना खुद का यूट्यूब चैनल चालू कर सकते हैं और उस पर मार्शल आर्ट के वीडियो अपलोड करके यूट्यूब मोनेटाइजेशन के द्वारा कमाई कर सकते हैं या फिर अपने ज्ञान को लोगों के साथ बांट सकते हैं।

मार्शल आर्ट सीखने के फायदे

मार्शल आर्ट सीखने के एडवांटेज अथवा मार्शल आर्ट सीखने के लाभ की जानकारी निम्नानुसार है।

  • अगर आप मार्शल आर्ट सीख लेते हैं तो इसकी वजह से आपके आत्मविश्वास में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होती है, क्योंकि आपको यह पता होता है कि आपने एक ऐसी कला सीखी हुई है जिसके द्वारा आप सामने वाले व्यक्ति के द्वारा किए जाने वाले अटैक से अपना बचाव कर सकते हैं।
  • मार्शल आर्ट सीखने के दरमियान और मार्शल आर्ट सीख लेने के पश्चात आपकी चिंता कम हो जाती है और आप हमेशा पॉजिटिव महसूस करते हैं जो आपकी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है।
  • मार्शल आर्ट की वजह से ही आपका फिजिकल स्टैमिना काफी बेहतरीन हो जाता है क्योंकि मार्शल आर्ट के अंतर्गत आपको कंप्लीट बॉडी एरोटिक ट्रेनिंग प्राप्त होती है, जिसकी वजह से आपकी बॉडी का स्टैमिना, ताकत और बैलेंस के साथ ही साथ फ्लैक्सिबिलिटी भी बढ़ती है और इस वजह से आप फीलगुड महसूस करते हैं।
  • मार्शल आर्ट सीखने की वजह से आपका फोकस बढ़ जाता है क्योंकि जब आप मार्शल आर्ट सीखते हैं अथवा मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग प्राप्त करते हैं तो आपको ध्यान लगाने की कॉफी आवश्यकता होती है और आप लगातार ध्यान लगाने की प्रैक्टिस करते रहते हैं। यही वजह है कि मार्शल आर्ट सीखने से आपका कंसंट्रेशन बढ़ता है।
  • मार्शल आर्ट सीखने की वजह से आपका अनुशासन भी डिवेलप होता है।

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मार्शल आर्ट सीखने के नियम

मार्शल आर्ट सीखने के नियम निम्नानुसार है।

  • मार्शल आर्ट सीखने की प्रैक्टिस करने के दरमियान हमेशा ढीले कपड़े पहने ताकि आप आसानी से मूव्स एवम छोर बदल सकें।
  • मार्शल आर्ट सीखने के दरमियान अपना सारा ध्यान सिर्फ मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग पर रखिए।
  • मार्शल आर्ट सीखने के लिए किसी बेस्ट मार्शल आर्ट ट्रेनिंग एकेडमी को ज्वाइन करें और अनुभवी ट्रेनर के द्वारा मार्शल आर्ट की बारीकियों को सीखें।
  • रोजाना कम से कम 1 घंटे मार्शल आर्ट सीखने की प्रैक्टिस अवश्य करें।
  • अगर आपके पास समय है तो आप दैनिक समय को 2 घंटे कर सकते हैं।
  • मार्शल आर्ट सीखने के लिए ट्रेनर के द्वारा जो भी निर्देश दिए जा रहे हैं उनका पालन करें।

FAQ:

मार्शल आर्ट कितने प्रकार के होते हैं ?

मार्शल आर्ट कई प्रकार के होते हैं जिनमें से प्रमुख 6 प्रकार की जानकारी हमने आर्टिकल में उपलब्ध करवाई हुई है।

मार्शल आर्ट का अर्थ क्या है ?

युद्ध की कला

मार्शल आर्ट सीखने के क्या फायदे हैं ?

आप अपनी खुद की रक्षा कर सकते हैं अथवा दूसरे व्यक्ति की शारीरिक सुरक्षा कर सकते हैं। इसके अलावा मार्शल आर्टिस्ट की नौकरी प्राप्त कर सकते हैं या फिर खुद का मार्शल आर्ट ट्रेनिंग एकेडमी ओपन कर सकते हैं अथवा यूट्यूब पर मार्शल आर्ट की वीडियो बना सकते हैं।

मार्शल आर्ट सीखने की सही उम्र क्या है ?

10 साल

मार्शल आर्ट सीखने में कितना समय लगता है ?

प्रोफेशनल मार्शल आर्ट सीखने में 6 से 8 महीने का समय लग सकता है।

घर पर मार्शल आर्ट कैसे सीखे ?

यूट्यूब के मार्शल आर्ट वीडियो के द्वारा

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